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दीपावली से पहले इंदौर तैयार: नगर निगम आयुक्त के निर्देश — सड़क, सफाई, फायर सेफ्टी; सराफा में रात 12 बजे तक खरीदारी

सांकेतिक चित्र: दीपावली पर सजा इंदौर का बाजार — दीये, गेंदे के फूल और रोशनी सांकेतिक चित्र

इंदौर ब्यूरो

सार: दीपावली इंदौर नगर निगम की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने गुरुवार को समीक्षा बैठक में सड़कों की मरम्मत, दीपावली से पहले और बाद में विशेष सफाई अभियान, फायर सेफ्टी और पानी की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए हैं। शहर में फायर टेंडर पानी के टैंकरों के साथ तैयार रहेंगे, जबकि सराफा बाजार में धनतेरस से दीपावली तक देर रात तक खरीदारी होगी और चाट चौपाटी तीन दिन बंद रहेगी।

दीपावली से पहले इंदौर में त्योहारी तैयारियाँ जोर पकड़ चुकी हैं। नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा रखने, सड़कों को दुरुस्त करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है। निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने गुरुवार को एआईसीटीएसएल सिटी बस कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि दीपावली और उसके बाद के त्योहारों के दौरान सफाई, यातायात, पानी की आपूर्ति, जल निकासी और फायर सेफ्टी की व्यवस्था हर हाल में बनी रहनी चाहिए। बैठक में अपर आयुक्त, उपायुक्त, कार्यपालन यंत्री, जोनल अधिकारी और कार्यशाला, अतिक्रमण हटाने, फायर, जलप्रदाय, जल निकासी और यातायात विभागों के अधिकारी शामिल हुए। आयुक्त ने सभी विभागों को सौंपे गए काम तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। शहर में 6 नवंबर को धनतेरस के साथ पाँच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो रही है, 7 नवंबर को रूप चौदस और 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी, इसके बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज के त्योहार हैं। ऐसे में निगम की तैयारियों पर सबकी नजर है, क्योंकि त्योहारों के दिनों में शहर में भीड़, कचरा और यातायात का दबाव कई गुना बढ़ जाता है।

दीपावली इंदौर नगर निगम: समीक्षा बैठक में क्या-क्या निर्देश दिए गए

गुरुवार को हुई समीक्षा बैठक में दीपावली इंदौर नगर निगम की तैयारियों का पूरा खाका रखा गया। आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दीपावली से पहले और दीपावली के बाद विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। सड़कों की मरम्मत और यातायात में बाधा बनने वाली जगहों को हटाने का काम प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया है। बैठक में ‘जन विश्वास’ अभियान, यातायात प्रबंधन, सड़क मरम्मत, जल वितरण, अवैध कनेक्शन, पाइपलाइन लीकेज, जल निकासी, फायर सेफ्टी और स्वच्छ भारत मिशन की तैयारियों की समीक्षा की गई। आयुक्त ने कहा कि त्योहारी मौसम के दौरान स्वच्छता, यातायात, पानी की आपूर्ति, जल निकासी और फायर सेफ्टी की व्यवस्था बनाए रखना सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। बैठक में यह भी तय किया गया कि छोटे-छोटे स्थानों पर भी जोन और वार्ड स्तर पर दिक्कतें दूर की जाएँ, ताकि किसी भी इलाके में व्यवस्था चरमराए नहीं। त्योहारों के दौरान शहर में लाखों लोग बाजारों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर आते-जाते हैं, इसलिए निगम की यह तैयारी सिर्फ कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखनी चाहिए।

सड़कें और यातायात: गड्ढे भरने और जाम हटाने के निर्देश

सांकेतिक चित्र: सराफा बाजार में सोने के गहने, पीतल के बर्तन, दीये और गेंदे के फूल
सांकेतिक चित्र

