भोपाल ब्यूरो। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।
अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण
मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती
शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये, कक्षा 1 से 8 तक के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को डीबीटी के माध्यम से गणवेश की राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा लोक स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढीकरण और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय के निर्माण के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये और छिन्दवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।
सड़क और अधोसंरचना
अधोसंरचना विस्तार के तहत 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग के 4-लेन निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। भूमि के अंतरण पर उपकर के ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना की निरंतरता के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।
सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता
दतिया की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये, नीमच की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये, सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये और सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,052 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावासों और आश्रमों में रहवासियों के लिए एक रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण, मउगंज, छिन्दवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालयों के लिए 12 नवीन पदों के सृजन, विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये, न्यायालयों के निर्वाह पत्र तामिल योजना की निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रुपये तथा वनोपज एवं खनिज परिवहन के अभिवहन शुल्क की नई दरों का अनुमोदन भी मंत्रि-परिषद ने किया।
