डेस्क रिपोर्ट।
सार: सर्दी में गले की देखभाल — ठंडी और शुष्क हवा, धूल और धुएं से गले में खराश और खांसी की शिकायत बढ़ जाती है — गुनगुना पानी, भाप और कुछ सरल आदतों से गले को आराम दिया जा सकता है।
सर्दी आते ही गला सबसे पहले असर दिखाता है। सुबह उठते ही गले में खराश, बोलते समय तकलीफ और रात को सूखी खांसी — ये सब सर्दी में आम शिकायतें हैं। अच्छी बात यह है कि गले की देखभाल के लिए किसी महंगे उपाय की जरूरत नहीं है; दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव ही काफी हैं।
सर्दी में गला क्यों खराब होता है
सर्दी में हवा शुष्क हो जाती है और ठंडी हवा सीधे गले को प्रभावित करती है। घरों में हीटर या अंगीठी की गर्म हवा भी नमी कम कर देती है। धूल, धुआं और ठंडे पेय गले की तकलीफ बढ़ा सकते हैं। ज्यादा बोलने, चिल्लाने या गला साफ करने की आदत से भी गले पर दबाव पड़ता है। यही वजह है कि सर्दी में गले में खराश, जलन और खांसी महसूस होती है।
सर्दी में गले की देखभाल: गुनगुना पानी और भाप
सर्दी में गले की देखभाल के लिए गुनगुना पानी सबसे सरल उपाय है। दिनभर थोड़ा-थोड़ा गुनगुना पानी पीने से गला नम रहता है। सुबह-शाम गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करना गले की खराश में आराम दे सकता है। भाप लेना भी नाक और गले की जकड़न को कम करने में मदद करता है — गरम पानी के बर्तन से निकलती भाप को कुछ मिनट तक धीरे-धीरे लें। सेहत पर जानकारी के अनुसार मौसमी फल और सही खानपान भी सर्दी में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को सहारा देते हैं।

गले की खराश से बचने की सही आदतें
गले की खराश से बचने के लिए ठंडे पेय और बहुत ठंडी चीजों से दूरी रखें। शहद और अदरक का गुनगुना पानी पारंपरिक रूप से गले की देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रात को सोते समय गले को ठंडी हवा से बचाएं — हल्का मफलर या गले को ढककर रखना मदद कर सकता है। ज्यादा देर तक जोर से बोलने से बचें और गला साफ करने की आदत को कम करें। धूल और धुएं वाली जगह पर मास्क पहनना भी गले की रक्षा कर सकता है।
कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए
अगर गले की खराश तीन-चार दिन से ज्यादा बनी रहे, बुखार आ जाए, निगलने में ज्यादा तकलीफ हो या आवाज लंबे समय तक बैठी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। घरेलू उपाय सामान्य तकलीफ में आराम दे सकते हैं, पर लंबे समय तक चलने वाली खांसी या गले की तकलीफ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों की गले की तकलीफ पर खास ध्यान दें।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है, किसी बीमारी का इलाज नहीं। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लें।
