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वाराणसी से भुवनेश्वर तक प्रधानमंत्री मोदी का व्यस्त रविवार: एयर शो के बाद ₹169 करोड़ के RBI डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा संस्थान का उद्घाटन

Symbolic image: RBI data centre Symbolic image: RBI data centre

डेस्क रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रविवार, 25 अक्टूबर 2026, सुबह से शाम तक तीन बड़े कार्यक्रमों से भरा रहा। दिन की शुरुआत उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक गारमेंट निर्माण इकाई के उद्घाटन से हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के एयर शो में भाग लिया। शाम को प्रधानमंत्री ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। एक ही दिन में औद्योगिक विकास, सैन्य शक्ति के प्रदर्शन और डिजिटल वित्तीय ढांचे की मजबूती — तीनों मोर्चों पर हुए ये कार्यक्रम प्रधानमंत्री के इस दौरे को खास बनाते हैं।

भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर का उद्घाटन

शाम को भुवनेश्वर में प्रधानमंत्री ने भारतीय रिजर्व बैंक के 169 करोड़ रुपये की लागत से बने डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। यह सुविधा खुर्दा जिले के जटनी स्थित इंफो वैली-दो में 18.55 एकड़ क्षेत्र में फैली है। इस परियोजना की आधारशिला मार्च 2023 में तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रखी थी। तीन साल से अधिक के निर्माण के बाद अब यह केंद्र काम करने के लिए तैयार है। नवी मुंबई के बाद यह देश में RBI का दूसरा इस तरह का डेटा सेंटर है।

उद्घाटन कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के राज्यपाल ब्रजमोहन राम, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुआल ओरांव, उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव और प्रवती परिदा मौजूद रहे। भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी और ओडिशा भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल भी इस अवसर पर उपस्थित थे। प्रधानमंत्री दोपहर बाद करीब चार बजकर पंद्रह मिनट पर विशेष वायुसेना विमान से बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। वहां से हेलीकॉप्टर से खुर्दा पहुंचे और फिर सड़क मार्ग से RBI परिसर गए। प्रधानमंत्री ने परिसर में करीब एक घंटा बिताया और शाम करीब साढ़े छह बजे वापस लौटने का कार्यक्रम था। सुरक्षा के लिए करीब 2,100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे और शाम 5:40 से 6:40 बजे तक हवाई अड्डे से डेटा सेंटर तक के मार्ग पर यातायात प्रतिबंध लागू रहा।

डेटा सेंटर देश के वित्तीय ढांचे के लिए क्यों अहम है

RBI का यह डेटा सेंटर देश की वित्तीय व्यवस्था की रीढ़ से जुड़ा है। इसमें भुगतान और निपटान प्रणाली से जुड़े महत्वपूर्ण काम संभाले जाएंगे। इसके साथ ही RBI की अन्य प्रमुख पहलें भी इसी ढांचे पर चलेंगी। सरकार के अनुसार यह केंद्र डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच, क्षमता और भरोसे को बढ़ाएगा और तकनीक पर आधारित वित्तीय अर्थव्यवस्था के लिए सुरक्षित डिजिटल आधार बनेगा।

इस सुविधा को अपटाइम इंस्टीट्यूट के टियर-चार मानक के अनुरूप तैयार किया गया है। टियर-चार डेटा सेंटर के लिए दुनिया का सबसे ऊंचा परिचालन मानक माना जाता है। इसी वजह से यह केंद्र बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े टियर-चार प्रमाणित केंद्रों में गिना जा रहा है। इस केंद्र की जगह का चुनाव भी सोच-समझकर किया गया है। जटनी का क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से स्थिर माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय सीमा से दूर होने के कारण प्राकृतिक आपदा और भू-राजनीतिक जोखिम भी कम हैं। इससे देश के वित्तीय आंकड़ों की सुरक्षा और निरंतर सेवा की गारंटी मजबूत होती है।

साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान क्या करेगा

डेटा सेंटर के साथ बना साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान वित्तीय क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा। यह संस्थान बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा क्षेत्र के पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण, शोध और क्षमता निर्माण का समर्पित मंच बनेगा। इसमें क्वांटम कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उन्नत तकनीकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के अवसर पर कहा कि कुशल मानव संसाधन तैयार करना और आधुनिक तकनीक को मजबूत साइबर सुरक्षा से जोड़ना वित्तीय संस्थानों को बदलते खतरों से निपटने में सक्षम बनाएगा। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के तेजी से बढ़ने के साथ साइबर धोखाधड़ी, आंकड़ों की चोरी और ऑनलाइन हमलों का खतरा भी बढ़ा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता वाली प्रणालियां असामान्य लेनदेन और संभावित धोखाधड़ी को पकड़ने में मदद कर सकती हैं। वहीं क्वांटम कंप्यूटिंग से गुप्त संदेशों की सुरक्षा के क्षेत्र में नए अवसर और नई चुनौतियां दोनों सामने आएंगी। यही वजह है कि इस संस्थान में इन दोनों क्षेत्रों पर जोर दिया जा रहा है।

