भोपाल ब्यूरो
सार: 9 नवंबर 2026 को गोवर्धन पर्व के अवसर पर प्रदेशभर में गौ-पूजन एवं पशुपालक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भोपाल के रवींद्र भवन में दोपहर 12:30 बजे से राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा, जिसमें गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के विजेता पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाएगा और प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित 5.51 लाख गोवंश के भरण-पोषण के लिए 60 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी।
मध्यप्रदेश सरकार 9 नवंबर को गोवर्धन पर्व मनाएगी। इस अवसर पर गौ-पूजन एवं पशुपालक सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में रवींद्र भवन भोपाल में दोपहर 12:30 बजे से राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। पशुपालन एवं डेयरी विभाग, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता के विजयी पशुपालकों को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी गौ-पूजन और पशुपालक सम्मान कार्यक्रम आयोजित होंगे।
राज्य स्तरीय कार्यक्रम: रवींद्र भवन में दोपहर 12:30 बजे से
राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के रवींद्र भवन में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम दोपहर 12:30 बजे से शुरू होगा। इसका आयोजन पशुपालन एवं डेयरी विभाग, श्रीकृष्ण पाथेय न्यास एवं संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम में गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिता के विजयी पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी इसी दिन गौ-पूजन और पशुपालक सम्मान कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिससे यह आयोजन केवल राजधानी तक सीमित न रहकर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा।

उत्कृष्ट पशुपालकों को मिलेगा पुरस्कार
वृंदावन गांवों में आयोजित गोपाल-कृष्ण ग्राम पुरस्कार योजना के अंतर्गत पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रमाण-पत्र एवं सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। विजेताओं को क्रमशः एक लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी। सभी विजेता पशुपालकों को पुरस्कार राशि एक साथ डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के टॉप 10 दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को सांकेतिक रूप से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन पशुपालकों के लिए प्रोत्साहन का काम करेगा, जिन्होंने दुग्ध उत्पादन और उत्तम पशुपालन में उल्लेखनीय काम किया है।
पंजीकृत गौशालाओं को अनुदान राशि का अंतरण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 नवंबर को प्रदेश की 3 हजार से अधिक पंजीकृत गौशालाओं में संरक्षित 5.51 लाख गोवंश के भरण-पोषण के लिए सितंबर माह की 60 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि डीबीटी से अंतरित करेंगे। प्रदेश सरकार द्वारा गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और बेहतर देखभाल के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गौशालाओं को समय पर अनुदान मिलने से वहां संरक्षित गोवंश के चारे, पानी और देखभाल की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। यह राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सहायता सीधे गौशालाओं तक पहुंचेगी।
विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी होगी आकर्षण का केंद्र
राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, उपलब्धियों एवं पशुपालन के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई जाएगी। गोवर्धन पर्व के महत्व को प्रदर्शित करती विशेष झांकी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा गौ-पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। प्रदर्शनी के माध्यम से पशुपालकों और आम लोगों को विभाग की योजनाओं और पशुपालन के आधुनिक तरीकों की जानकारी मिलेगी।
गोवर्धन पर्व का महत्व: अन्नकूट और गौ-पूजन की परंपरा
गोवर्धन पर्व कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है और यह दीपोत्सव की श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण पर्व है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के प्रकोप से बचाया था। इसी स्मृति में इस दिन गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है और अन्नकूट का आयोजन होता है, जिसमें तरह-तरह के पकवानों का भोग लगाया जाता है। गौ-पूजन इस पर्व का अभिन्न अंग है, क्योंकि गाय को कामधेनु का प्रतीक माना जाता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गौपालन का विशेष स्थान है। गोवर्धन पर्व पर गायों की पूजा, उन्हें सजाना और उनका सम्मान करना एक पुरानी परंपरा है, जो आज भी गांवों और शहरों में निभाई जाती है।

गौवंश संरक्षण और पशुपालकों के सम्मान का उद्देश्य
प्रदेशभर में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का उद्देश्य गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के साथ उत्कृष्ट गौपालन को प्रोत्साहित करना तथा पशुपालकों को सम्मानित कर उन्हें आधुनिक एवं उन्नत पशुपालन के लिए प्रेरित करना है। पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आजीविका का एक बड़ा आधार है। दुग्ध उत्पादन से जहां परिवारों की आय बढ़ती है, वहीं गोबर और गोमूत्र आधारित उत्पादों से खेती को भी लाभ मिलता है। ऐसे में उत्कृष्ट पशुपालकों का सम्मान दूसरे पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा बनेगा और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन तथा गौ-संरक्षण की दिशा में काम को और गति मिलेगी।
जिला मुख्यालयों पर भी कार्यक्रम
राज्य स्तरीय कार्यक्रम के साथ ही प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर भी गौ-पूजन और पशुपालक सम्मान कार्यक्रम आयोजित होंगे। जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा और गौ-पूजन किया जाएगा। इससे गोवर्धन पर्व का आयोजन पूरे प्रदेश में एक साथ मनाया जाएगा और गौ-संरक्षण का संदेश हर जिले तक पहुंचेगा।
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