सड़कों को लेकर समीक्षा बैठक में सबसे स्पष्ट निर्देश यही रहा कि क्षतिग्रस्त सड़कें और यातायात में बाधा डालने वाले हिस्से प्राथमिकता के आधार पर ठीक किए जाएँ। आयुक्त ने कहा कि जोन और वार्ड स्तर पर छोटी-छोटी दिक्कतों को भी तय समय में दूर किया जाए। सड़क किनारे बने चैंबर, जो यातायात में बाधा बनते हैं, उन्हें दीपावली के बाद सड़क की सतह के बराबर किया जाएगा। त्योहारों के दिनों में बाजारों के आसपास वाहनों की आवाजाही सबसे ज्यादा होती है, इसलिए सड़कों की हालत सीधे तौर पर लोगों की आवाजाही और सुरक्षा से जुड़ी है। सराफा, राजवाड़ा, एमजी रोड और शहर के अन्य प्रमुख बाजार क्षेत्रों में दीपावली के दिनों में देर रात तक भीड़ रहती है, ऐसे में सड़कों पर गड्ढे या उभरे हुए चैंबर हादसों का कारण बन सकते हैं। आयुक्त ने अधिकारियों को यह भी चेतावनी दी कि खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान गैस पाइपलाइन, पेयजल लाइन और सीवर नेटवर्क को नुकसान न पहुँचे। गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुँचने से गंभीर हादसा हो सकता है, इसलिए खुदाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने और पानी की आपूर्ति व जल निकासी व्यवस्था में बाधा न आने देने के निर्देश दिए गए हैं। पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को तय गुणवत्ता के साथ पहले जैसा बनाने का निर्देश भी बैठक में दिया गया है।

फायर सेफ्टी: फायर टेंडर और पानी के टैंकर तैयार रहेंगे

दीपावली के दिनों में आतिशबाजी और दीयों की वजह से आग लगने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था पर बैठक में खास जोर दिया गया। आयुक्त ने निर्देश दिया कि फायर टेंडर पानी के टैंकरों के साथ तैयार रहें और उनके साथ चालक भी उपलब्ध रहें, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके। त्योहारों के दौरान फायर टेंडर का पानी के टैंकर के साथ रहना इसलिए जरूरी है, क्योंकि आग लगने की स्थिति में पानी की आपूर्ति में देर नहीं होनी चाहिए। शहर के बाजार क्षेत्रों, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक स्थानों पर आतिशबाजी होती है, ऐसे में फायर विभाग की मुस्तैदी ही बड़े नुकसान को रोक सकती है। बैठक में फायर विभाग के अधिकारियों को भी शामिल किया गया था और उन्हें त्योहारी मौसम के दौरान अपनी तैयारियाँ पूरी रखने के निर्देश दिए गए। इंदौर में दीपावली की रात देर तक आतिशबाजी होती है और बाजारों में भीड़ रहती है, इसलिए फायर सेफ्टी को लेकर निगम की यह तैयारी राहत देने वाली है। लोगों से भी अपील की जाती है कि वे आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतें और आग लगने की स्थिति में तुरंत फायर विभाग को सूचना दें।

