विदिशा ब्यूरो
सार: विदिशा जिले के गंजबासौदा में गुरुवार शाम पटाखा बाजार में लगी आग ने चार दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटर भी जल गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। दमकल के अमले ने करीब बीस मिनट की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर नुकसान और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गंजबासौदा पटाखा बाजार आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।
शाम छह बजे एक चिंगारी से कैसे भड़की आग
गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की शाम करीब छह बजे विदिशा जिले के गंजबासौदा कस्बे में बरेठ रोड पर नवीन बस स्टैंड के पास प्रशासन की ओर से लगाए गए पटाखा बाजार में अचानक आग भड़क उठी। दीपावली से पहले पटाखों की खरीदारी के लिए बाजार में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आ रहे थे और शाम के समय भी बाजार में खरीदारों की आवाजाही बनी हुई थी। ऐसे में एक दुकान से उठी आग की लपटों ने देखते ही देखते पूरे बाजार में अफरा-तफरी मचा दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग राकेश प्रजापति की दुकान से शुरू हुई। दुकानदार के अनुसार दुकान में लगे एक बल्ब के होल्डर में स्पार्किंग हुई और उससे उठी चिंगारी दुकान में रखे पटाखों पर गिर गई। चिंगारी गिरते ही पटाखों में आग लग गई और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। पटाखों के फटने की तेज आवाजों से बाजार में मौजूद लोग घबरा गए और दुकानों से दूर भागने लगे। आग तेजी से फैली और आसपास की तीन अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस तरह कुल चार दुकानों का सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया। दुकानों के पास खड़ी दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटर भी आग की भेंट चढ़ गए।
पटाखों की दुकानों में आग लगने की सबसे बड़ी खतरनाक बात यही होती है कि वहां रखे पटाखे खुद ही आग को और भड़काने का काम करते हैं। एक दुकान में लगी आग से उठी चिंगारियां और फटते पटाखे आसपास की दुकानों तक पहुंच जाते हैं, जिससे आग कुछ ही मिनटों में कई दुकानों में फैल जाती है। गंजबासौदा में भी यही हुआ। आग लगते ही बाजार में मौजूद दुकानदारों और खरीदारों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन पटाखों के लगातार फटने से कोई भी आग के करीब नहीं जा सका।
गंजबासौदा पटाखा बाजार आग: दमकल को पहुंचने में लगे बीस मिनट

गंजबासौदा पटाखा बाजार आग की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके के लिए रवाना हुईं, लेकिन बाजार में सघनता और भीड़ के कारण दमकल के अमले को घटनास्थल तक पहुंचने में करीब बीस मिनट का समय लग गया। दीपावली के मौसम में पटाखा बाजार के आसपास वाहनों और खरीदारों की भारी भीड़ रहती है, जिससे दमकल की गाड़ियों का रास्ता संकरा हो जाता है। यही वजह रही कि आग लगने के बाद दमकल को मौके तक पहुंचने में देर हुई।
दमकल के अमले ने घटनास्थल पर पहुंचते ही मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग बुझाए जाने तक चार दुकानों का सामान पूरी तरह जल चुका था, लेकिन दमकल के समय पर पहुंचने से आग बाजार की अन्य दुकानों तक नहीं फैल सकी। पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा और बाजार में व्यवस्था बनाए रखने में मदद की। आग पर काबू पाने के बाद दमकल के अमले ने घटनास्थल का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि आग दोबारा न भड़के।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पटाखा बाजारों तक दमकल की गाड़ियों की तेज पहुंच के लिए क्या व्यवस्था होनी चाहिए। पटाखों की दुकानों में आग लगने पर हर मिनट अहम होता है, क्योंकि आग कुछ ही मिनटों में कई दुकानों को अपनी चपेट में ले सकती है। ऐसे में बाजार के अंदर दमकल की गाड़ियों के आने-जाने के लिए साफ रास्ता बनाए रखना और बाजार के पास ही पानी की व्यवस्था करना बेहद जरूरी हो जाता है।
कोई हताहत नहीं, कलेक्टर मौके पर पहुंचे
इस हादसे की सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि आग में कोई हताहत नहीं हुआ। बाजार में उस समय बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन आग लगते ही लोग समय रहते दुकानों से दूर हट गए। हादसे में किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं है। दीपावली से पहले पटाखा बाजार में लगी इस आग में अगर कोई जनहानि होती तो यह हादसा और भी बड़ा हो जाता, लेकिन समय पर लोगों के हट जाने और दमकल के प्रयासों से बड़ा नुकसान टल गया।
शाम को विदिशा कलेक्टर अंशुल गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कलेक्टर ने जली हुई दुकानों का निरीक्षण किया और बाजार की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की ओर से प्रभावित दुकानदारों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। नुकसान का कोई आधिकारिक आंकड़ा अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन चार दुकानों का सामान पूरी तरह जल जाने से दुकानदारों को भारी नुकसान हुआ है।
कलेक्टर के मौके पर पहुंचने से प्रशासन की सक्रियता भी दिखी। ऐसे हादसों में जिला प्रशासन का मौके पर पहुंचना इसलिए अहम होता है कि वह नुकसान का सही आकलन कर सके और बाजार की सुरक्षा व्यवस्था में जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के निर्देश दे सके। गंजबासौदा पटाखा बाजार में लगी आग के बाद प्रशासन की नजर अब बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर रहेगी।
बाजार की व्यवस्था: 257 दुकानों की अनुमति, सौ संचालित
