Headlines

त्योहार से पहले महापौर का कपड़ा मार्केट में औचक दौरा: लटकते तार और घटिया डामरीकरण पर फटकार, ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश

कपड़ा मार्केट में निरीक्षण करते महापौर पुष्यमित्र भार्गव। कपड़ा मार्केट में निरीक्षण करते महापौर पुष्यमित्र भार्गव।

इंदौर ब्यूरो

सार: त्योहारों से पहले इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने 1 नवंबर, रविवार सुबह कपड़ा मार्केट, बर्तन बाजार, मारोठिया और शीतला माता बाजार का औचक निरीक्षण किया। सफाई, पार्किंग, लटकते तारों और पारंपरिक रोशनी की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए, वहीं शीतला माता बाजार में घटिया डामरीकरण पर महापौर ने मौके पर ही नाराजगी जताई और ठेकेदार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। दीपावली तक व्यापारियों और ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने की बात भी कही गई।

त्योहार से पहले बाजारों का औचक निरीक्षण

त्योहारों का मौसम आते ही इंदौर के बाजारों में रौनक बढ़ जाती है। खरीदारी के लिए उमड़ने वाली भीड़, सजती दुकानें और सड़कों पर बढ़ती चहल-पहल के बीच व्यवस्थाओं की असली परीक्षा भी इन्हीं दिनों होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रविवार सुबह शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों का औचक दौरा किया। कपड़ा मार्केट, बर्तन बाजार, मारोठिया और शीतला माता बाजार में पहुंचकर उन्होंने मौके पर ही हालात का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, निगम के झोनल अधिकारी, कपड़ा मार्केट के अध्यक्ष महेश मुगंड और बड़ी संख्या में व्यापारी भी महापौर के साथ मौजूद रहे। बाजारों में घूमते हुए महापौर ने दुकानदारों से बातचीत की और उनकी परेशानियों को सुना। त्योहारों के दौरान बाजार में आने वाले ग्राहकों की सुविधा और व्यापारियों की सहूलियत, दोनों को केंद्र में रखकर यह दौरा किया गया।

सफाई, पार्किंग और रोशनी पर स्पष्ट निर्देश

निरीक्षण के दौरान महापौर ने सबसे पहले सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उनका कहना था कि त्योहारों के दौरान बाजार में स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, और गंदगी या अव्यवस्था से न केवल व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि शहर की छवि भी खराब होती है। इसलिए सफाई व्यवस्था को हर हाल में दुरुस्त रखने को कहा गया।

सफाई के साथ ही पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने पर भी जोर दिया गया। त्योहारों में वाहनों की आवाजाही कई गुना बढ़ जाती है, और अगर पार्किंग की व्यवस्था ठीक न हो तो जाम और अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि पार्किंग की व्यवस्था ऐसी हो कि ग्राहकों को वाहन खड़ा करने में परेशानी न हो और बाजार की सड़कें सुचारु रूप से चलती रहें। इसके अलावा हर साल की तरह पारंपरिक रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि त्योहारों की रौनक बाजारों में पूरी तरह दिखाई दे।

व्यापारी परेशान नहीं होने चाहिए: अतिक्रमण पर रुख

निरीक्षण के दौरान महापौर ने अतिक्रमण की कार्रवाई को लेकर भी अपना रुख साफ किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि त्योहारों का समय है, ऐसे में बिना मतलब का रिमूवल लेकर आने की जरूरत नहीं है। व्यापारी अगर ओटले पर अभी दुकान नहीं लगाएगा तो कब लगाएगा, इसलिए त्योहारों के दौरान व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए। यह बात व्यापारियों के लिए राहत भरी रही, क्योंकि त्योहारों का मौसम ही उनकी साल भर की कमाई का सबसे बड़ा सहारा होता है।

व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेश मुगंड ने महापौर को यह भी बताया कि बाजार में अस्थायी रूप से मंडी लगने के कारण व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्थायी मंडी की वजह से आवाजाही प्रभावित होती है और दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच में दिक्कत आती है। महापौर ने इस शिकायत को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को इस दिशा में भी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

