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भोपाल में आईटीआई से पिपलानी तक का मार्ग 22 दिन बंद: मेट्रो निर्माण के कारण 27 अक्टूबर से 17 नवंबर तक डायवर्जन, जानें भारी-हल्के वाहनों के बदले रूट

सांकेतिक चित्र: मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात सांकेतिक चित्र: मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात

भोपाल ब्यूरो

सार: भोपाल में मेट्रो निर्माण के कारण आज, 27 अक्टूबर से आईटीआई तिराहा से पिपलानी पेट्रोल पंप तिराहा तक का मार्ग 22 दिन के लिए बंद कर दिया गया है। यह व्यवस्था 17 नवंबर तक लागू रहेगी। इस भोपाल मेट्रो डायवर्जन के दौरान भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं, इसलिए इस ओर यात्रा करने से पहले बदले हुए रूट जरूर जान लें।

भोपाल मेट्रो डायवर्जन: 22 दिन क्या-क्या बदला

भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण कार्य के चलते शहर के एक व्यस्त मार्ग पर भोपाल मेट्रो डायवर्जन लागू कर दिया गया है। आईटीआई तिराहा से पिपलानी पेट्रोल पंप तिराहा के बीच का मार्ग 27 अक्टूबर से 17 नवंबर तक बंद रहेगा। यातायात पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग तय किए हैं। इस मार्ग का रोजाना इस्तेमाल करने वाले वाहन चालकों को अगले 22 दिन बदले हुए रास्तों से ही आना-जाना होगा।

यह बदलाव अचानक नहीं हुआ है। यातायात पुलिस ने पहले ही इस डायवर्जन की जानकारी सार्वजनिक कर दी थी, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना पहले से बना सकें। मेट्रो निर्माण के इस चरण में गोविंदपुरा भेल क्षेत्र का काम तेज किया जा रहा है, और इसी कारण इस खंड पर आवाजाही रोकना जरूरी हो गया है।

क्यों बंद हुआ आईटीआई से पिपलानी तक का मार्ग

मेट्रो रेल परियोजना के तहत इस क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा है। पिलर और बैरिकेड्स लगने के कारण सड़क काफी संकरी हो गई है। जगह कम होने से यहां रोजाना जाम लगने की स्थिति बन रही थी। निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सके और लोगों की आवाजाही में परेशानी कम हो, इसलिए इस मार्ग को 22 दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया गया है।

यातायात पुलिस का कहना है कि डायवर्जन के दौरान वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। यानी इस खंड से होकर सीधे गुजरना संभव नहीं होगा। वाहन चालकों को तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है, क्योंकि निर्माण क्षेत्र में भारी मशीनों और सामग्री की आवाजाही भी होती रहती है।

प्रभात चौराहा से पिपलानी की ओर जाने वाले वाहन

प्रभात चौराहा से जेके रोड, मिनाल और पिपलानी पेट्रोल पंप तिराहे की ओर जाने वाले सभी प्रकार के वाहन आईटीआई तिराहा पुलिया से पहले गोविंदपुरा इंडस्ट्रियल एरिया सेक्टर सी से होकर जा सकेंगे। वहां से अनंत श्री अस्पताल के पास से मुड़कर पिपलानी पेट्रोल पंप चौराहे की ओर पहुंचा जा सकेगा। यह रूट सभी प्रकार के वाहनों के लिए तय किया गया है।

प्रभात चौराहा से गोविंदपुरा और अवधपुरी की ओर जाने वाले हल्के वाहन और दोपहिया वाहन अलग रास्ते से जाएंगे। वे आईटीआई तिराहे से दाएं मुड़कर हेमा स्कूल तिराहे से होते हुए अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। यानी हल्के वाहनों को गोविंदपुरा-अवधपुरी दिशा में छोटा और सीधा वैकल्पिक मार्ग दिया गया है।

इस दिशा में यात्रा करने वालों को ध्यान रखना होगा कि आईटीआई तिराहा पुलिया से पहले ही उन्हें वैकल्पिक मार्ग पर मुड़ना है। पुलिया तक पहुंचकर आगे बढ़ने की कोशिश करने पर उन्हें वापस लौटना पड़ सकता है, जिससे समय भी खराब होगा और जाम की स्थिति भी बन सकती है।

सांकेतिक चित्र: मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात
सांकेतिक चित्र: मेट्रो निर्माण के दौरान यातायात

पिपलानी से प्रभात चौराहा की ओर जाने वाले वाहन

पिपलानी पेट्रोल पंप तिराहे से प्रभात चौराहा की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए अलग रूट तय किया गया है। भारी वाहन पिपलानी पेट्रोल पंप से बाएं मुड़कर पिपलानी थाने के सामने से होते हुए महात्मा गांधी चौराहे से दाएं मुड़ेंगे। वहां से कैरियर कॉलेज तिराहा होते हुए आईटीआई तिराहा, प्रभात चौराहा और नर्मदापुरम रोड की ओर जा सकेंगे।

