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MP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 5 IAS और 4 IPS अधिकारियों के तबादले, सागर-देवास-सिवनी में बदले कलेक्टर और SP

MP IAS IPS तबादला: सांकेतिक चित्र — मध्य प्रदेश सचिवालय, भोपाल MP IAS IPS तबादला: सांकेतिक चित्र — मध्य प्रदेश सचिवालय, भोपाल

भोपाल ब्यूरो

सार: मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को प्रशासन और पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल किया है। इस MP IAS IPS तबादला में पाँच भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारियों और चार भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। सागर, देवास, सिवनी और बालाघाट जिलों के प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व में बदलाव हुआ है, जबकि भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय और राज्य पर्यटन विकास निगम में भी नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।

मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के पाँच अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। अलग से गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा के चार अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। दोनों आदेश मंगलवार को वल्लभ भवन, भोपाल से जारी हुए। आदेशों में सभी पदस्थापनाओं को अस्थायी व्यवस्था बताया गया है, जो आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द अपना नया कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

दो आदेशों में नौ अधिकारियों की नई पदस्थापना

प्रशासनिक फेरबदल की खास बात यह है कि यह एक साथ दो स्तरों पर हुआ है। एक ओर जिला प्रशासन की कमान संभालने वाले कलेक्टर बदले गए हैं, तो दूसरी ओर जिलों की कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिस अधीक्षक भी बदले गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग का आदेश जिला प्रशासन और राज्य के निगमों से जुड़ा है, जबकि गृह विभाग का आदेश पुलिस महकमे से जुड़ा है। इस तरह सागर और देवास जैसे जिलों में प्रशासनिक और पुलिस नेतृत्व दोनों एक साथ बदले हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इन बदलावों का जिक्र सागर और देवास में शराब से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में भी किया गया है, लेकिन आदेशों में पदस्थापनाओं को अस्थायी व्यवस्था के रूप में दर्ज किया गया है।

MP IAS IPS तबादला: IAS अधिकारियों की पूरी सूची

MP IAS IPS तबादला: सांकेतिक चित्र — मध्य प्रदेश सचिवालय, भोपाल
MP IAS IPS तबादला: सांकेतिक चित्र — मध्य प्रदेश सचिवालय, भोपाल

सागर की कलेक्टर प्रतिभा पाल को मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, भोपाल का प्रबंध संचालक बनाया गया है। प्रतिभा पाल 2012 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं। उनके स्थान पर पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक दिलीप कुमार यादव को सागर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। दिलीप कुमार यादव 2014 बैच के अधिकारी हैं। इस तरह सागर कलेक्टर और पर्यटन निगम के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारियों में सीधी अदला-बदली जैसी स्थिति बनी है।

सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना को देवास जिले का नया कलेक्टर बनाया गया है। नेहा मीना भी 2014 बैच की अधिकारी हैं। देवास के कलेक्टर ऋतुराज को सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के पद पर पदस्थ किया गया है। ऋतुराज 2015 बैच के अधिकारी हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत अंजू अरुण कुमार को सिवनी जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। अंजू अरुण कुमार 2017 बैच की अधिकारी हैं। इस फेरबदल के बाद सागर, देवास और सिवनी तीनों जिलों को नए कलेक्टर मिल गए हैं, जबकि पर्यटन विकास निगम को भी नया प्रबंध संचालक मिला है।

MP IAS IPS तबादला: IPS अधिकारियों की पूरी सूची

पुलिस महकमे में सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के पद पर भेजा गया है। अनुराग सुजानिया 2014 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। उनके स्थान पर ग्वालियर में विशेष सशस्त्र बल की 14वीं वाहिनी के सेनानी संजीव कुमार सिन्हा को सागर जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। संजीव कुमार सिन्हा 2016 बैच के अधिकारी हैं।

देवास के पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत को भी भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। पुनीत गहलोत 2017 बैच के अधिकारी हैं। बालाघाट के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा को देवास जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। आदित्य मिश्रा 2018 बैच के अधिकारी हैं। गृह विभाग के आदेश में भी सभी पदस्थापनाओं को अस्थायी व्यवस्था बताया गया है, जो आगामी आदेश तक लागू रहेगी। संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियों का कार्यभार सुचारू रूप से संभालने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलों में क्या बदलेगा

