भोपाल ब्यूरो। बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन है — आज मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना करने वाली मां कूष्मांडा रोग-शोक दूर करती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार नवरात्रि में किए गए उपाय कई गुना अधिक फलदायी माने जाते हैं। ऐसे में आज हम बता रहे हैं धन प्राप्ति के 7 ऐसे अचूक उपाय, जिनके बारे में मान्यता है कि इनसे धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
1. कमलगट्टे की माला से जप और तिजोरी में स्थापना
कमलगट्टा यानी कमल के बीज मां लक्ष्मी को विशेष प्रिय माने जाते हैं। मान्यता है कि इनमें सकारात्मक ऊर्जा होती है, जो धन आगमन के रास्ते खोल सकती है। विधि के अनुसार 108 दानों की माला का पानी, कच्चे दूध और केसर के तिलक से शुद्धिकरण किया जाता है, फिर घी का दीपक जलाकर संकल्प के साथ मंत्र जप किया जाता है। मान्यता है कि जप के बाद इस माला को तिजोरी या लॉकर में रखने से धन की कमी नहीं होती।
2. पीली कौड़ी, कमलगट्टा और गोमती चक्र की पोटली
मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय मां लक्ष्मी के साथ कौड़ियां भी प्रकट हुई थीं, इसलिए कौड़ी को मां लक्ष्मी का सहोदर माना जाता है। विधि: 5 पीली कौड़ियां, 5 कमलगट्टे और 1 गोमती चक्र लें — गंगाजल से शुद्ध करके केसर-कुमकुम का तिलक करें। घी का दीपक जलाकर 108 बार महालक्ष्मी मंत्र का जप करें और फिर इन सबको लाल कपड़े की पोटली बनाकर तिजोरी या दुकान के गल्ले में उत्तर दिशा की ओर रखें। मान्यता है कि इससे बचत बढ़ती है, व्यापार में नकदी प्रवाह बढ़ता है और कर्ज चुकता होने में मदद मिलती है।
3. गोमती चक्र पर महालक्ष्मी का नाम लिखकर पूजा
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शाम को लक्ष्मी-कुबेर पूजन में 5 गोमती चक्र लिए जाते हैं। इन पर चंदन या केसर से महालक्ष्मी का नाम लिखा जाता है और विधिवत पूजा की जाती है। इसके बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या अलमारी में रखा जाता है। मान्यता है कि इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।
4. घी का दीपक — पूजा स्थान और तुलसी के पास
रोजाना पूजा स्थान पर घी का दीप जलाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में समृद्धि का वातावरण बनता है। नवरात्रि में यह उपाय विशेष फलदायी माना जाता है।
5. कमल के फूल, खीर का भोग और श्रृंगार सामग्री अर्पण
कमल का फूल मां लक्ष्मी को सबसे प्रिय माना जाता है। मान्यता है कि नवरात्रि में मां लक्ष्मी को कमल के फूल अर्पित करने और खीर का भोग लगाने से धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसके अलावा श्रृंगार का सामान अर्पित करने की भी परंपरा है। एक परंपरागत मान्यता यह भी है कि मां लक्ष्मी की पूजा में तुलसी का पत्ता नहीं चढ़ाया जाता।
6. हल्दी के उपाय
हल्दी को समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। एक विधि के अनुसार हल्दी का घोल बनाकर घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर पैरों के निशान और स्वास्तिक बनाए जाते हैं, फिर मां लक्ष्मी का ध्यान किया जाता है — मान्यता है कि इससे धन की परेशानी नहीं होती। एक अन्य उपाय में छोटा मिट्टी का कलश चावलों से भरकर ऊपर 1 रुपये का सिक्का और हल्दी की गांठ रखी जाती है। इसकी लक्ष्मी पूजा के बाद इसे मंदिर में पुजारी को दान कर दिया जाता है। मान्यता है कि इससे धन-संपदा में बढ़ोतरी हो सकती है।
7. दान और चांदी का सिक्का
नवरात्रि में किया गया दान कई गुना फलदायी माना जाता है। सफेद चावल, चीनी, सफेद वस्त्र और दूध-दही का दान शुभ माना जाता है — मान्यता है कि इससे धन की आवक के रास्ते खुलते हैं। चांदी के सिक्के से जुड़ी मान्यता के अनुसार मिट्टी के पात्र में लाल कपड़े में चांदी का सिक्का बांधकर ऊपर गेहूं या चावल रखा जाता है और इसे घर के वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) में रखा जाता है — मान्यता है कि इससे आय और भाग्य में वृद्धि हो सकती है।
ये उपाय धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। इनसे किसी प्रकार के लाभ की गारंटी नहीं दी जाती।
