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भोपाल में कार्बाइड गन, तोप और लैंप पर 2 महीने की रोक: पुलिस आयुक्त ने जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

सांकेतिक चित्र: दिवाली पर पटाखे सांकेतिक चित्र: दिवाली पर पटाखे

भोपाल ब्यूरो

दिवाली और आगामी त्योहारों से पहले भोपाल में सुरक्षा को लेकर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस आयुक्त ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है, जिसमें कार्बाइड गन और धमाका करने वाले इसी तरह के खतरनाक उपकरणों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। यह भोपाल कार्बाइड गन प्रतिबंध शहर में त्योहारों के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के उद्देश्य से लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के उपकरणों से लोगों के घायल होने, आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचने, आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा रहता है, इसलिए पहले से ही सख्त कदम उठाना जरूरी था।

भोपाल कार्बाइड गन प्रतिबंध: आदेश में क्या कहा गया है

पुलिस आयुक्त का आदेश के अनुसार, लोहे, स्टील या पीवीसी पाइप में विस्फोटक अथवा ज्वलनशील पदार्थ भरकर तेज धमाका करने वाले उपकरणों का निर्माण और इस्तेमाल गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इनमें कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप, कार्बाइड लैंप और इसी तरह के अन्य उपकरण शामिल हैं। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे उपकरणों को तैयार करने, उनमें बदलाव करने, मरम्मत करने या जोड़ने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी इस आदेश का मकसद त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। आदेश में यह बात भी दर्ज है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले बाजारों, रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में आसपास मौजूद लोगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकता है।

किन उपकरणों पर लगी है रोक

प्रतिबंध के दायरे में कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप और कार्बाइड लैंप के साथ-साथ इसी तरह धमाका करने वाले अन्य उपकरण भी आते हैं। इनके अवैध निर्माण, संयोजन, रूपांतरण, मरम्मत और असेंबलिंग पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा इन उपकरणों को खरीदने-बेचने, बिक्री के लिए दुकान पर प्रदर्शित करने, वितरण करने, भंडारण करने और आपूर्ति करने जैसी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि न तो कोई व्यक्ति इस तरह का उपकरण बना सकेगा, न बेच सकेगा और न ही अपने पास रखकर इसका इस्तेमाल कर सकेगा। दुकानदारों के लिए भी यह आदेश साफ संदेश है कि त्योहारों के मौसम में इस तरह के उपकरणों का कारोबार नहीं किया जा सकता। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि विस्फोटक पदार्थ भरकर बनाए जाने वाले ये उपकरण बच्चों और आम लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहे हैं, इसलिए इन पर पूरी तरह से रोक लगाना जरूरी हो गया था।

कब तक लागू रहेगा यह आदेश

यह प्रतिबंधात्मक आदेश 26 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ है और अगले 2 महीने तक प्रभावी रहेगा। यानी दिवाली के पूरे त्योहार काल के साथ-साथ उसके बाद के समय में भी यह भोपाल कार्बाइड गन प्रतिबंध जारी रहेगा। पुलिस का मानना है कि त्योहारों के दौरान इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बढ़ जाता है, इसलिए इतनी लंबी अवधि के लिए आदेश जारी किया गया है। दो महीने की यह अवधि इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि दिवाली के बाद भी कई त्योहार और सार्वजनिक आयोजन होते हैं, जिनमें भीड़ जुटती है और इस तरह के उपकरणों के इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है। आदेश की अवधि पूरी होने तक पुलिस और प्रशासन की ओर से इस पर निगरानी रखी जाएगी, ताकि रोक का पालन सुनिश्चित हो सके।

नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी

आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति कार्बाइड गन बनाते, बेचते, मरम्मत करते या इस्तेमाल करते पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। धारा 223 का संबंध किसी लोक सेवक द्वारा विधिपूर्वक प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा से है, और इसके तहत कार्रवाई का प्रावधान है। पुलिस ने यह भी कहा है कि प्रतिबंधित उपकरणों से जुड़ी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान किसी भी संभावित हादसे को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, इसलिए इस आदेश के पालन को लेकर सख्ती बरती जाएगी।

