पुणे ब्यूरो
सार: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार को बुधवार, 4 नवंबर 2026 को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से छुट्टी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर उनसे बातचीत की और उनकी सेहत का हाल जाना। प्रधानमंत्री ने 85 वर्षीय वरिष्ठ नेता को पूरी तरह आराम करने की सलाह दी और कहा कि सुप्रिया सुले और अन्य लोग देश का काम संभाल लेंगे, इसलिए उन्हें अब अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के बीच बुधवार सुबह हुई फोन पर बातचीत ने एक बार फिर यह दिखाया है कि राजनीति के मतभेदों से ऊपर उठकर वरिष्ठ नेताओं के बीच मानवीय संबंध भी बने रहते हैं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के दिन ही प्रधानमंत्री का फोन आना इस बात का संकेत है कि दिल्ली में भी पवार की सेहत को लेकर चिंता थी और उनकी कुशलता की जानकारी लगातार ली जा रही थी। पवार के करीबी सहयोगी विठ्ठल मणियार ने पत्रकारों को इस बातचीत की जानकारी दी और बताया कि बातचीत आत्मीयता और सम्मान के माहौल में हुई।
फोन पर क्या बात हुई
पवार के सहयोगी विठ्ठल मणियार के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह शरद पवार को फोन किया और सबसे पहले उनकी सेहत के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे अपना ख्याल रखें और पूरी तरह आराम करें। मणियार ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पवार से कहा कि सुप्रिया सुले अब पूरी तरह तैयार हैं और वे तथा अन्य लोग देश का काम संभाल सकते हैं, इसलिए पवार को अब आराम करना चाहिए और अपना आशीर्वाद बनाए रखना चाहिए।
मणियार के अनुसार, इस बातचीत में प्रधानमंत्री ने पवार से यह भी आग्रह किया कि वे मार्गदर्शन देते रहें। जवाब में शरद पवार ने कहा कि वे आराम कर रहे हैं और उन्हें देश की चिंता करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सभी लोग मौजूद हैं और काम संभाल रहे हैं। पवार ने फोन कर अपनी सेहत का हाल जानने के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी जताया। यह बातचीत किसी आधिकारिक बैठक या राजनीतिक चर्चा के रूप में सामने नहीं आई है, बल्कि एक वरिष्ठ नेता की सेहत की कुशलता जानने के लिए की गई फोन पर बातचीत के रूप में सामने आई है। इसलिए इसे किसी राजनीतिक फैसले या गठबंधन से जुड़ी घोषणा के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।
अस्पताल में दो दिन: क्या हुआ था
शरद पवार को खांसी और सीने में दर्द की शिकायत के बाद सोमवार, 2 नवंबर 2026 को पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। उन्हें प्लूरिटिक पेन की शिकायत थी। यह श्वसन से जुड़ा सीने का दर्द है, जो आमतौर पर सांस लेने, खांसने या छींकने के दौरान बढ़ जाता है। अस्पताल में उनकी सामान्य जांच और चिकित्सकीय निगरानी की गई।
रूबी हॉल क्लिनिक के मुख्य हृदय रोग विशेषज्ञ, अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. परवेज के. ग्रांट ने बताया कि पवार को सामान्य जांच और चिकित्सकीय निगरानी के लिए भर्ती किया गया था। जांच के बाद उनकी हालत स्थिर पाई गई और पहले से बेहतर बताई गई। दो दिन की निगरानी के बाद बुधवार को उनकी हालत स्थिर और अच्छी होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, छुट्टी के बाद पवार के मुंबई स्थित अपने आवास जाने की उम्मीद थी।
इस दौरान पवार की बेटी और बारामती से लोकसभा सदस्य सुप्रिया सुले ने भी जानकारी दी थी कि उनके पिता की चिकित्सकीय जांच की गई है और उनके स्वास्थ्य से जुड़े सभी मानक स्थिर पाए गए हैं। परिवार की ओर से दी गई यह जानकारी उन अटकलों को शांत करने में मददगार रही, जो एक वरिष्ठ नेता के अस्पताल में भर्ती होने पर स्वाभाविक रूप से सामने आती हैं।

सुप्रिया सुले का अपडेट और मुंबई रवाना
