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31 उपवास की कठिन तपस्या पूर्ण कर मुक्ति जैन ने रचा तप-आराधना का अनुपम अध्याय: इंदौर में भव्य तप अनुमोदना समारोह, दो जैनाचार्यों का वर्षों बाद एक मंच पर मिलन

तप अनुमोदना समारोह में विराजमान गुरु भगवंत तप अनुमोदना समारोह में विराजमान गुरु भगवंत

रिपोर्ट राज वर्मा सिटी रिपोर्टर इंदौर

इंदौर। जैन धर्म में तप, त्याग, संयम और आत्मशुद्धि का विशेष महत्व है। इसी आध्यात्मिक परंपरा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्रीमती मुक्ति कपिल जैन (अंकिता) ने महामृत्युंजय तप (मासक्षमण) के अंतर्गत 31 उपवास की कठिन तपस्या सफलतापूर्वक पूर्ण की। इस पावन अवसर पर शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को धार रोड स्थित कीमती गार्डन में भव्य तप अनुमोदना समारोह आयोजित किया गया।

वर्षों बाद एक मंच पर दो जैनाचार्यों का मिलन

समारोह का विशेष आकर्षण सुविशाल गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी महाराज साहब एवं युवा गच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री विजय विज्ञानप्रभसूरीश्वरजी महाराज साहब का वर्षों बाद एक मंच पर मंगल मिलन रहा। दोनों आचार्यों की पावन निश्रा में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में साधु-साध्वी भगवंतों एवं श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता कर तपस्विनी की साधना की अनुमोदना की तथा गुरु भगवंतों का आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंगल आगमन से हुआ समारोह का शुभारंभ

समारोह का शुभारंभ प्रातः 9 बजे तपस्विनी एवं गुरु भगवंतों के मंगल आगमन के साथ हुआ। भव्य रथ पर सवार होकर पहुंचे तपस्विनी एवं गुरु भगवंतों का समाजजनों ने श्रद्धा और उल्लास के साथ स्वागत किया। परिवारजन नृत्य-संगीत के साथ मंगल यात्रा में सम्मिलित हुए।

प्रातः 10 बजे आयोजित धर्मसभा में आचार्य श्री विजय विज्ञानप्रभसूरीश्वरजी महाराज साहब ने अपने प्रवचन में मासक्षमण तप और 31 उपवास की आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए तपस्विनी मुक्ति जैन को मंगल आशीर्वाद प्रदान किया। साध्वी मुक्ति प्रियाश्रीजी म.सा. ने भी 31 उपवास की साधना के माध्यम से आत्मशुद्धि, संयम और धर्ममय जीवन का संदेश दिया।

पालीताना तीर्थ की भावयात्रा रही विशेष आकर्षण

समारोह में शत्रुंजय महातीर्थ, पालीताना की संगीतमय भावयात्रा का आयोजन किया गया। मुंबई से पधारे पीयूष भाई ने भक्ति संगीत के माध्यम से उपस्थित श्रद्धालुओं को तीर्थ की भावयात्रा कराई। इस दौरान धर्मप्रेमियों ने भक्ति और श्रद्धा के साथ सहभागिता की।

सुविशाल गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद् विजय नित्यसेनसूरीश्वरजी महाराज साहब के मुखारविंद से सकल श्रीसंघ को महामांगलिक श्रवण करने का लाभ पुष्पाबेन सरस जैन एवं बरड़िया परिवार ने प्राप्त किया। इसके पश्चात सकल श्रीसंघ के लिए साधार्मिक वात्सल्य (स्नेह भोज) का आयोजन किया गया।

तप अनुमोदना समारोह में श्रद्धालु
तपस्विनी की साधना की अनुमोदना करते श्रद्धालु.

अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों ने की सहभागिता

तप अनुमोदना समारोह में मध्यप्रदेश शासन के जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी, महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला एवं सुश्री मालिनी गौड़ सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर श्री मनीष सुराणा, श्री ललित सी. जैन, श्री प्रकाश बागानी, श्री पुण्यपाल सुराणा, श्री दिलसुख राज कटारिया, श्री केसरीमल जैन, सुधीर सेठिया, श्री विपिन कोचर एवं श्री सुमित कीमती सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे।

आयोजक परिवार की ओर से समाजजनों एवं धर्मप्रेमियों को आमंत्रित कर तपस्विनी की साधना की अनुमोदना करने और गुरु भगवंतों का मंगल आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया गया।

31 उपवास की कठिन साधना आत्मबल, दृढ़ संकल्प, संयम और धर्म के प्रति अटूट श्रद्धा का प्रेरणादायी उदाहरण है। तपस्विनी मुक्ति जैन की इस साधना ने समाज में धर्म, त्याग और आत्मशुद्धि के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन देवेश जैन ने किया।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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