पिछले साल के आंकड़े: 186 लोगों की आंखों में चोट

इस आदेश के पीछे पिछले साल दिवाली के दौरान सामने आए आंकड़े बड़ी वजह बने हैं। भोपाल में दिवाली 2025 के दौरान कार्बाइड गन और पटाखों से जुड़ी घटनाओं में आंखों की चोट के 186 मामले सामने आए थे। इनमें से 15 मरीजों को आंखों के उपचार के लिए सर्जरी करानी पड़ी थी। प्रशासन की ओर से उस दौरान 55 कार्बाइड गन जब्त की गई थीं। ये आंकड़े बताते हैं कि यह समस्या केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर साल त्योहारों के समय बड़ी संख्या में लोग इसकी चपेट में आते हैं। आंखों की चोट का असर कई बार स्थायी भी हो सकता है, इसलिए पुलिस और प्रशासन ने इस बार त्योहारों से पहले ही रोक लगाने का फैसला किया है। पिछले साल की घटनाओं के बाद प्रशासन ने कार्बाइड गन और अवैध विस्फोटक उपकरणों पर सख्ती की थी, और इस बार जारी आदेश को उसी कड़ी में त्योहारों के दौरान ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

सांकेतिक चित्र: दिवाली पर पटाखे
सांकेतिक चित्र: दिवाली पर पटाखे

बच्चों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में ज्यादा खतरा

पुलिस के अनुसार, इन उपकरणों के इस्तेमाल से बच्चों की मौजूदगी वाले स्थानों पर खतरा विशेष रूप से बढ़ जाता है। बच्चे अक्सर बिना खतरे को समझे इस तरह के उपकरणों के पास चले जाते हैं, और अचानक हुए धमाके से वे गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं। भीड़भाड़ वाले बाजारों, रिहायशी इलाकों और संकरी गलियों में भी इसका इस्तेमाल आसपास मौजूद लोगों के लिए जोखिम पैदा करता है, क्योंकि धमाके की आवाज और उससे निकलने वाली चीजें दूर तक असर डाल सकती हैं। त्योहारों के समय बाजारों में भीड़ सबसे ज्यादा होती है, और ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है। यही वजह है कि पुलिस ने लोगों से अपील के साथ-साथ सख्त आदेश का रास्ता भी अपनाया है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करने से पहले इसके कानूनी नतीजों को समझ सके।

राज्य स्तर की रोक से कैसे जुड़ा है यह आदेश

गौरतलब है कि राज्य स्तर पर कार्बाइड गन पर रोक पहले ही लगाई जा चुकी है, और इस विषय पर पहले भी कार्रवाई की जा चुकी है। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट का यह नया आदेश उसी दिशा में शहर के स्तर पर उठाया गया एक ठोस कदम है, जिसमें रोक की अवधि, दायरा और उल्लंघन पर कार्रवाई को स्पष्ट रूप से तय किया गया है। राज्य स्तर के फैसले और शहर के इस आदेश में फर्क यह है कि भोपाल का आदेश सीधे तौर पर शहर के पुलिस कमिश्नरेट की ओर से जारी किया गया है और यह भोपाल शहर की सीमा में लागू होगा। इससे शहर में इस रोक को लागू करना और इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना आसान होगा। पटाखों को लेकर अदालत के संकेत भी हाल के दिनों में चर्चा में रहे हैं, जिनमें सुरक्षित और नियमानुसार त्योहार मनाने पर जोर दिया गया है।

आम लोगों और दुकानदारों को क्या करना चाहिए

आम लोगों के लिए इस आदेश का सीधा मतलब यह है कि वे कार्बाइड गन, कार्बाइड तोप या कार्बाइड लैंप न खरीदें, न बनाएं और न ही इनका इस्तेमाल करें। अगर किसी के पास पहले से इस तरह का उपकरण है, तो उसे इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। दुकानदारों को भी यह ध्यान रखना होगा कि वे इस तरह के उपकरणों को न तो बिक्री के लिए रखें और न ही किसी को बेचें। माता-पिता को विशेष रूप से यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चे त्योहारों के दौरान इस तरह के खतरनाक उपकरणों के संपर्क में न आएं। अगर किसी इलाके में इस तरह के उपकरणों की बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो लोग पुलिस को इसकी सूचना दे सकते हैं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके और किसी हादसे से बचा जा सके। सुरक्षित दिवाली मनाने के लिए लोगों को नियमानुसार और सुरक्षित तरीकों को अपनाना चाहिए, ताकि त्योहार खुशियों के साथ बीते, न कि किसी हादसे की खबर के साथ।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में पुलिस की ओर से इस भोपाल कार्बाइड गन प्रतिबंध के पालन पर नजर रखी जाएगी। त्योहारों के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में इस तरह के उपकरणों की बिक्री और इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दो महीने की अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन स्थिति की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, इस आदेश से यह उम्मीद की जा रही है कि इस बार दिवाली के दौरान पिछले साल जैसे हादसों की पुनरावृत्ति नहीं होगी और लोग सुरक्षित तरीके से त्योहार मना सकेंगे। पुलिस कमिश्नरेट ने त्योहारों के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है, और इसका पालन सभी लोगों के हित में है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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