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सोना-चांदी में बड़ी गिरावट के बाद धनतेरस पर खरीदारी का सुनहरा मौका: 10 दिन में सोना ₹5,840 और चांदी ₹25,000 तक सस्ती, जानिए आज के भाव और त्योहारी असर

पुष्य नक्षत्र में क्या खरीदें — सोने के कंगन की सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर — स्रोत: Wikimedia Commons

धनतेरस से ठीक पहले सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी नरमी आई है। पिछले 10 दिन में 24 कैरेट सोना ₹5,840 और चांदी करीब ₹25,000 प्रति किलो तक सस्ती हुई है। 1 नवंबर को 24 कैरेट सोना ₹1,38,880 प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब ₹1.79 से ₹1.80 लाख प्रति किलो के आसपास रही। सराफा कारोबारियों को उम्मीद है कि दामों की इस नरमी से धनतेरस-दिवाली पर खरीदारी और बढ़ेगी।

डेस्क रिपोर्ट। त्योहारी सीजन के सबसे बड़े खरीदारी पर्व धनतेरस से ठीक पहले सोना-चांदी के बाजार से खरीदारों के लिए राहत भरी खबर आई है। नवंबर के पहले दिन, 1 नवंबर 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर जारी रहा। रविवार होने के कारण सराफा बाजार बंद रहे, इसलिए आज के भाव शुक्रवार के कारोबारी दिन की दरों के आधार पर संदर्भ के रूप में लिए गए हैं। धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को है, और कीमतों में आई इस नरमी ने त्योहारी खरीदारी की योजना बना रहे लोगों के चेहरे पर चमक ला दी है। सवाल यह है कि यह गिरावट कितनी बड़ी है, इसके पीछे वजह क्या है, और धनतेरस-दिवाली पर इसका क्या असर रहेगा।

आज के भाव: 1 नवंबर को सोना-चांदी किस स्तर पर

1 नवंबर को राष्ट्रीय संकेतक दरों के अनुसार 24 कैरेट सोना ₹3,380 की गिरावट के साथ ₹1,38,880 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 22 कैरेट सोना ₹3,100 फिसलकर ₹1,27,300 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि 18 कैरेट सोना ₹1,04,160 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। दिल्ली के शहरवार भाव में मामूली अंतर दिखा है — वहां 24 कैरेट सोना ₹1,39,030, 22 कैरेट ₹1,27,450 और 18 कैरेट ₹1,04,310 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। चांदी का भाव अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ₹1,78,900 से ₹1,80,060 प्रति किलो के दायरे में रहा है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सांकेतिक दरें हैं — इनमें 3 प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज शामिल नहीं हैं, और अलग-अलग शहरों में लोकल प्रीमियम के कारण भाव में थोड़ा अंतर आ सकता है। दुकान पर अंतिम कीमत इन्हीं चीजों के जुड़ने के बाद तय होती है।

10 से 15 दिन में कितनी बड़ी गिरावट आई

गिरावट को सिर्फ एक दिन के आंकड़े से नहीं, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों के रुझान से समझना चाहिए। पिछले 10 दिन की बात करें तो 24 कैरेट सोना ₹5,840 और 22 कैरेट सोना ₹5,050 सस्ता हुआ है, जबकि चांदी एक किलो पर करीब ₹25,000 नीचे आ गई है। इस 10 दिन की अवधि में सिर्फ दो दिन — 24 अक्टूबर और 1 नवंबर — ऐसे रहे जब भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ। इससे पहले के 15 दिन का हिसाब देखें तो तस्वीर और साफ होती है: 16 अक्टूबर को सोना ₹1,48,049 प्रति 10 ग्राम था, जो 30 अक्टूबर तक घटकर ₹1,38,290 रह गया, यानी करीब ₹9,759 की गिरावट। इसी अवधि में चांदी ₹2,15,450 प्रति किलो से घटकर ₹1,80,000 रह गई, यानी करीब ₹35,450 की कमी। अलग-अलग अवधि के आंकड़े अलग हैं, लेकिन दिशा एक ही है — सोना-चांदी लगातार नरम हो रहे हैं, और यह नरमी त्योहारों से ठीक पहले आई है।