वाराणसी में सुबह: गारमेंट इकाई का उद्घाटन

दिन की शुरुआत वाराणसी में अरविंद लिमिटेड की नई गारमेंट निर्माण इकाई के उद्घाटन से हुई। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह इकाई देश के वस्त्र और परिधान निर्माण तंत्र को मजबूत करेगी और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगी। आधुनिक निर्माण पद्धतियों वाली इस इकाई से रोजगार के अवसर बनेंगे, खासकर महिलाओं के लिए।

इस पहल की एक खास बात यह है कि इसका नेतृत्व मुख्य रूप से महिलाओं के हाथ में है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे महिला नेतृत्व वाले विकास का मजबूत प्रतीक बताया है। वैश्विक ग्राहक आधार वाली इस इकाई के जरिए वाराणसी में बने वस्त्र दुनिया के बाजारों तक पहुंचेंगे। उत्तर प्रदेश में निवेश और निर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में यह इकाई एक अहम कदम मानी जा रही है।

नमो घाट पर ‘विंग्स ओवर गंगेज़’ एयर शो

गारमेंट इकाई के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री वाराणसी के नमो घाट पहुंचे, जहां उन्होंने भारतीय वायुसेना के एयर शो में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह एयर शो वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में ‘विंग्स ओवर गंगेज़’ विषय पर आयोजित किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।

एयर शो में तेजस, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड, सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे विमानों ने करतब दिखाए। परिवहन विमानों के साथ नौसेना और थलसेना के विमानों ने भी भाग लेकर तीनों सेनाओं के साझा संचालन की झलक पेश की। वायुसेना की प्रमुख प्रदर्शन टीमों — सूर्य किरण एयरोबेटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर प्रदर्शन टीम — ने भी अपने करतब दिखाए। कार्यक्रम से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों की समीक्षा की थी और भीड़ के मद्देनजर सुविधा और सुरक्षा दोनों का ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सड़कों और कार्यक्रम स्थलों पर साफ-सफाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया था।

ओडिशा के लिए इस दौरे के क्या मायने हैं

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि RBI डेटा सेंटर ओडिशा की विकास यात्रा में एक और अध्याय जोड़ेगा। उनके अनुसार यह केंद्र राज्य के डिजिटल ढांचे को मजबूत करने के साथ देश के वित्तीय आंकड़ों की सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था की वृद्धि को भी नई गति देगा। यह जून 2024 में राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की ओडिशा की नौवीं यात्रा है।

राज्य सरकार का मानना है कि इस तरह की उच्च स्तरीय डिजिटल सुविधा से ओडिशा की पहचान सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा ढांचे के निवेश स्थल के रूप में मजबूत होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री ओडिशा के लिए सेमीकंडक्टर इकाइयों की घोषणा भी कर चुके हैं। अब RBI डेटा सेंटर से राज्य का डिजिटल पदचिह्न और गहरा होगा। नवी मुंबई के बाद देश का दूसरा RBI डेटा सेंटर जटनी में बनना इस बात का संकेत है कि उच्च मूल्य वाला डिजिटल ढांचा अब पारंपरिक प्रौद्योगिकी केंद्रों तक सीमित नहीं रहा है।

आगे क्या होगा

RBI डेटा सेंटर के शुरू होने के बाद देश की भुगतान और निपटान प्रणालियों को एक सुरक्षित, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ढांचा मिलेगा। डिजिटल लेनदेन की बढ़ती मात्रा के बीच यह केंद्र वित्तीय सेवाओं की निरंतरता और भरोसे को संभालेगा। साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान से वित्तीय क्षेत्र को ऐसे पेशेवर मिलेंगे जो नई तकनीकों और नए खतरों, दोनों से निपट सकेंगे।

वाराणसी में गारमेंट इकाई से क्षेत्र में रोजगार और निर्यात की संभावनाएं खुलेंगी, जबकि वायुसेना के एयर शो ने गंगा के किनारे देश की हवाई शक्ति का प्रदर्शन किया। एक ही दिन में हुए इन तीनों कार्यक्रमों ने औद्योगिक विकास, रक्षा क्षमता और डिजिटल वित्तीय सुरक्षा — तीनों क्षेत्रों में देश की प्रगति की तस्वीर पेश की है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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