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मध्य प्रदेश राज्यसभा उपचुनाव: अधिसूचना जारी, नामांकन प्रक्रिया शुरू — पहले दिन किसी ने नहीं भरा पर्चा, 12 नवंबर को मतदान

सांकेतिक चित्र: मध्य प्रदेश विधानसभा भवन सांकेतिक चित्र: मध्य प्रदेश विधानसभा भवन

भोपाल ब्यूरो

मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट पर होने वाले उपचुनाव की औपचारिक प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही उम्मीदवारों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हालांकि पहले दिन किसी भी उम्मीदवार ने अपना नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया। नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर तय की गई है, और जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। उसी दिन शाम को मतगणना भी होगी।

अधिसूचना जारी होते ही शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया

राज्यसभा की इस सीट के लिए उपचुनाव की अधिसूचना 26 अक्टूबर को जारी कर दी गई। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। नामांकन पत्र मध्य प्रदेश विधानसभा भवन में रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में जमा किए जाएंगे। पहले दिन नामांकन के लिए कोई उम्मीदवार सामने नहीं आया, इसलिए पहले दिन का नामांकन शून्य रहा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं।

पहले दिन कोई पर्चा नहीं, 2 नवंबर तक का मौका

निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार उम्मीदवार 26 अक्टूबर से 2 नवंबर तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्र लोक अवकाश को छोड़कर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक जमा किए जाएंगे। इस तरह नामांकन के लिए अभी कई दिन का समय बाकी है, और पहले दिन कोई पर्चा दाखिल न होना असामान्य नहीं माना जा रहा है। आमतौर पर उम्मीदवार और राजनीतिक दल नामांकन की आखिरी तारीख के करीब अपने पत्ते खोलते हैं। अभी किसी भी दल की ओर से उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है, इसलिए पहले दिन की खामोशी के बाद आने वाले दिनों में हलचल बढ़ने की उम्मीद है।

नामांकन कहां होगा, कौन संभालेगा जिम्मेदारी

उपचुनाव के लिए मध्य प्रदेश विधानसभा के अपर सचिव उमेश शर्मा को रिटर्निंग ऑफिसर बनाया गया है। अपर सचिव मयंक वर्मा सहायक रिटर्निंग ऑफिसर की जिम्मेदारी संभालेंगे। नामांकन और चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया विधानसभा भवन के समिति कक्ष क्रमांक-2 में होगी, जहां निर्वाचन कार्यालय बनाया गया है। उम्मीदवारों को अपना नामांकन पत्र निर्धारित समय और निर्धारित स्थान पर ही जमा करना होगा। नामांकन पत्र के साथ जरूरी दस्तावेज और शपथ पत्र की औपचारिकताएं भी पूरी करनी होंगी।

पूरा चुनाव कार्यक्रम: जांच से मतगणना तक

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर है। इसके बाद 3 नवंबर को दोपहर 2 बजे नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। जांच में नामांकन पत्र सही पाए जाने पर ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में बने रहेंगे। उम्मीदवारों के पास नाम वापस लेने के लिए 5 नवंबर को दोपहर 3 बजे तक का समय रहेगा। नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद ही चुनाव मैदान की अंतिम तस्वीर साफ होगी।

यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं और मतदान जरूरी होता है, तो 12 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। मतदान के बाद उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी। चुनाव की पूरी प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी कर ली जाएगी। यदि केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में रहता है, तो मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी और संबंधित उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया जा सकेगा।

सीट खाली कैसे हुई

राज्यसभा की यह सीट डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है। मुरुगन अप्रैल 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उन्होंने 14 अक्टूबर 2026 को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से भी इस्तीफा दिया था। उनका राज्यसभा कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। अब उपचुनाव में निर्वाचित होने वाले सदस्य का कार्यकाल भी इसी शेष अवधि तक रहेगा। यानी नए सदस्य को पूरा छह साल का कार्यकाल नहीं, बल्कि शेष कार्यकाल मिलेगा।

कौन चुनता है राज्यसभा सदस्य, कैसे होता है मतदान

राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव सीधे जनता नहीं करती। राज्यसभा के लिए संबंधित राज्य की विधानसभा के सदस्य मतदान करते हैं। इस उपचुनाव में भी मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य ही मतदाता होंगे। राज्यसभा चुनाव में वरीयता आधारित मतदान व्यवस्था लागू होती है, जिसमें मतदाता अपनी पसंद के क्रम के अनुसार उम्मीदवारों को वरीयता देते हैं। निर्वाचन आयोग ने इस चुनाव में मतदान की गोपनीयता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्था भी की है। मतदाता को वरीयता अंकित करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से दिए गए निर्धारित रंग के स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना होगा। इसके साथ ही निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने के लिए पर्यवेक्षक की नियुक्ति की व्यवस्था भी की गई है।

राजनीतिक दृष्टि से क्यों अहम है यह उपचुनाव

मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्यसभा में हर सीट का अपना महत्व होता है, क्योंकि उच्च सदन में विधेयकों पर चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया में सदस्यों की भूमिका अहम रहती है। इस सीट पर किस उम्मीदवार को मौका मिलता है और चुनावी समीकरण किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। हालांकि उम्मीदवारों को लेकर अंतिम तस्वीर नामांकन और संबंधित राजनीतिक दलों के फैसलों के बाद ही स्पष्ट होगी। अभी तक किसी दल ने अपने उम्मीदवार के नाम की औपचारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए अटकलों से आगे बढ़कर किसी नाम पर मुहर लगाना जल्दबाजी होगी।

आगे क्या होगा

अब उपचुनाव की प्रक्रिया अपने अगले पड़ाव की ओर बढ़ेगी। 2 नवंबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 5 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद यह साफ हो जाएगा कि चुनाव में कितने उम्मीदवार मैदान में हैं और मतदान की जरूरत पड़ेगी या नहीं। यदि मतदान होता है, तो 12 नवंबर को विधानसभा परिसर में मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। इस तरह नवंबर के दूसरे सप्ताह तक मध्य प्रदेश को राज्यसभा में अपना नया सदस्य मिल जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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