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राज्योत्सव में किसानों का सम्मान: 165 विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर, 102 मेधावी छात्रों को एक-एक लाख की छात्रवृत्ति

सांकेतिक चित्र: खेत में ट्रैक्टर सांकेतिक चित्र: खेत में ट्रैक्टर

भोपाल ब्यूरो

मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर भोपाल में चल रहे तीन दिवसीय राज्योत्सव में किसानों और मेधावी छात्रों का विशेष सम्मान हो रहा है। किसान स्वाभिमान पर्व क्विज के 165 विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर दिए जा रहे हैं, जबकि 102 मेधावी छात्रों को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिल रही है।

मध्य प्रदेश अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है। राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव आयोजित किया जा रहा है। इस बार समारोह की मुख्य थीम विरासत से विकास रखी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 नवंबर को सुबह 11 बजे आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और स्वाद-देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन किया और शाम 6:30 बजे मुख्य सांस्कृतिक समारोह का शुभारंभ किया। समारोह के दूसरे दिन 2 नवंबर की शाम को 20 से अधिक लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र हैं, जबकि 3 नवंबर को लोक गायक मामे खान की प्रस्तुति के साथ राज्योत्सव का समापन होगा।

क्या है किसान स्वाभिमान पर्व क्विज

किसान कल्याण वर्ष 2026 के तहत प्रदेश में किसान स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। यह प्रतियोगिता 29 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक चली। इसमें प्रदेश के करीब 40 हजार किसानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य किसानों को शासन की योजनाओं, आधुनिक खेती और किसान कल्याण से जुड़ी जानकारियों से जोड़ना था। प्रतियोगिता में पूछे गए प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले किसानों की मेरिट सूची तैयार की गई। इसके बाद लॉटरी प्रक्रिया के जरिए विजेताओं का चयन किया गया।

किसान कल्याण वर्ष के दौरान इस तरह की प्रतियोगिताओं के माध्यम से सरकार किसानों तक सीधे पहुंचने की कोशिश कर रही है। ऑनलाइन माध्यम से आयोजित यह क्विज इसलिए भी खास रही क्योंकि इसमें प्रदेश के हर जिले के किसान शामिल हो सके। गांव में बैठा किसान भी अपने मोबाइल से इस प्रतियोगिता में भाग ले सका। यही वजह है कि प्रतियोगिता में भागीदारी का आंकड़ा करीब 40 हजार तक पहुंचा।

कैसे चुने गए 165 विजेता

प्रतियोगिता में सभी प्रश्नों के सही उत्तर देने वाले किसानों की जिलेवार सूची तैयार की गई। इसके बाद चयन समिति की देखरेख में लॉटरी निकाली गई। लॉटरी के जरिए प्रदेश के सभी 55 जिलों से 165 विजेताओं का चयन किया गया। हर जिले से तीन किसानों को पुरस्कार के लिए चुना गया। इस तरह किसी एक जिले या क्षेत्र तक पुरस्कार सीमित नहीं रहे, बल्कि पूरे प्रदेश के किसान इसमें शामिल हुए।

चयन की यह प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए लॉटरी का तरीका अपनाया गया। मेरिट सूची में आने वाले सभी किसानों को बराबर अवसर मिला। लॉटरी से चयन होने के बाद हर जिले के तीन-तीन विजेताओं की सूची जारी की गई। इन विजेताओं को राज्योत्सव के मंच से सम्मानित किया जा रहा है।

सांकेतिक चित्र: खेत में ट्रैक्टर
सांकेतिक चित्र: खेत में ट्रैक्टर

किसे क्या पुरस्कार मिलेगा

165 विजेताओं को तीन श्रेणियों में पुरस्कार दिए जा रहे हैं। प्रथम पुरस्कार के रूप में 55 ट्रैक्टर दिए जा रहे हैं। हर जिले से एक विजेता को ट्रैक्टर मिलेगा। द्वितीय पुरस्कार के रूप में 55 बुलेट मोटरसाइकिल दी जा रही हैं। हर जिले से एक विजेता को बुलेट मोटरसाइकिल मिलेगी। तृतीय पुरस्कार के रूप में 55 ई-स्कूटर दिए जा रहे हैं। हर जिले से एक विजेता को ई-स्कूटर मिलेगा। इस तरह कुल 165 पुरस्कार वितरित किए जा रहे हैं।

ट्रैक्टर किसान के लिए सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि खेती का सबसे अहम साथी है। जुताई, बुवाई, ढुलाई और मंडी तक उपज पहुंचाने में ट्रैक्टर की भूमिका सबसे बड़ी होती है। इसी तरह बुलेट मोटरसाइकिल ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन का भरोसेमंद साधन है। ई-स्कूटर कम खर्च में चलने वाला आधुनिक वाहन है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर माना जाता है। तीनों पुरस्कार किसानों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े हुए हैं।