सागर जिले में अब दिलीप कुमार यादव कलेक्टर और संजीव कुमार सिन्हा पुलिस अधीक्षक के रूप में काम करेंगे। देवास जिले में नेहा मीना कलेक्टर और आदित्य मिश्रा पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभालेंगे। सिवनी जिले में अंजू अरुण कुमार नई कलेक्टर होंगी। पर्यटन विकास निगम में प्रतिभा पाल प्रबंध संचालक की भूमिका निभाएँगी। ऋतुराज अब मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग में उप सचिव के रूप में काम करेंगे। भोपाल पुलिस मुख्यालय में अनुराग सुजानिया और पुनीत गहलोत सहायक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदस्थ होंगे।

जिलों के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जिले के दो सबसे अहम प्रशासनिक पद माने जाते हैं। विकास योजनाओं, राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था और आपसी समन्वय की जिम्मेदारी इन्हीं पदों पर टिकी होती है। नए अधिकारियों के कार्यभार संभालने के बाद जिलों में चल रही योजनाओं और प्रशासनिक कामकाज की निरंतरता बनी रहना सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक की भूमिका क्यों अहम होती है

कलेक्टर जिले में राज्य सरकार का प्रमुख प्रतिनिधि होता है। जिला प्रशासन, राजस्व व्यवस्था, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी कलेक्टर की होती है। आपदा प्रबंधन, चुनाव व्यवस्था और जनसमस्याओं के निपटारे में भी कलेक्टर की भूमिका केंद्रीय मानी जाती है। इसी तरह पुलिस अधीक्षक जिले में पुलिस बल का प्रमुख होता है और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण तथा पुलिस थानों के कामकाज की निगरानी करता है।

राज्य पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक प्रदेश में पर्यटन के प्रचार-प्रसार और पर्यटन से जुड़ी विकास गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है। पर्यटन निगम के माध्यम से राज्य के पर्यटन स्थलों का विकास, पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं का संचालन किया जाता जाता है। इसलिए इस पद पर अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की पदस्थापना को भी अहम माना जाता है।

अस्थायी व्यवस्था का क्या मतलब होता है

आदेशों में बार-बार अस्थायी व्यवस्था और आगामी आदेश तक जैसे शब्दों का इस्तेमाल हुआ है। प्रशासनिक भाषा में इसका अर्थ यह होता है कि संबंधित अधिकारी को नई जिम्मेदारी अस्थायी रूप से, यानी अगला आदेश जारी होने तक के लिए सौंपी गई है। यह व्यवस्था शासन को लचीलापन देती है, ताकि जरूरत पड़ने पर पदस्थापना में आगे भी बदलाव किया जा सके। ऐसे आदेशों में आमतौर पर यह भी स्पष्ट किया जाता है कि अधिकारी अपना नया कार्यभार जल्द से जल्द संभालें, ताकि प्रशासनिक कामकाज में कोई ठहराव न आए।

प्रशासनिक फेरबदल राज्य सरकार की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं। समय-समय पर जिलों और विभागों में अधिकारियों की पदस्थापना बदली जाती है, ताकि प्रशासनिक अनुभव का लाभ अलग-अलग जिलों और विभागों को मिल सके और शासन व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इस बार का फेरबदल भी इसी क्रम में देखा जा रहा है, जिसमें एक साथ कई जिलों और पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।

आगे क्या होगा

अगले चरण में सभी संबंधित अधिकारी अपने-अपने नए पदों का कार्यभार संभालेंगे। कार्यभार संभालने की प्रक्रिया में निवर्तमान अधिकारी नए अधिकारी को जिले या विभाग के चल रहे कामों, लंबित प्रकरणों और प्राथमिकताओं की जानकारी देते हैं। इसके बाद नए अधिकारी अपनी प्राथमिकताएँ तय करते हैं और जिला प्रशासन तथा पुलिस महकमे के साथ बैठकें करते हैं।

सागर, देवास और सिवनी जिलों में नए कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के कार्यभार संभालने के बाद वहाँ के प्रशासनिक कामकाज पर सबकी नजर रहेगी। पर्यटन विकास निगम में नई प्रबंध संचालक के आने के बाद पर्यटन से जुड़ी योजनाओं की गति पर भी ध्यान रहेगा। भोपाल पुलिस मुख्यालय में दो नए सहायक पुलिस महानिरीक्षकों की पदस्थापना से मुख्यालय स्तर के कामकाज को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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