गंजबासौदा का पटाखा बाजार प्रशासन की अनुमति से संचालित किया जा रहा था। जानकारी के अनुसार प्रशासन ने इस स्थल पर 257 दुकानों के संचालन की अनुमति दी थी, जिनमें से लगभग सौ दुकानें संचालित हो रही थीं। दीपावली के मौसम में ऐसे बाजारों में रोजाना बड़ी संख्या में खरीदार आते हैं और दुकानदार महीनों पहले से इसकी तैयारी करते हैं। पटाखों की दुकानें लगाने के लिए प्रशासन की ओर से जगह आवंटित की जाती है और दुकानदारों को सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं।
विदिशा जिले के गंजबासौदा कस्बे में लगाया गया यह पटाखा बाजार आसपास के इलाकों के खरीदारों के लिए भी अहम है। दीपावली से पहले के दिनों में यहां पटाखों की खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में बाजार में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता होना बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गुरुवार शाम की घटना ने यही दिखाया है कि पटाखा बाजारों में बिजली के तारों, बल्बों और होल्डर की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
पटाखा बाजारों में दुकानें आमतौर पर अस्थायी ढांचे में लगाई जाती हैं, जिनमें टिन, बांस और कपड़े का इस्तेमाल होता है। इन दुकानों में बिजली के कनेक्शन भी अस्थायी होते हैं। ऐसे में बल्ब के होल्डर या तारों में स्पार्किंग का खतरा हमेशा बना रहता है। गंजबासौदा की घटना में भी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बल्ब के होल्डर में स्पार्किंग से ही आग की शुरुआत हुई। यह घटना पटाखा बाजारों में बिजली व्यवस्था की जांच की जरूरत को रेखांकित करती है।
प्रारंभिक वजह शॉर्ट सर्किट, जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गंजबासौदा पटाखा बाजार आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। दुकानदार के अनुसार दुकान में लगे बल्ब के होल्डर में सबसे पहले आग लगी थी और होल्डर से निकली चिंगारी दुकान में रखे पटाखों तक पहुंच गई, जिसके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। हालांकि यह अभी प्रारंभिक जानकारी है और आग लगने के सही कारणों का अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।
प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ बाजार की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा कर रहा है। कलेक्टर ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए नुकसान और सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया है। जांच में यह देखा जाएगा कि बाजार में बिजली के कनेक्शन किस स्थिति में थे, दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी थी या नहीं और आग बुझाने के इंतजाम कितने पुख्ता थे। इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि हादसे के तुरंत बाद आई कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दुकानों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद की विस्तृत रिपोर्टों में चार दुकानों और तीन वाहनों के नुकसान की पुष्टि हुई है। इसलिए इस खबर में उन्हीं आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया है, जिनकी पुष्टि कई विश्वसनीय स्रोतों से हुई है।
दीपावली से पहले पटाखा बाजारों में सुरक्षा क्यों अहम
कल 6 नवंबर को धनतेरस है और उसके बाद दीपावली का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पटाखा बाजारों में खरीदारों की भीड़ और बढ़ेगी। गंजबासौदा की घटना दीपावली से पहले सभी पटाखा बाजारों के लिए एक चेतावनी है। पटाखों की खरीदारी करते समय और उन्हें जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पटाखा बाजारों में सुरक्षा के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। दुकानों में पटाखों के पास खुली आग या जलता बल्ब नहीं रखना चाहिए। बिजली के तारों और होल्डर की स्थिति की नियमित जांच होनी चाहिए। हर दुकान में पानी और रेत की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आग लगने पर तुरंत काबू पाया जा सके। बच्चों को पटाखों से दूर रखना चाहिए और पटाखे जलाते समय बड़ों की मौजूदगी जरूरी है। आग लगने की स्थिति में तुरंत दमकल को सूचना देनी चाहिए और घबराकर भागने के बजाय सुरक्षित दूरी बनानी चाहिए।
भोपाल में दिवाली की खरीदारी से पहले पटाखा बाजारों में दमकल तैनात किए जाने की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी हादसे पर तुरंत काबू पाया जा सके। प्रदेश के अन्य शहरों और कस्बों में भी पटाखा बाजारों के पास दमकल की व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है। गंजबासौदा की घटना के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि विदिशा जिले के अन्य पटाखा बाजारों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
आगे क्या: बाजार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
गंजबासौदा पटाखा बाजार आग के बाद प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है और बाजार की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। प्रभावित दुकानदारों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में दीपावली की खरीदारी चरम पर रहेगी, ऐसे में बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की विशेष नजर रहने की जरूरत है। दुकानदारों को भी अपनी दुकानों में बिजली व्यवस्था और आग से बचाव के इंतजामों की जांच करनी चाहिए।
यह हादसा दीपावली से पहले सभी के लिए एक सबक है। पटाखों की खरीदारी और उन्हें जलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करना ही सबसे बड़ा बचाव है। प्रशासन, दुकानदार और खरीदार — तीनों को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि त्योहार की खुशियां किसी हादसे में न बदलें। गंजबासौदा में कोई जनहानि नहीं हुई, यह राहत की बात है, लेकिन चार दुकानों का जल जाना यह बताता है कि पटाखा बाजारों में सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
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