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने सोशल मीडिया मंच पर जानकारी दी कि उनके पिता की तबीयत अब काफी बेहतर है। उन्होंने लिखा कि पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक से उपचार के बाद उन्हें छुट्टी मिल गई है और अब वे कार से पुणे से मुंबई की ओर रवाना हो रहे हैं। सुप्रिया सुले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं और बारामती से लोकसभा सदस्य हैं।
पहले यह चर्चा थी कि छुट्टी के बाद पवार बारामती स्थित अपने आवास जा सकते हैं, लेकिन बाद में जानकारी सामने आई कि वे बेटी सुप्रिया सुले के साथ सीधे मुंबई रवाना हो गए। मुंबई में उनका आवास सिल्वर ओक है, जहां अब वे आराम करेंगे। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक उनकी दिनचर्या सीमित रहेगी और वे चिकित्सकों की सलाह के अनुसार आराम करेंगे।
सुप्रिया सुले का यह अपडेट इसलिए भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही पवार के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता थी। बेटी की ओर से सीधी जानकारी मिलने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि पवार की हालत में सुधार हुआ है और वे अस्पताल से बाहर आ गए हैं।
डॉक्टरों की सलाह: आराम और दिनचर्या
पवार के करीबी सहयोगी विठ्ठल मणियार ने बताया कि डॉक्टरों ने शरद पवार को अपने दौरे और यात्राएं कम करने की सलाह दी है। उन्हें अपनी दिनचर्या और खानपान पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है। डॉक्टरों ने उम्मीद जताई है कि आराम और बेहतर खानपान से उनकी कमजोरी धीरे-धीरे दूर होगी। डॉक्टरों ने उन्हें अगले दो-चार दिन पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है।
85 वर्ष की उम्र में किसी भी वरिष्ठ व्यक्ति के लिए अस्पताल में भर्ती होना और उसके बाद ठीक होना एक संवेदनशील दौर होता है। चिकित्सकों की सलाह आमतौर पर यही होती है कि इस दौर में शारीरिक थकान से बचा जाए, नींद पूरी ली जाए, हल्का और संतुलित भोजन किया जाए और अचानक लंबी यात्राओं से परहेज किया जाए। पवार के मामले में भी डॉक्टरों की सलाह इसी दिशा में सामने आई है। हालांकि, उनकी आगे की दिनचर्या और कार्यक्रमों के बारे में अंतिम फैसला चिकित्सकों की सलाह और परिवार की सहमति से ही होगा।
यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि प्लूरिटिक पेन अपने आप में कोई अंतिम निदान नहीं है, बल्कि सीने में दर्द का एक लक्षण है, जो सांस लेने के दौरान बढ़ सकता है। इसलिए अस्पताल में सामान्य जांच और निगरानी की गई और हालत स्थिर होने पर ही छुट्टी दी गई। आगे भी यदि कोई तकलीफ बढ़ती है, तो चिकित्सकों से संपर्क करना ही सही कदम होगा।
पवार की राजनीतिक पहचान
शरद पवार महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष हैं। महाराष्ट्र की राजनीति में उनकी पहचान एक अनुभवी और लंबे समय तक सक्रिय रहे नेता की रही है। उनकी बेटी सुप्रिया सुले बारामती से लोकसभा सदस्य हैं और पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष हैं। पवार परिवार महाराष्ट्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय है और बारामती क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव रहा है।
महाराष्ट्र की राजनीति में पवार की भूमिका को लेकर अलग-अलग दलों के नेताओं के विचार अलग हो सकते हैं, लेकिन उनकी सेहत को लेकर प्रधानमंत्री का फोन करना एक मानवीय पहलू को सामने लाता है। राजनीति में विरोधी खेमों के नेता भी एक-दूसरे की सेहत की चिंता करते हैं, और इस तरह की बातचीत सार्वजनिक जीवन में शालीनता की परंपरा को मजबूत करती है।
राजनीति से परे एक मानवीय संदेश
