भोपाल ब्यूरो। राजधानी भोपाल में साइबर जालसाजों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में साइबर ठगी के 25 मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों से 15 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई। जालसाज बैंक के क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन, सीआरपीएफ अधिकारी का सामान बेचने, मोबाइल का एक्सेस लेने और यूपीआई ट्रांजेक्शन जैसे अलग-अलग तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे हैं।

क्रेडिट कार्ड वेरिफिकेशन के नाम पर 2.70 लाख उड़े
सोनागिरी (पिपलानी) निवासी एक कर्मचारी को एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को बैंक के वेरिफिकेशन विभाग का कर्मचारी बताया। आरोपी ने क्रेडिट कार्ड के वेरिफिकेशन के नाम पर कार्ड की जानकारी ली और गूगल पर कुछ सर्च करने को कहा। इसी दौरान मोबाइल का एक्सेस जालसाज के हाथ लग गया और कुछ ही देर में दो बैंकों के खातों से कुल 2.70 लाख रुपये निकाल लिए गए।
यूपीआई और अज्ञात लिंक के जरिए खातों में सेंध
शाहपुरा निवासी के बैंक खाते से 24 और 25 सितंबर को गूगल पे के जरिए 1.12 लाख रुपये निकाल लिए गए; खाते से रकम निकलने की जानकारी उन्हें 28 सितंबर को हुई, जिसके बाद साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई। अशोका गार्डन निवासी के बैंक खाते से पांच यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए 1.62 लाख रुपये पार कर लिए गए — शिकायत में अज्ञात लिंक के जरिए ठगी की बात सामने आई है।
वीडियो कॉल और सामान बेचने के नाम पर भी ठगी
कोलार निवासी को कपड़े वापस कराने के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए ठगा गया — अलग-अलग यूपीआई ट्रांजेक्शन और शॉपिंग वाउचर के माध्यम से खाते से कुल 1.44 लाख रुपये निकाल लिए गए। अवधपुरी निवासी 70 वर्षीय एक बुजुर्ग को परिचित के जरिए सीआरपीएफ अधिकारी का घरेलू सामान सस्ते में बेचने का झांसा दिया गया; टीवी, फ्रिज, एसी और सोफा देने के नाम पर पहले 60 हजार, फिर सिक्योरिटी चार्ज के नाम पर 40 हजार और बाद में 21 हजार रुपये जमा करा लिए गए। कुल 1.21 लाख रुपये लेने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच, सतर्कता की अपील
मामलों में पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि बैंक कभी फोन पर कार्ड की जानकारी या ओटीपी नहीं मांगता — अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी के कहने पर मोबाइल का एक्सेस न दें और संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
