एशियन गेम्स 2026 में भारत ने इतिहास रच दिया है। 3 अक्टूबर तक भारतीय खिलाड़ी कुल 80 पदक — 18 स्वर्ण, 26 रजत और 36 कांस्य — जीतकर मेडल टैली में 5वें स्थान पर पहुंच गए हैं। आज के दिन देश की दो बेटियों — 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोद और गोल्फर प्रणवी उर्स — ने स्वर्ण पदक जीतकर तिरंगे की शान बढ़ाई।
मेडल टैली में शीर्ष पर चीन कायम है — 165 स्वर्ण, 84 रजत और 74 कांस्य सहित कुल 323 पदक। दूसरे स्थान पर जापान (75 स्वर्ण, 86 रजत, 87 कांस्य; कुल 248), तीसरे पर दक्षिण कोरिया (35 स्वर्ण, 41 रजत, 66 कांस्य; कुल 142) और चौथे पर उज्बेकिस्तान (20 स्वर्ण, 23 रजत, 23 कांस्य; कुल 66) है।
आज का सबसे बड़ा धमाका तीरंदाजी में हुआ। कुमकुम मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण जीता — शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को 6-5 से हराकर। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व में नीरज चौहान ने कांस्य पदक अपने नाम किया।
गोल्फ में भी भारत ने इतिहास रचा। प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीता — एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्फ स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला। प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की टीम ने महिला टीम स्पर्धा में रजत पदक भी दिलाया।
इससे एक दिन पहले 2 अक्टूबर को भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। महिला हॉकी टीम ने फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण जीता और लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। मुक्केबाजी में भारत ने स्वर्ण की हैट्रिक लगाई — लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) चैंपियन बने। पहलवान सुजीत कलकल ने 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण अपने नाम किया।
महिला रिकर्व टीम — अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद — ने विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर पहली बार एशियन गेम्स का टीम स्वर्ण जीता। भारोत्तोलन में मीराबाई चानू के रजत ने 28 साल का पदकीय सूखा समाप्त किया। समापन समारोह के लिए नीरू धांडा को भारतीय दल का ध्वजवाहक नामित किया गया है।
