डेस्क रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 अक्टूबर को ओडिशा के दो घंटे के दौरे पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ₹169 करोड़ के डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में बना यह केंद्र नवी मुंबई के बाद RBI का दूसरा डेटा सेंटर होगा। मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा साझा किए गए अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री विशेष भारतीय वायुसेना विमान से दोपहर करीब 4:30 बजे बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे।
दो घंटे का दौरा: हवाई अड्डे से जटनी तक का कार्यक्रम
हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर से खुर्दा हेलीपैड जाएंगे और वहां से सड़क मार्ग से जटनी के इंफो वैली-II में RBI परिसर पहुंचकर उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अनुसार वे डेटा सेंटर में करीब एक घंटा बिताएंगे और सड़क मार्ग से भुवनेश्वर लौटकर शाम करीब 6:30 बजे राज्य से रवाना होंगे। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और मुख्य सचिव अनु गर्ग ने प्रधानमंत्री के निर्धारित दौरे से पहले राज्य की तैयारियों की समीक्षा की है।
18.55 एकड़ में फैला केंद्र: साइबर सुरक्षा का मजबूत किला
RBI का यह डेटा सेंटर 18.55 एकड़ क्षेत्र में फैला है। एक अधिकारी के अनुसार डेटा सेंटर को डेटा प्रबंधन, आपदा पुनर्प्राप्ति (डिजास्टर रिकवरी), साइबर सुरक्षा और व्यावसायिक निरंतरता को मजबूत करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके दायरे में मुद्रा प्रबंधन, भुगतान और निपटान प्रणालियां तथा नियामक संचालन जैसे केंद्रीय कार्य आएंगे। इंफो वैली-II का स्थल इसकी भौगोलिक स्थिरता के कारण चुना गया — यह भूकंपीय रूप से सक्रिय क्षेत्रों और उच्च जोखिम वाले अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों से दूर है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं और भू-राजनीतिक जोखिमों का सामना कम होगा।
2023 में शिलान्यास, 2026 में उद्घाटन
परियोजना की नींव तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने 22 मार्च 2023 को रखी थी। करीब साढ़े तीन साल के निर्माण के बाद अब यह केंद्र उद्घाटन के लिए तैयार है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह केंद्र इसलिए भी अहम है क्योंकि देश में डिजिटल भुगतान का विस्तार अभूतपूर्व गति से हो रहा है — UPI लेनदेन का बढ़ता बोझ और साइबर खतरों की चुनौती के बीच RBI के अपने डेटा बुनियादी ढांचे का मजबूत होना राष्ट्रीय वित्तीय स्थिरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PM का 9वां ओडिशा दौरा: डिजिटल बुनियादी ढांचे पर फोकस
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जतिन मोहंती ने कहा कि 2024 में राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद यह प्रधानमंत्री का ओडिशा का 9वां दौरा होगा। उन्होंने कहा कि RBI का जटनी डेटा सेंटर राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगा और ओडिशा को प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण गंतव्य के रूप में उभरने में मदद करेगा। मोहंती के अनुसार प्रधानमंत्री ने पहले ओडिशा के लिए सेमीकंडक्टर इकाइयां आवंटित की थीं और अब राज्य में डिजिटल पदचिह्न को मजबूत कर रहे हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने चार महीने पहले माझी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्य का दौरा किया था।
RBI के डिजिटल कदम: UPI से केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा तक
पिछले कुछ वर्षों में RBI ने डिजिटल मोर्चे पर कई बड़े कदम उठाए हैं। भारत आज दुनिया के सबसे बड़े रीयल-टाइम भुगतान बाजारों में से एक है, जहां UPI के माध्यम से रोज करोड़ों लेनदेन होते हैं। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक अपनी डिजिटल मुद्रा (CBDC) के पायलट प्रोजेक्ट भी चला रहा है। इतने बड़े पैमाने के डिजिटल संचालन के लिए सुरक्षित, स्वदेशी और हमेशा उपलब्ध रहने वाला डेटा बुनियादी ढांचा अनिवार्य है — जटनी का नया केंद्र इसी जरूरत को पूरा करेगा। नवी मुंबई का पहला डेटा सेंटर अब तक मुख्य केंद्र के रूप में काम कर रहा था; दूसरा केंद्र आपदा की स्थिति में निर्बाध संचालन की गारंटी देगा, जिसे तकनीकी भाषा में ‘जियो-रिडंडेंसी’ कहा जाता है।
ओडिशा में केंद्र की योजनाएं: सेमीकंडक्टर से डिजिटल तक
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जतिन मोहंती ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने पहले ओडिशा के लिए सेमीकंडक्टर इकाइयां आवंटित की थीं। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर — दोनों ही डिजिटल अर्थव्यवस्था की नींव हैं। चिप निर्माण से लेकर डेटा भंडारण तक, केंद्र सरकार चाहती है कि पूर्वी भारत भी इस मूल्य श्रृंखला का हिस्सा बने। इंफो वैली-II पहले से ही भुवनेश्वर का स्थापित आईटी हब है, और RBI जैसे विश्वसनीय संस्थान की मौजूदगी निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी।
आगे क्या: ओडिशा की टेक-राजधानी बनने की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि RBI जैसे संस्थानों का डेटा केंद्र भुवनेश्वर-खुर्दा क्षेत्र में आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों के लिए आकर्षण बढ़ाएगा। राज्य सरकार पहले से ही इंफो वैली क्षेत्र को प्रौद्योगिकी हब के रूप में विकसित कर रही है, और प्रधानमंत्री के दौरे से इस अभियान को राष्ट्रीय दृश्यता मिलेगी। दो घंटे के इस दौरे के बावजूद कार्यक्रम का सांकेतिक महत्व बड़ा है — यह केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया एजेंडे और वित्तीय साइबर सुरक्षा पर बढ़ते फोकस को दर्शाता है।
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