
जबलपुर ब्यूरो।
फर्जी 10वीं की मार्कशीट से पाई थी नौकरी
फर्जी मार्कशीट के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वालों पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। जबलपुर में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती में फर्जी 10वीं की अंकसूची लगाकर नौकरी पाने वाले 8 आरोपियों के खिलाफ CBI ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के साथ ही जांच एजेंसी ने मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड और जम्मू-कश्मीर में आरोपियों से जुड़े 8 ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की, जहां से फर्जीवाड़े से जुड़े कई अहम दस्तावेज और साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
मामला जबलपुर का है। डाक विभाग के एक अधिकारी की लिखित शिकायत पर CBI ने प्रकरण दर्ज किया। शिकायत के मुताबिक पिछले भर्ती चक्रों के दौरान इन 8 उम्मीदवारों ने डाक विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर 10वीं कक्षा की फर्जी मार्कशीट अपलोड की थी।
बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए नंबर, मेरिट से पाई नौकरी
आरोपियों ने फर्जी प्रमाण-पत्रों में अपने नंबर बढ़ा-चढ़ाकर दर्शाए थे। चूंकि GDS पदों पर चयन 10वीं के अंकों की मेरिट के आधार पर होता है, इसलिए ज्यादा नंबरों के दम पर इन्होंने आसानी से नौकरी हासिल कर ली। शुरुआती दस्तावेज जमा करने के बाद इन्हें अस्थायी नियुक्तियां भी दे दी गईं और वेतन-भत्ते भी मिलने लगे।
बाद में जब डाक विभाग ने इन उम्मीदवारों की मार्कशीट का संबंधित शैक्षणिक बोर्डों से सत्यापन कराया, तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बोर्ड की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जमा किए गए प्रमाण-पत्र या तो पूरी तरह फर्जी थे या संबंधित बोर्ड ने जारी ही नहीं किए थे। पुष्टि होते ही विभाग ने सभी 8 की सेवाएं तुरंत समाप्त कर दीं।
30 से ज्यादा संदिग्ध नियुक्तियां रडार पर
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों के फर्जी बोर्ड प्रमाण-पत्र बनवाए थे। इनमें पांच की पोस्टिंग जबलपुर और तीन की कटनी जिले में हुई थी। CBI को इस पूरे खेल में 30 से ज्यादा संदिग्ध नियुक्तियों की जानकारी मिली है और विभागीय तंत्र से जुड़े संभावित भ्रष्ट लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सभी आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है और फर्जीवाड़ा सिंडिकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।
फोटो: सांकेतिक तस्वीर
