मुंबई ब्यूरो। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बजाज फाइनेंस के निदेशक मंडल ने 17,500 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए 11,700 करोड़ रुपये और प्रमोटर बजाज फिनसर्व को तरजीही आधार पर वारंट जारी कर 5,800 करोड़ रुपये जुटाएगी। बोर्ड ने यह फैसला गुरुवार (1 अक्टूबर) को हुई बैठक में लिया; दोनों प्रस्तावों पर शेयरधारकों की मंजूरी असाधारण आम बैठक (EGM) में ली जाएगी।

QIP और वारंट का खाका
QIP के तहत योग्य संस्थागत खरीदारों को 1 रुपये अंकित मूल्य के इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। वारंट धारक को इन्हें समतुल्य संख्या में इक्विटी शेयरों में बदलने का अधिकार मिलेगा; आवंटन पर कम से कम 25 प्रतिशत राशि अदा करनी होगी और शेष 75 प्रतिशत वारंट के प्रयोग पर शेयर आवंटन के समय देय होगी। दोनों निर्गम सेबी (पूंजी निर्गमन एवं प्रकटीकरण आवश्यकताएं) नियमन, 2018 और कंपनी अधिनियम के प्रावधानों के तहत होंगे।
नवंबर 2023 के बाद पहला इक्विटी निर्गम
यह नवंबर 2023 के बाद कंपनी का पहला इक्विटी पूंजी निर्गम है — तब कंपनी ने इसी तरह के संयोजन से 10,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। प्रमोटर बजाज फिनसर्व कंपनी में 51.30 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है; वारंट निर्गम से प्रमोटर की हिस्सेदारी बरकरार रहेगी, जिससे संस्थागत निवेशकों का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है।
1 लाख करोड़ से ज्यादा की ऋण क्षमता का अनुमान
एक निजी क्षेत्र की ब्रोकरेज फर्म के विश्लेषक के अनुसार, कंपनी का ऋण-पोर्टफोलियो 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है; पांच-छह गुना के लीवरेज पर यह पूंजी निवेश 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त ऋण क्षमता पैदा कर सकता है। जून तिमाही में कंपनी का समेकित प्रबंधनाधीन परिसंपत्ति (AUM) 24 प्रतिशत बढ़कर 5.47 लाख करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 27 प्रतिशत बढ़कर 5,986 करोड़ रुपये रहा था।
