नई दिल्ली ब्यूरो। नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीजन में ठेलेवालों, रेहड़ी-पटरी वालों, कुम्हारों और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का पहरा रहेगा। आयोग ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए हैं कि त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडरों को बेवजह न हटाया जाए और उनकी आजीविका न छीनी जाए।
आयोग के अनुसार पिछले साल त्योहारी सीजन में कई शहरों से स्थानीय वेंडरों को बेवजह हटाने, उनका सामान जब्त करने, जुर्माना लगाने और परेशान करने की शिकायतें मिली थीं। आयोग की एक पीठ ने स्वतः संज्ञान लेकर राज्यों और स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई को कहा था। इस साल फिर हस्तक्षेप की जरूरत महसूस होने पर आयोग ने ताजा निर्देश जारी किए हैं।
सुरक्षा कारण से हटाया तो वैकल्पिक जगह देनी होगी
निर्देशों के मुताबिक नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान स्थानीय वेंडरों को बेवजह नहीं हटाया जाएगा। जहां आग-सुरक्षा या जन-सुरक्षा के कारण स्थान खाली कराना जरूरी हो, वहां वेंडरों को उपयुक्त वैकल्पिक विक्रय स्थान उपलब्ध कराना होगा। वेंडरों का सामान मनमाने ढंग से जब्त नहीं किया जाएगा और उत्पीड़न या वसूली की शिकायतों पर कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
‘वोकल फॉर लोकल’ को बढ़ावा
आयोग ने स्थानीय प्रशासन से ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के तहत स्थानीय वेंडरों, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय स्तर पर बने उत्पादों को बढ़ावा देने को भी कहा है। सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इन निर्देशों का जिला अधिकारियों, नगर निकायों, पुलिस और संबंधित अधिकारियों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने लंबित मामलों में 18 अक्टूबर 2026 तक एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स (सांकेतिक तस्वीर)