शीतला माता बाजार में घटिया डामरीकरण पर फटकार

निरीक्षण का सबसे तीखा मोड़ शीतला माता बाजार में आया, जहां हुए डामरीकरण की गुणवत्ता को लेकर व्यापारियों ने शिकायत की थी। महापौर ने मौके पर ही सड़क की गुणवत्ता देखी और उस पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को मौके पर बुलाकर कहा, “अभय जी ये ठीक बात नहीं है।” महापौर का कहना था कि डामर की गुणवत्ता खराब है और इस पर ठेकेदार पर कार्रवाई होनी चाहिए।

महापौर ने यह भी कहा कि पेंचवर्क की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें मिल चुकी हैं। बार-बार शिकायत आने के बावजूद अगर गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है तो ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है, यह सवाल उन्होंने अधिकारियों से किया। सड़क की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतें केवल एक बार की बात नहीं हैं, बल्कि यह सिलसिला पहले से चला आ रहा है। महापौर की इस फटकार के बाद अब ठेकेदार पर कार्रवाई की उम्मीद बढ़ गई है।

लटकते तारों पर नाराजगी, दीपावली के बाद संयुक्त अभियान

बाजार में जगह-जगह लटक रहे बिजली और केबल के तारों को लेकर भी महापौर ने नाराजगी जताई। लटकते तार न केवल बाजार की सुंदरता खराब करते हैं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरनाक हो सकते हैं। त्योहारों के दौरान जब भीड़ बढ़ जाती है, तब इस तरह के तारों से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। महापौर ने अधिकारियों को इन तारों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए।

तारों को लेकर महापौर ने एक स्पष्ट समयसीमा भी तय की। उन्होंने कहा कि दीपावली तक व्यापारियों और ग्राहकों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, इसलिए इस दौरान किसी प्रकार की रिमूवल कार्रवाई नहीं की जाए। दीपावली के बाद पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर सभी अनावश्यक और लटकते तारों को हटाया जाए तथा केबल नेटवर्क को व्यवस्थित किया जाए। इस तरह त्योहारों के दौरान व्यापार भी चलता रहेगा और उसके बाद सुरक्षा का काम भी व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सकेगा।

त्योहारों में बाजारों की तैयारी का बड़ा संदेश

महापौर के इस औचक दौरे से त्योहारों के दौरान बाजारों की तैयारी को लेकर एक स्पष्ट संदेश गया है। प्रशासन की कोशिश यह है कि त्योहारों में बाजार स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित रहें, ताकि व्यापारी बिना परेशानी के कारोबार कर सकें और ग्राहक आराम से खरीदारी कर सकें। सफाई, रोशनी, पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के निर्देश इसी सोच का हिस्सा हैं।

इंदौर के बाजारों का त्योहारों से गहरा नाता रहा है। कपड़ा मार्केट, बर्तन बाजार, मारोठिया और शीतला माता बाजार जैसे क्षेत्र शहर की व्यापारिक धड़कन कहे जाते हैं। यहां की व्यवस्था का सीधा असर हजारों व्यापारियों और लाखों ग्राहकों पर पड़ता है। ऐसे में महापौर का मौके पर जाकर हालात देखना और अधिकारियों को निर्देश देना यह बताता है कि त्योहारों की तैयारी को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है।

आगे क्या होगा: दीपावली तक राहत, बाद में सख्ती

आगे की राह अब साफ है। दीपावली तक बाजारों में किसी तरह की रिमूवल कार्रवाई नहीं होगी और व्यापारियों को त्योहारों का मौसम बिना परेशानी के बिताने का मौका मिलेगा। सफाई, रोशनी और पार्किंग की व्यवस्था को इसी दौरान और मजबूत किया जाएगा। दीपावली के बाद लटकते तारों को लेकर पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलेगा, जिसमें अनावश्यक तार हटाए जाएंगे और केबल नेटवर्क को व्यवस्थित किया जाएगा।

शीतला माता बाजार के डामरीकरण को लेकर ठेकेदार पर कार्रवाई का मुद्दा भी अब अधिकारियों के सामने है। महापौर की फटकार के बाद यह देखना होगा कि ठेकेदार के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं और सड़क की गुणवत्ता में सुधार के लिए क्या व्यवस्था की जाती है। महापौर ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान बाजार में सफाई, रोशनी, पार्किंग और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे। इसी भरोसे के साथ व्यापारी और ग्राहक अब त्योहारों की तैयारियों में जुट गए हैं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

दैनिक संपूर्ण प्रदेश — आपका अपना अख़बार