हल्के वाहन और दोपहिया वाहन पिपलानी पेट्रोल पंप तिराहे से प्रभात चौराहा की ओर जुबली गेट बीएचईएल से बाएं मुड़कर जाएंगे। वहां से बरखेडा चौराहे से दाएं मुड़कर कैरियर कॉलेज तिराहा होते हुए आईटीआई तिराहा, प्रभात चौराहा और नर्मदापुरम रोड की ओर पहुंचा जा सकेगा।

भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग रूट तय करने का मकसद वैकल्पिक मार्गों पर दबाव कम करना है। अगर सभी वाहन एक ही रास्ते से गुजरेंगे तो उन मार्गों पर भी जाम लग जाएगा। इसलिए वाहन चालकों को अपने वाहन की श्रेणी के अनुसार ही तय रूट का पालन करना चाहिए।

किन इलाकों के लोगों पर पड़ेगा असर

इस डायवर्जन का असर प्रभात चौराहा, जेके रोड, मिनाल, गोविंदपुरा, अवधपुरी, पिपलानी और नर्मदापुरम रोड की ओर आने-जाने वाले लोगों पर पड़ेगा। गोविंदपुरा भेल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों, आसपास के मोहल्लों के निवासियों और इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा में अतिरिक्त समय जोड़कर चलना होगा।

दफ्तर, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को सुबह और शाम के व्यस्त समय में विशेष ध्यान रखना होगा। वैकल्पिक मार्ग सामान्य मार्ग से थोड़े लंबे हो सकते हैं, इसलिए घर से कुछ मिनट पहले निकलना समझदारी होगी। जो लोग पहली बार इस ओर जा रहे हैं, वे रास्ता पूछने या मानचित्र की मदद लेने के बजाय तय किए गए चौराहों के नाम याद रख लें, ताकि भटकना न पड़े।

यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यातायात पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें और यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। डायवर्जन वाले क्षेत्र में जल्दबाजी में गलत दिशा से निकलने की कोशिश न करें। इससे न केवल खुद की यात्रा बाधित होगी, बल्कि दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी होगी।

किसी तरह की असुविधा होने पर यातायात पुलिस के दूरभाष नंबर 0755-2677340 पर संपर्क किया जा सकता है। व्हाट्सऐप नंबर 7587602055 पर भी जानकारी दी जा सकती है। यातायात पुलिस ने कहा है कि वह लोगों को सुगम और सुरक्षित यातायात प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

वाहन चालकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि इस भोपाल मेट्रो डायवर्जन की अवधि में वैकल्पिक मार्गों पर भी सामान्य से अधिक वाहन होंगे। इसलिए धैर्य बनाए रखें, निर्धारित गति से चलें और पैदल चलने वालों का विशेष ध्यान रखें। निर्माण क्षेत्र के पास से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें।

दिवाली के समय विशेष सावधानी जरूरी

दिवाली का त्योहार नजदीक है और इस दौरान शहर में आवाजाही बढ़ जाती है। लोग खरीदारी, रिश्तेदारों से मिलने और त्योहार की तैयारियों के लिए अधिक यात्रा करते हैं। ऐसे समय में किसी मार्ग के बंद होने का असर और अधिक महसूस होता है। इसलिए त्योहार के दिनों में इस ओर यात्रा करने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें।

शाम के समय बाजारों और मुख्य चौराहों पर भीड़ बढ़ जाती है। अगर आपकी यात्रा पिपलानी-आईटीआई खंड से होकर गुजरती है, तो वैकल्पिक मार्ग के लिए अतिरिक्त समय रखें। रात के समय भी तय रूट का ही पालन करें, क्योंकि डायवर्जन रात-दिन लागू रहता है।

17 नवंबर के बाद क्या होगा

भोपाल मेट्रो डायवर्जन की यह व्यवस्था 17 नवंबर तक लागू रहेगी। मेट्रो का काम पूरा होते ही इस मार्ग पर सामान्य आवाजाही फिर शुरू हो जाएगी। तब तक लोगों को वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करना होगा। यातायात पुलिस समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करती रहती है और जरूरत पड़ने पर आगे की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।

मेट्रो परियोजना शहर के लिए लंबे समय का लाभ लेकर आएगी, लेकिन निर्माण के दौरान कुछ समय की असुविधा स्वाभाविक है। इस दौर में धैर्य और नियमों का पालन ही सबसे बड़ा सहयोग है। सही रूट की जानकारी और थोड़ी सी पहले की तैयारी से यात्रा को काफी आसान बनाया जा सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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