पानी की व्यवस्था: टैंकर लीकेज सात दिन में ठीक करने का आदेश

पानी की आपूर्ति को लेकर समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश दिए गए। आयुक्त ने नगर निगम और निजी पानी के टैंकरों से होने वाले लीकेज को गंभीरता से लेते हुए सात दिन में मरम्मत कराने का आदेश दिया है। टैंकरों से पानी का रिसाव न सिर्फ पानी की बर्बादी है, बल्कि सड़कों पर पानी फैलने से आवाजाही में भी दिक्कत होती है। इस दिशा में पहले भी कार्रवाई हुई है — सोमवार को हुई जलप्रदाय समीक्षा बैठक में भी आयुक्त ने पाइपलाइनों, ज्वाइंट और वाल्व में लीकेज का सर्वेक्षण कर सात दिन में सुधार कराने और नए लीकेज को 48 घंटे में ठीक करने के निर्देश दिए थे। गुरुवार की बैठक में यह आदेश टैंकरों के लीकेज पर दोहराया गया। बैठक में अवैध पानी के कनेक्शनों को मौजूदा नियमों के तहत नियमित करने और बकाया पानी का कर वसूलने के निर्देश भी दिए गए। जिन इलाकों में नई पाइपलाइन बिछाई गई है, वहाँ के घरों को वैध कनेक्शन देने और पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को तय गुणवत्ता के साथ ठीक करने को कहा गया है। पानी की आपूर्ति से जुड़ी एक और सख्त कार्रवाई भी बैठक में सामने आई — जिंसी स्थित निगम कार्यशाला की पानी की आपूर्ति बंद होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने उप-यंत्री सुभाष को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि निगम की जरूरी सुविधाओं को पानी की आपूर्ति में लापरवाही या अनावश्यक बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सफाई की विशेष योजना: मिस्ट मशीनें, अतिरिक्त फेरे और दीपावली के बाद विशेष अभियान

दीपावली इंदौर नगर निगम की सफाई योजना इस बार खास तौर पर तैयार की गई है। निगम की ओर से जारी कार्ययोजना के अनुसार त्योहारों के दौरान शहर को साफ रखने और हवा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रमुख सड़कों पर मिस्ट मशीनें चलाई जाएँगी। रीगल चौराहा और खजराना चौराहा पर लगी मिस्ट टावर नियमित रूप से चलेंगे और दो पानी के छिड़काव वाली मशीनें भी सड़कों पर पानी का छिड़काव करेंगी। अपर आयुक्त प्रखर सिंह के अनुसार सभी सफाईकर्मियों को बिना किसी अपवाद के उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों के अतिरिक्त फेरे लगाए जाएँगे और अतिरिक्त वाहन व ट्रैक्टर-ट्रालियाँ भी तैनात की गई हैं, ताकि शहर के किसी भी हिस्से में कचरा जमा न हो। दीपावली के अगले दिन प्रमुख सड़कों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, ताकि त्योहार के बाद शहर को जल्द से जल्द साफ-सुथरा किया जा सके। घर-घर कचरा संग्रहण करने वाले वाहनों का इस्तेमाल लोगों को स्वच्छता, गीले और सूखे कचरे के अलगाव और जिम्मेदारी से कचरा निपटान के प्रति जागरूक करने के लिए भी किया जाएगा। इंदौर स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार शीर्ष स्थान पर रहने वाला शहर है, इसलिए त्योहारों के दौरान सफाई की यह तैयारी उसकी पहचान से भी जुड़ी हुई है।

सराफा बाजार: देर रात तक खरीदारी, चाट चौपाटी तीन दिन बंद

दीपावली के दिनों में इंदौर का सराफा बाजार शहर की रौनक का केंद्र बन जाता है। सराफा बाजार में सोने-चांदी के आभूषणों की दुकानें और राजवाड़ा क्षेत्र में कपड़ों व अन्य सामान की दुकानें देर रात तक खुली रहती हैं और लोग रात 12 बजे तक खरीदारी करने आते हैं। इस बार भी धनतेरस से दीपावली तक बाजार में देर रात तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहेगा। सराफा चाट चौपाटी एसोसिएशन ने फैसला किया है कि खास सजावट और दीप पर्व के चलते रात्रिकालीन चाट चौपाटी को तीन दिनों तक बंद रखा जाएगा। 6, 7 और 8 नवंबर को धनतेरस, रूप चौदस और महापर्व दीपावली के कारण चाट चौपाटी बंद रहेगी और इस दौरान पूरा सराफा बाजार सिर्फ गहनों और सोने-चांदी के बाजार के रूप में रहेगा। सराफा चाट चौपाटी बंद रहने से शहर के अन्य प्रसिद्ध खान-पान स्थल 56 दुकान पर इन दिनों भीड़ उमड़ने की संभावना है। सराफा बाजार को दुल्हन की तरह सजाया गया है — मार्ग के दोनों तरफ वंदनवार लगाए गए हैं, आकर्षक लाइटें लगाई गई हैं और ग्राहकों के लिए रेड कार्पेट भी बिछाया गया है। दीपावली त्योहार पर सराफा में हर दिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। पुष्य नक्षत्र वाले दिन सराफा में रात 12 बजे तक ग्राहकों की भीड़ थी और 7 नवंबर तक सराफा में काफी भीड़ रहने की संभावना है। दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए आकर्षक उपहार योजना भी लागू की है।