गिरावट के पीछे क्या वजह है

कीमतों में इस नरमी के पीछे घरेलू से ज्यादा वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी अपने रिकॉर्ड स्तरों से मुनाफावसूली का शिकार हुए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त संकेतों के बाद डॉलर और बॉन्ड यील्ड मजबूत हुए, जिससे सोने-चांदी का आकर्षण घटा। इसके साथ ही तकनीकी शेयरों में भारी बिकवाली और मार्जिन कॉल के दबाव ने भी बिकवाली को बढ़ाया। अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोना करीब 2.7 प्रतिशत लुढ़ककर 3,910.53 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। चांदी में गिरावट और तेज रही — उसका हाजिर भाव करीब 5.8 प्रतिशत टूटकर 49.34 डॉलर प्रति औंस रह गया, जो नवंबर 2025 के बाद पहली बार 50 डॉलर से नीचे का स्तर है। घरेलू वायदा बाजार में भी यही दबाव दिखा, जहां सोना और चांदी दोनों में कमजोरी दर्ज की गई।

धनतेरस-दिवाली पर क्या असर रहेगा

त्योहारी सीजन पर इस गिरावट का असर बाजार में पहले से दिखने लगा है। नवरात्र से ही दामों में नरमी शुरू हुई थी, और तभी से सराफा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। कई शहरों में ग्राहक धनतेरस और दिवाली के लिए आभूषणों की अग्रिम बुकिंग करा रहे हैं। सोने-चांदी के सिक्कों, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों और पारंपरिक व आधुनिक डिजाइन के गहनों की मांग बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। एक ग्राम से शुरू होने वाले सोने के सिक्के और चांदी के लक्ष्मी-गणेश वाले सिक्के इस समय सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं। करवा चौथ पर उपहार के रूप में सोने की अंगूठी और चांदी के बिछुए व पायल की बिक्री भी अच्छी रही है। एक जिले के कारोबारियों के अनुसार नवरात्र से अब तक 15 दिन में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो चुका है, और यदि दामों में इसी तरह नरमी रही तो धनतेरस-दिवाली तक 20 करोड़ रुपये तक कारोबार की उम्मीद है।

हर जगह एक जैसी रौनक नहीं, उम्मीद धनतेरस पर टिकी

हालांकि तस्वीर हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ शहरों के ज्वैलर्स का कहना है कि धनतेरस और दिवाली करीब होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों का वैसा रुझान अभी देखने को नहीं मिला है, और पूरी उम्मीद धनतेरस के दिन पर टिकी है। मध्य प्रदेश के लिहाज से संकेत उत्साहजनक हैं — इंदौर में रवि पुष्य के दिन मिनी धनत्रयोदशी पर बाजारों में करीब 900 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था, जिसमें सराफा का हिस्सा करीब 250 करोड़ रुपये रहा था। यह बताता है कि त्योहारी खरीदारी की रफ्तार प्रदेश में पहले से बनी हुई है। धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी को शुभ माना जाता है, इसलिए दामों की नरमी के बीच इस बार धनतेरस पर रिकॉर्ड कारोबार की उम्मीद जताई जा रही है।

खरीदारी से पहले क्या जांचें

खरीदारी करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना फायदेमंद रहेगा। पहली बात, आभूषणों पर बीआईएस हॉलमार्क जरूर देखें — हॉलमार्क ही शुद्धता की पहचान है। दूसरी बात, 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के बीच का अंतर समझें — आभूषण आमतौर पर 22 कैरेट में बनते हैं, जबकि 24 कैरेट सबसे शुद्ध होता है। तीसरी बात, अखबारों और वेबसाइटों पर दिखने वाली सांकेतिक दरों को दुकान की अंतिम कीमत न समझें — उसमें 3 प्रतिशत जीएसटी और मेकिंग चार्ज जुड़ता है, और हर शहर में लोकल प्रीमियम अलग होता है। चौथी बात, खरीदारी का पक्का बिल जरूर लें और वजन व शुद्धता बिल पर दर्ज करवाएं। पांचवीं बात, चांदी के सिक्कों और मूर्तियों की खरीदारी में भी शुद्धता और वजन की जांच करें।

आगे क्या: जानकारों की राय

आगे की चाल को लेकर बाजार जानकारों की राय बंटी हुई है। कुछ जानकारों के अनुसार घरेलू बाजार में सोना इस समय 1.40 से 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के महत्वपूर्ण स्तर की ओर बढ़ रहा है, और यदि कीमतें इससे नीचे फिसलती हैं तो 1.37 लाख रुपये तक भी आ सकती हैं। चांदी के लिए अगला बड़ा स्तर 1.83 से 1.85 लाख रुपये प्रति किलो के दायरे में देखा जा रहा है। जानकारों का यह भी कहना है कि शॉर्ट टर्म में अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों और त्योहारी खरीदारों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक हो सकता है। यह राय बाजार जानकारों की है, कोई निश्चित भविष्यवाणी नहीं — कीमतें दोनों दिशाओं में जा सकती हैं, इसलिए खरीदारी अपने बजट और जरूरत के हिसाब से करना ही समझदारी है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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