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सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी: रजत पाटीदार करेंगे मध्य प्रदेश की कप्तानी, 14 नवंबर से केरल के खिलाफ शुरू होगा अभियान

सांकेतिक चित्र: फ्लडलाइट्स में शॉट खेलता टी20 बल्लेबाज सांकेतिक चित्र

इंदौर ब्यूरो

सार: मध्य प्रदेश क्रिकेट के लिए बड़ी खबर है। अनुभवी बल्लेबाज रजत पाटीदार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2026 के लिए राज्य टीम का कप्तान बनाया गया है। 14 नवंबर से शुरू हो रहे इस घरेलू टी20 टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश को एलीट ग्रुप सी में रखा गया है और टीम अपने अभियान की शुरुआत केरल के खिलाफ करेगी। कप्तानी की घोषणा के साथ ही टीम की पूरी 15 सदस्यीय सूची भी जारी कर दी गई है, जिसमें कई युवा चेहरे और अनुभवी खिलाड़ी शामिल हैं।

मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ ने शनिवार को आगामी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिए अपनी टीम की घोषणा की, जिसमें रजत पाटीदार मध्य प्रदेश कप्तान बनाए गए हैं। पाटीदार पिछले दो सत्रों से इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी कप्तानी का लोहा मनवा चुके हैं। पाटीदार के नेतृत्व में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2025 और 2026 में लगातार दो बार खिताब अपने नाम किया था। अब वही कप्तानी अनुभव मध्य प्रदेश के घरेलू टी20 अभियान में काम आने की उम्मीद है। टूर्नामेंट 14 नवंबर से शुरू होगा और मध्य प्रदेश अपने पहले चार मुकाबले न्यू चंडीगढ़ में खेलेगा, जबकि आखिरी तीन मैच मोहाली में होंगे।

रजत पाटीदार मध्य प्रदेश कप्तान: घोषणा और टूर्नामेंट का कार्यक्रम

रजत पाटीदार को मध्य प्रदेश का कप्तान बनाए जाने की घोषणा शनिवार दोपहर की गई। इसके साथ ही टीम की पूरी सूची भी सार्वजनिक कर दी गई। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड का प्रमुख घरेलू टी20 टूर्नामेंट है, जिसमें देश की सभी राज्य टीमें हिस्सा लेती हैं। इस बार मध्य प्रदेश को एलीट ग्रुप सी में रखा गया है। ग्रुप चरण में टीम को सात मुकाबले खेलने हैं। टीम अपने अभियान की शुरुआत 14 नवंबर को केरल के खिलाफ दिन-रात के मुकाबले से करेगी। इसके बाद 16 नवंबर को असम, 18 नवंबर को त्रिपुरा, 20 नवंबर को आंध्र प्रदेश, 22 नवंबर को महाराष्ट्र, 24 नवंबर को हिमाचल प्रदेश और 26 नवंबर को पुडुचेरी के खिलाफ मैच खेले जाएंगे। आखिरी ग्रुप मुकाबला पुडुचेरी के खिलाफ होगा, जिसके बाद नॉकआउट की तस्वीर साफ होगी।

पाटीदार की कप्तानी में क्या है खास

रजत पाटीदार की कप्तानी की सबसे बड़ी खासियत उनका शांत स्वभाव और बड़े मुकाबलों का अनुभव है। इंदौर से आने वाले पाटीदार ने घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक मध्य प्रदेश के लिए रन बनाए हैं और फिर आईपीएल में अपनी पहचान बनाई। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तानी करते हुए उन्होंने टीम को 2025 और 2026 में लगातार दो खिताब दिलाए, जो किसी भी कप्तान के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा पाटीदार भारत के लिए तीन टेस्ट और एक वनडे भी खेल चुके हैं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव भी है। मध्य प्रदेश की टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जिन्हें पाटीदार के अनुभव का सीधा फायदा मिलेगा। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि पाटीदार की मौजूदगी से ड्रेसिंग रूम में आत्मविश्वास बढ़ेगा और युवा खिलाड़ी दबाव वाले मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

सांकेतिक चित्र: पिच पर लाल गेंद और स्टंप्स
सांकेतिक चित्र

इंडिया-ए की जिम्मेदारी और उपलब्धता का सवाल

पाटीदार की कप्तानी को लेकर एक बड़ा सवाल उनकी उपलब्धता को लेकर भी है। पाटीदार पूरे लीग चरण के लिए उपलब्ध नहीं रह सकते हैं। उन्हें भारत ए टीम के साथ दोहा, कतर में 19 से 29 नवंबर तक होने वाले मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए जाना है। भारत ए टीम में पाटीदार को कप्तान तिलक वर्मा का उप-कप्तान बनाया गया है। उनके साथ बाएं हाथ के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर अरशद खान भी भारत ए टीम से जुड़ेंगे। ऐसे में अगर पाटीदार असम के खिलाफ 16 नवंबर के मुकाबले के बाद टीम छोड़ते हैं, तो मध्य प्रदेश के टीम प्रबंधन को बाकी बचे मैचों के लिए एक कार्यवाहक कप्तान का नाम तय करना होगा। टीम के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित के नेतृत्व वाला प्रबंधन इस स्थिति के लिए पहले से तैयार है। पाटीदार की अनुपस्थिति में अक्षत रघुवंशी, हर्ष गवली और अनिकेत वर्मा जैसे बल्लेबाजों को बड़ी जिम्मेदारी निभानी होगी।