भोपाल में मुख्यमंत्री करेंगे सम्मान, जिलों में प्रभारी मंत्री

भोपाल जिले के विजेताओं को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पुरस्कृत करेंगे। राज्य स्तरीय समारोह में भोपाल के विजेताओं को मंच से सम्मान मिलेगा। दूसरे जिलों के विजेताओं को संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री सम्मानित करेंगे। इस व्यवस्था से हर जिले में विजेताओं का सम्मान अपने जिले में ही हो सकेगा और समारोह का दायरा पूरे प्रदेश तक फैलेगा।

राज्योत्सव के मंच से किसानों का सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समारोह प्रदेश के स्थापना दिवस का सबसे बड़ा आयोजन है। इस मंच से सम्मान पाना विजेता किसानों के लिए गौरव की बात है। साथ ही दूसरे किसानों को भी ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने की प्रेरणा मिलती है।

102 मेधावी छात्रों को भी सम्मान

राज्योत्सव में किसानों के साथ-साथ मेधावी छात्रों का भी सम्मान किया जा रहा है। प्रदेश के 102 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मेधावी छात्रवृत्ति के तहत एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। यह छात्रवृत्ति उन छात्रों को दी जा रही है जिन्होंने पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। एक लाख रुपये की राशि छात्रों की आगे की पढ़ाई में मदद करेगी।

किसानों के बच्चों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए इस तरह की छात्रवृत्ति का विशेष महत्व है। कई छात्र आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। छात्रवृत्ति की राशि से वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। राज्योत्सव के मंच से छात्रों का सम्मान शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी देता है।

राज्योत्सव में कृषि प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम

राज्योत्सव में कृषि और उससे जुड़े विभागों की ओर से करीब 200 प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर खेती के नए तरीके, आधुनिक मशीनें, उन्नत बीज, जैविक खेती के इनपुट और सरकार की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कृषि प्रदर्शनी 2 और 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। इन दो दिनों में किसान भ्रमण, प्रशिक्षण और संगोष्ठी भी रखी गई है। इसमें विभिन्न विभागों के मास्टर ट्रेनर और कृषि वैज्ञानिक किसानों को जरूरी जानकारी देंगे। पशुपालन विभाग की ओर से अच्छी नस्ल के पशुओं का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।

राज्योत्सव में विरासत से विकास, जन-कल्याण एवं विकास और राजा भोज का भोपाल जैसी प्रदर्शनियां भी लगाई गई हैं। इन प्रदर्शनियों से प्रदेश की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक विरासत, विकास उपलब्धियों और गौरवशाली परंपराओं की जानकारी मिल रही है। महिला उद्यमिता मंडप में महिला उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी है। स्वाद-देशज व्यंजन मेले में प्रदेश के विविध अंचलों के स्वाद और स्थानीय खानपान की झलक देखने को मिल रही है। किसान बाजार में भी किसानों के उत्पादों की बिक्री हो रही है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बात करें तो पहले दिन पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति दी। दूसरे दिन 2 नवंबर की शाम 6:30 बजे प्रदेश एवं अन्य राज्यों के लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां हो रही हैं। इसके बाद वाद्ययंत्र केंद्रित प्रस्तुति भी होगी। तीसरे दिन 3 नवंबर को लोक गायक मामे खान अपनी गायकी से समारोह का समापन करेंगे।

किसान कल्याण वर्ष में किसानों के लिए पहलें

वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया था, जबकि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में समर्पित किया गया है। किसान कल्याण वर्ष में कृषि क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्योत्सव के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा था कि मध्य प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे है। उन्होंने यह भी कहा था कि प्रदेश में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतरा है और यह क्रम जारी है।

किसान कल्याण वर्ष में किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक तकनीक पहुंचाने और योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने पर जोर है। कृषि प्रदर्शनी, प्रशिक्षण और संगोष्ठी इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। किसान स्वाभिमान पर्व क्विज भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसमें किसानों को योजनाओं की जानकारी के साथ पुरस्कार का अवसर भी मिला।

आगे क्या होगा

राज्योत्सव 3 नवंबर तक चलेगा। 2 और 3 नवंबर को कृषि प्रदर्शनी दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेगी। किसान भ्रमण, प्रशिक्षण और संगोष्ठी में किसान भाग ले सकेंगे। जिलों में प्रभारी मंत्री विजेता किसानों को सम्मानित करेंगे। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से विजेताओं का सम्मान किया जाएगा। राज्योत्सव के बाद भी कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए प्रशिक्षण और योजनाओं की जानकारी का सिलसिला जारी रहेगा।

किसानों के लिए ट्रैक्टर, बुलेट और ई-स्कूटर जैसे पुरस्कार उनकी मेहनत का सम्मान हैं। मेधावी छात्रों के लिए एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति उनकी पढ़ाई में सहारा बनेगी। राज्योत्सव का यह पक्ष दिखाता है कि स्थापना दिवस का समारोह सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें किसानों और छात्रों के भविष्य से जुड़े ठोस कदम भी शामिल हैं।

राज्योत्सव की पूरी जानकारी यहाँ उपलब्ध है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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