सराफा का सौ साल पुराना इतिहास और 56 दुकान की रौनक

इंदौर का सराफा बाजार सौ साल से भी ज्यादा पुराना है। होलकर राज में व्यापारियों को सराफा के लिए जगह दी गई थी और यहाँ सोने-चांदी का कारोबार होता था। सराफा के आसपास होलकर शासकों के सैनिकों के रहवासी क्षेत्र थे, ताकि सराफा बाजार सुरक्षित रहे और रात में भी बाजार की सुरक्षा बनी रहे। इसी कारण रात में चाट चौपाटी का चलन भी शुरू हो गया था, जो धीरे-धीरे इंदौर की पहचान बन गया। आज सराफा चाट चौपाटी देशभर में इंदौर की पहचान के रूप में जानी जाती है, लेकिन दीपावली के तीन दिन यह परंपरा थम जाती है और बाजार पूरी तरह गहनों व खरीदारी का केंद्र बन जाता है। चाट चौपाटी बंद रहने के दौरान 56 दुकान पर भीड़ बढ़ने की संभावना है, क्योंकि वहाँ के खान-पान के ठिये भी इंदौर की पहचान हैं। त्योहारों के दिनों में शहर में आने वाले पर्यटक भी सराफा और 56 दुकान की ओर रुख करते हैं। नगर निगम की सफाई और यातायात व्यवस्था की परीक्षा इन्हीं दिनों होती है, जब बाजार क्षेत्रों में देर रात तक भीड़ रहती है और कचरे का दबाव बढ़ जाता है। इसीलिए दीपावली से पहले और बाद में विशेष सफाई अभियान की योजना बनाई गई है।

दीपावली के बाद क्या: विशेष सफाई अभियान और आगे की तैयारी

दीपावली के बाद की तैयारियों पर भी समीक्षा बैठक में ध्यान दिया गया है। दीपावली के अगले दिन शहरभर में विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा, जिसमें प्रमुख सड़कों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और रिहायशी इलाकों की सफाई की जाएगी। सड़क किनारे बने चैंबरों को दीपावली के बाद सड़क की सतह के बराबर करने का काम भी तय किया गया है। त्योहारों के दौरान बढ़े हुए कचरे को समय पर उठाने के लिए अतिरिक्त वाहन और ट्रैक्टर-ट्रालियाँ पहले से तैनात की गई हैं। निगम की ओर से ‘ये दीपावली आरआरआर खुशियों वाली’ अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत उपयोगी चीजों को इकट्ठा कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाया जा रहा है। नेहरू पार्क में 5 नवंबर को दीपावली मेला लगाया गया था, जिसमें स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी सामान को बढ़ावा दिया गया और स्थानीय कारीगरों व छोटे व्यापारियों को अपने उत्पाद दिखाने व बेचने का मंच मिला। इंदौर 311 ऐप पर ‘अपने सफाई मित्र को जानें’ मॉड्यूल भी जोड़ा गया है, ताकि सफाईकर्मियों के काम को पहचान और प्रोत्साहन मिल सके। दीपावली के बाद गोवर्धन पूजा और भाई दूज के त्योहार भी हैं, इसलिए निगम की व्यवस्थाएँ त्योहारी मौसम के अंत तक बनी रहनी हैं। शहरवासियों से अपील है कि वे त्योहारों के दौरान सफाई बनाए रखने में सहयोग करें, कचरा तय जगह पर डालें और यातायात नियमों का पालन करें, ताकि दीपावली का उत्सव सभी के लिए सुखद और सुरक्षित रहे।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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