माधव तिवारी फिर बाहर, कुलदीप सेन चोट से बाहर

टीम की घोषणा में सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर माधव तिवारी के बाहर रहने को लेकर है। तिवारी ने आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेला था और मध्य प्रदेश लीग टी20 सिंधिया कप 2026 में उज्जैन फाल्कन्स के लिए भी प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद उन्हें एक बार फिर टीम में जगह नहीं मिली है। चयनकर्ताओं के इस फैसले पर क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा हो रही है। दूसरी ओर तेज गेंदबाज कुलदीप सेन भी टीम से बाहर हैं, लेकिन उनकी वजह चोट है। कुलदीप सेन इस समय किसी चोट से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया। इन दोनों के बाहर रहने से टीम के संतुलन पर असर पड़ सकता है, लेकिन प्रबंधन का मानना है कि मौजूदा टीम में पर्याप्त गहराई है।

मध्य प्रदेश की पूरी 15 सदस्यीय टीम

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2026 के लिए मध्य प्रदेश की 15 सदस्यीय टीम इस प्रकार है — अंकुश सिंह, अक्षत रघुवंशी, हर्ष गवली (विकेटकीपर), रजत पाटीदार (कप्तान), अनिकेत वर्मा, रितिक टाडा, अपूर्व द्विवेदी (विकेटकीपर), सारांश जैन, कुमार कार्तिकेय सिंह, शिवम शुक्ला, शिवांग कुमार, आवेश खान, त्रिपुरेश सिंह, राहुल बाथम और मंगेश यादव। टीम में दो विकेटकीपर रखे गए हैं — हर्ष गवली और अपूर्व द्विवेदी। बल्लेबाजी क्रम में पाटीदार के साथ अक्षत रघुवंशी और अनिकेत वर्मा प्रमुख नाम हैं। टीम में युवा और अनुभव का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कई खिलाड़ी पिछले सत्रों में मध्य प्रदेश लीग और घरेलू टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं, जिससे टीम प्रबंधन को उन पर भरोसा है।

गेंदबाजी आक्रमण की कमान आवेश खान के हाथ

मध्य प्रदेश के गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई भारत के तेज गेंदबाज आवेश खान करेंगे। आवेश खान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और उनकी गति और सटीकता टीम की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। उनके साथ मंगेश यादव भी तेज गेंदबाजी इकाई में शामिल हैं। स्पिन विभाग में बाएं हाथ के स्पिनर कुमार कार्तिकेय सिंह, ऑफ स्पिनर सारांश जैन और बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर शिवांग कुमार शामिल हैं। टी20 क्रिकेट में स्पिनरों की भूमिका अहम होती है, खासकर मध्य ओवरों में रन रोकने और विकेट लेने के लिहाज से। कुमार कार्तिकेय सिंह की विविधता और सारांश जैन का अनुभव टीम को बीच के ओवरों में मजबूती देगा। कुल मिलाकर गेंदबाजी इकाई में गति और स्पिन का अच्छा मिश्रण है, जो अलग-अलग पिचों और परिस्थितियों में काम आ सकता है।

ग्रुप चरण का पूरा कार्यक्रम

मध्य प्रदेश के ग्रुप चरण के सभी सात मुकाबलों का कार्यक्रम तय हो चुका है। टीम 14 नवंबर को न्यू चंडीगढ़ में केरल के खिलाफ दिन-रात के मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद 16 नवंबर को असम के खिलाफ दूसरा मैच होगा। 18 नवंबर को त्रिपुरा के खिलाफ एक और दिन-रात का मुकाबला खेला जाएगा। 20 नवंबर को आंध्र प्रदेश, 22 नवंबर को महाराष्ट्र, 24 नवंबर को हिमाचल प्रदेश और 26 नवंबर को पुडुचेरी के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच होगा। पहले चार मुकाबले न्यू चंडीगढ़ में होंगे, जबकि आखिरी तीन मैच मोहाली में खेले जाएंगे। ग्रुप में केरल और महाराष्ट्र जैसी मजबूत टीमें हैं, इसलिए हर मैच में टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। ग्रुप चरण में शीर्ष पर रहने वाली टीमों को नॉकआउट में जगह मिलेगी।

आगे की राह और टीम के सामने चुनौतियाँ

मध्य प्रदेश के सामने इस टूर्नामेंट में कई चुनौतियाँ हैं। सबसे बड़ी चुनौती कप्तान पाटीदार की संभावित अनुपस्थिति है। अगर पाटीदार असम मैच के बाद भारत ए टीम से जुड़ने के लिए रवाना होते हैं, तो टीम को बिना अपने कप्तान के बाकी ग्रुप मैच खेलने होंगे। ऐसे में कार्यवाहक कप्तान का चयन और टीम की रणनीति अहम हो जाएगी। दूसरी चुनौती माधव तिवारी और कुलदीप सेन जैसे खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी है, जिससे टीम को अपने संसाधनों का सर्वश्रेष्ठ उपयोग करना होगा। हालांकि टीम में आवेश खान जैसे अनुभवी गेंदबाज और अक्षत रघुवंशी, हर्ष गवली और अनिकेत वर्मा जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज हैं, जो किसी भी दिन मैच का रुख बदल सकते हैं। कोच चंद्रकांत पंडित का अनुभव भी टीम के लिए बड़ी पूंजी है। पंडित के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश ने पहले भी घरेलू क्रिकेट में अच्छे परिणाम दिए हैं। अब देखना होगा कि 14 नवंबर से शुरू हो रहे अभियान में टीम कैसा प्रदर्शन करती है और क्या रजत पाटीदार मध्य प्रदेश कप्तान के रूप में टीम को खिताब की दौड़ में दूर तक ले जाते हैं। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब न्यू चंडीगढ़ में होने वाले पहले मुकाबले पर टिकी हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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