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आज 11 बजे संसद से चुनाव आयोग तक ’19 पार्टियों’ का मार्च: सीईसी की कुर्सी पर विपक्ष का सबसे बड़ा हमला

राहुल गांधी (फ़ाइल फोटो)

दिल्ली ब्यूरो। देश की राजनीति में आज बड़ा दिन है। विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की 19 पार्टियों के सांसद आज सुबह 11 बजे संसद भवन से चुनाव आयोग मुख्यालय (निर्वाचन सदन) तक मार्च करेंगे। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोमवार को ऐलान किया था कि सभी विपक्षी सांसद सुबह 10:30 बजे मकर द्वार पर जुटेंगे और 11 बजे शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा।

संसद भवन, नई दिल्ली
संसद भवन, नई दिल्ली — फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स / संसदीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार (GODL-India), फाइल फोटो

विपक्ष की मांगें क्या हैं

इंडिया ब्लॉक की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की है। इसके साथ विपक्ष ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से पहले की मतदाता सूची पर ही भविष्य के चुनाव कराने, ईवीएम के बजाय बैलट पेपर से मतदान कराने और मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के लिए प्रभावी अपील व्यवस्था की मांग रखी है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 30 सितंबर की बैठक के बाद कहा था कि असली मतदाताओं को तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से सूची से बाहर होने से बचाना भी विपक्ष की प्रमुख मांग है। दैनिक भास्कर के लाइव अपडेट के अनुसार आज का मार्च इसी अभियान का केंद्रबिंदु है।

क्यों भड़का है विवाद

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के एसआईआर में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और करीब 13 करोड़ नाम काटे गए — हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज किया है। विवाद की जड़ 23 सितंबर की वह रिपोर्ट है, जिसमें दावा किया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीनों में 14 बार एसआईआर के फैसलों पर आपत्ति जताई थी, जिनमें फॉर्म-6 में बदलाव भी शामिल थे। चुनाव आयोग का कहना है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए और सुप्रीम कोर्ट ने मई 2026 में एसआईआर को वैध ठहराया था। सीईसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।

कौन-कौन शामिल होगा, आगे क्या

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी के शामिल होने की उम्मीद है। यह मार्च 2 से 8 अक्टूबर तक चल रहे “लोकतंत्र बचाओ” अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत जिला स्तर पर पदयात्राएं हो रही हैं। इंडिया ब्लॉक के नेता अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलकर अपनी चिंताएं रखेंगे।

भाजपा का जवाब

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 30 सितंबर को विपक्ष के आरोपों पर कहा था — “जीत जाएं तो लोकतंत्र जिंदाबाद, हार जाएं तो चुनाव आयोग मुर्दाबाद” — और इसे “हार के बाद की कुंठा” करार दिया था। भाजपा का कहना है कि विपक्ष हार की हताशा में संस्थाओं पर सवाल उठा रहा है।

मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद से निर्वाचन सदन तक के रास्ते पर सुरक्षा बढ़ा दी है। जयराम रमेश ने कहा है कि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा। गौरतलब है कि आज ही 6 सीटों पर उपचुनाव की वोटिंग भी जारी है।

फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स / हिमांशु आर्य खोवाल (CC BY 4.0) — फाइल फोटो

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