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मध्य प्रदेश में मौसम की करवट: 27 से 29 अक्टूबर तक कई जिलों में बारिश का अलर्ट, पूर्वी हिस्से में भारी वर्षा की चेतावनी

सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल और भीगता गांव सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल और भीगता गांव

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। सोमवार, 26 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा और दिन में तेज धूप खिली, लेकिन शाम ढलते ही हल्की ठंड का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार यह शुष्क मौसम अब कुछ ही घंटों का मेहमान है। 27 अक्टूबर से प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो 28 और 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में और तेज हो सकता है। दीपावली की तैयारियों के बीच मौसम के इस बदलाव ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, इसलिए मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है।

आज का हाल: दिन में धूप, शाम को गुलाबी ठंड

26 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के किसी भी जिले के लिए बारिश या मौसम संबंधी कोई अलर्ट जारी नहीं था। भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। दिन में तेज धूप महसूस हुई और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। शाम होते ही तापमान में गिरावट से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को गुलाबी ठंड का अहसास हुआ।

इस साल मानसून प्रदेश में करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इस दौरान कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, तो कई जिले वर्षा के औसत आंकड़े को भी नहीं छू पाए। अक्टूबर माह की शुरुआत से ही प्रदेश में गर्मी, ठंड और बरसात का मिला-जुला रुझान बना हुआ है। कभी दिन में तेज धूप तो कभी सुबह-शाम की ठंडक, यही इस मौसम की पहचान बन गई है। लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम के असर से यह रुझान फिर बदलने जा रहा है।

27 अक्टूबर से क्यों बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी में बना गहरे दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और इसके असर से 27 अक्टूबर से मध्य प्रदेश में मौसम करवट लेना शुरू कर देगा। पहले दिन कई जिलों में बादल छाने के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। तेज हवा के साथ कुछ स्थानों पर बारिश भी हो सकती है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह के सिस्टम के आने पर पहले पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में असर दिखता है और फिर धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ता है। इसलिए 27 अक्टूबर को भले ही हर जिले में तेज बारिश न हो, लेकिन बादल और बूंदाबांदी का दौर कई हिस्सों में शुरू हो सकता है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें, क्योंकि अलर्ट की स्थिति में बदलाव भी संभव है।

28 अक्टूबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी

28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की विशेष चेतावनी दी गई है। पूर्वानुमान के अनुसार शहडोल, अनूपपुर, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट में भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के अलावा छतरपुर, सागर, दमोह, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सतना, पन्ना, मैहर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

पूर्वी हिस्से में भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खेतों में काम करने वाले लोगों और सड़क यात्रा करने वालों को गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थान पर रुकने की सलाह दी जाती है। मौसम विभाग ने कहा है कि तेज हवा और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए।

29 अक्टूबर: ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिले

29 अक्टूबर के लिए पूर्वानुमान में पूर्वी जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट की चेतावनी दर्शाई गई है। ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी और बालाघाट शामिल हैं। येलो अलर्ट वाले जिलों में छतरपुर, कटनी, जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा और सिवनी के नाम हैं।

ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित जिलों में मौसम की स्थिति पर विशेष नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि वहां तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। येलो अलर्ट में भी लोगों को सतर्क रहने और मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी जाती है। अलर्ट की श्रेणी और प्रभावित जिलों की सूची में पूर्वानुमान के अनुसार बदलाव भी हो सकता है, इसलिए अंतिम स्थिति के लिए मौसम विभाग की ताजा चेतावनी ही मान्य होगी।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में क्या रहेगा हाल

पश्चिमी और मध्य हिस्से के बड़े शहरों में इस बदलाव का असर तुलनात्मक रूप से हल्का रहने की संभावना है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, मुरैना, नीमच, मंदसौर, धार, खरगोन और बुरहानपुर में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। सागर, दमोह और टीकमगढ़ में भी बादलों का दौर बना रह सकता है।

26 अक्टूबर को भोपाल और इंदौर में दिन में धूप और शाम को सुहावना मौसम रहा। आने वाले दिनों में इन शहरों में तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और सुबह-शाम की ठंडक बढ़ सकती है। दीपावली से पहले घरों की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और बाजार की तैयारियों में लगे लोगों के लिए बादल और बूंदाबांदी की संभावना एक चुनौती बन सकती है, इसलिए काम की योजना बनाते समय मौसम का पूर्वानुमान ध्यान में रखना समझदारी होगी।

किसानों और दीपावली की तैयारियों पर असर

मौसम के इस बदलाव का सबसे सीधा असर खेतों और खुले में रखे सामान पर पड़ सकता है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में खेतों में काम और फसल से जुड़ी गतिविधियां चल रही होती हैं। तेज बारिश और तेज हवा से खुले में रखी उपज को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम की ताजा जानकारी के अनुसार काम की योजना बनाएं।

दूसरी ओर, दीपावली की तैयारियां भी जोरों पर हैं। बाजारों में खरीदारी बढ़ रही है और घरों में सजावट का काम चल रहा है। बारिश के दिनों में बाजार जाने वाले लोगों को भीगने और सड़कों पर फिसलन से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। दुकानदारों को भी अपने सामान को बारिश से बचाने के इंतजाम पहले से करने चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनी का मकसद यही है कि लोग समय रहते तैयारी कर लें और किसी तरह की परेशानी से बच सकें।

यात्रा करने वालों के लिए सावधानी

बारिश के दिनों में सड़क यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बारिश में दृश्यता कम हो जाती है और सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं। इसलिए वाहन धीमी गति से चलाना, हेडलाइट का प्रयोग करना और जलभराव वाले रास्तों से बचना जरूरी है। गरज-चमक के दौरान दोपहिया वाहन चालकों को सुरक्षित स्थान पर रुक जाना चाहिए।

मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। यदि किसी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी होता है तो अनावश्यक यात्रा से बचना ही बेहतर होगा। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों का भी इन दिनों विशेष ध्यान रखना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका के समय मोबाइल फोन के टावर, ऊंचे पेड़ और धातु की वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।

आगे क्या: ताजा पूर्वानुमान पर रखें नजर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 27 से 29 अक्टूबर तक मध्य प्रदेश में मौसम बदला रहेगा। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है। लेकिन यह पूर्वानुमान सिस्टम की गति और तीव्रता पर निर्भर करता है, इसलिए इसमें बदलाव भी संभव है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे हर दिन सुबह मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान जरूर देखें।

प्रदेश के मौसम से जुड़ी पिछली जानकारी भी यहां पढ़ें: https://pradesh24news.in/?p=7047

मौसम की यह करवट एक बार फिर याद दिलाती है कि अक्टूबर का महीना बदलाव का महीना है। दिन की धूप, शाम की ठंडक और फिर अचानक बारिश, यही इस मौसम की खासियत है। सावधानी और तैयारी के साथ इस बदलाव का सामना करना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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