प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार के बीच हुई इस बातचीत को लेकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं भी सामने आई हैं। कुछ जगहों पर इस बातचीत के बाद दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस गुटों के विलय और गठबंधन से जुड़ी अटकलों का भी जिक्र हुआ है। लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस फोन पर बातचीत को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से किसी राजनीतिक फैसले, विलय या गठबंधन में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इसलिए इस खबर को उसी सीमा में पढ़ा जाना चाहिए, जितनी जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आई है। सामने आई जानकारी यह है कि प्रधानमंत्री ने पवार की सेहत का हाल जाना, उन्हें आराम करने की सलाह दी और मार्गदर्शन जारी रखने का आग्रह किया। पवार ने आराम करने की बात कही और प्रधानमंत्री का आभार जताया। इससे आगे की कोई भी बात अटकल ही होगी, जिसे तथ्य के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
राजनीतिक खबरों में अक्सर एक फोन कॉल को भी बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में पढ़ लिया जाता है। लेकिन जब तक किसी दल या नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक ऐसी चर्चाओं को चर्चा ही माना जाना चाहिए। इस मामले में भी यही सिद्धांत लागू होता है। सेहत की कुशलता जानने के लिए किया गया फोन कॉल अपने आप में एक सकारात्मक और मानवीय कदम है, और इसे उसी रूप में देखना उचित होगा।
आगे क्या होगा
आगे की स्थिति मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करेगी। पहली, शरद पवार की सेहत में कितनी तेजी से सुधार होता है और चिकित्सक उन्हें आगे की दिनचर्या के लिए क्या सलाह देते हैं। दूसरी, परिवार और पार्टी की ओर से उनके कार्यक्रमों को लेकर क्या फैसला लिया जाता है। तीसरी, मुंबई में आराम के दौरान उनकी दिनचर्या कैसी रहती है।
अगले दो-चार दिन आराम के लिए बताए गए हैं, इसलिए इस दौरान उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में कमी रहने की उम्मीद है। यदि उनकी सेहत स्थिर रहती है, तो धीरे-धीरे वे अपनी सामान्य दिनचर्या की ओर लौट सकते हैं। लेकिन इस बारे में कोई भी निश्चित तारीख या कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। परिवार या चिकित्सकों की ओर से नई जानकारी आने पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
महाराष्ट्र और देश के राजनीतिक हलकों में पवार की सेहत को लेकर चिंता स्वाभाविक है, क्योंकि वे लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं। उनके समर्थक और शुभचिंतक उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। प्रधानमंत्री का फोन भी इसी चिंता का एक संकेत है कि वरिष्ठ नेताओं की सेहत को लेकर सभी दलों में संवेदनशीलता बनी हुई है।
क्या स्पष्ट है और क्या नहीं
स्पष्ट तथ्य ये हैं: शरद पवार को 2 नवंबर को खांसी और सीने में दर्द के बाद पुणे के रूबी हॉल क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद उनकी हालत स्थिर पाई गई। 4 नवंबर को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। उसी दिन सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर उनकी सेहत का हाल जाना और उन्हें आराम करने की सलाह दी। पवार ने आराम करने की बात कही और प्रधानमंत्री का आभार जताया। छुट्टी के बाद वे सुप्रिया सुले के साथ मुंबई रवाना हुए और अब सिल्वर ओक आवास में आराम करेंगे। डॉक्टरों ने उन्हें दो-चार दिन आराम और यात्राएं कम करने की सलाह दी है।
अभी स्पष्ट नहीं है: पवार के आगे के सार्वजनिक कार्यक्रमों की तारीख, उनकी अगली चिकित्सकीय जांच का समय और किसी भी राजनीतिक फैसले से जुड़ी कोई आधिकारिक घोषणा। इन विषयों पर जब तक परिवार, चिकित्सक या संबंधित दल की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं आती, तब तक अटकलों को तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को भी यही सलाह दी जाती है कि वे सेहत से जुड़ी खबरों में केवल आधिकारिक और चिकित्सकीय जानकारी पर भरोसा करें।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।
