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दिवाली से पहले इंदौर में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक: 2-4 नवंबर को जुटेंगे 46 प्रांतों के प्रतिनिधि, मोहन भागवत रहेंगे मौजूद — शहर के लिए गौरव की बात

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत (फोटो: फ़ाइल)

इंदौर ब्यूरो।

दिवाली से ठीक पहले इंदौर को एक बड़ी राष्ट्रीय सौगात मिलने जा रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक ‘अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल’ बैठक इस वर्ष मालवा प्रांत के इंदौर शहर में 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को संपन्न होगी। दीपावली (8 नवंबर) से चंद दिन पहले देश भर के संघ नेतृत्व का इंदौर में जुटना शहर के लिए गौरव की बात है — संघ की यह बैठक संगठन की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक बैठकों में गिनी जाती है, और इस बार इसका मेजबान मध्यप्रदेश का इंदौर होगा।

संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक युगाब्द 5128, विक्रमी संवत 2083 के कार्तिक कृष्ण अष्टमी, नवमी और दशमी को होगी। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व से लेकर देश के कोने-कोने के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल: संघ की अहम वार्षिक बैठक

अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल संघ की वार्षिक बैठकों में से एक है, जिसमें संगठन के अखिल भारतीय पदाधिकारी, सभी प्रांतों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर पिछले वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हैं और आगे की दिशा पर विचार-विमर्श होता है। यह बैठक हर वर्ष देश के अलग-अलग भागों में आयोजित की जाती है। इस बार मालवा प्रांत के इंदौर को इसकी मेजबानी मिली है — जो शहर के लिए सम्मान की बात है।

कौन-कौन रहेगा मौजूद: 46 प्रांतों के प्रतिनिधि

बैठक में संघ के पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा सभी छह सह सरकार्यवाह उपस्थित रहेंगे। इनके साथ अखिल भारतीय कार्य विभागों के प्रमुख और कार्यकारिणी के सदस्य भी बैठक में शामिल होंगे।

संघ रचना के सभी 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक तथा सह प्रांत संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक बैठक में अपेक्षित हैं। इसके अलावा संघ रचना के सभी 11 क्षेत्रों के क्षेत्र संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक एवं सह क्षेत्र संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक भी उपस्थित रहेंगे। यानी देश भर के संघ संगठन का शीर्ष नेतृत्व एक ही मंच पर इंदौर में जुटेगा। तीन दिन तक चलने वाली इस बैठक में सैकड़ों प्रतिनिधियों की मौजूदगी से इंदौर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहेगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक (फोटो: फ़ाइल)
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक (फोटो: फ़ाइल)

एजेंडे में क्या: विजयादशमी उद्बोधन का अनुवर्तन

हाल ही में संपन्न विजयादशमी के पावन पर्व पर पिछले एक वर्ष से देश भर में चल रही संघ शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला पूर्ण हुई। विज्ञप्ति के अनुसार, इस वर्ष विजयादशमी उत्सव पर पूजनीय सरसंघचालक के उद्बोधन में प्रस्तुत महत्वपूर्ण मुद्दों के अनुवर्तन पर बैठक में चर्चा होगी। सरसंघचालक का विजयादशमी उद्बोधन संघ की वार्षिक दिशा का संकेत माना जाता है, और उसके बिंदुओं पर कार्यकारी मण्डल में अमल की रूपरेखा पर विचार होता है।

समसामयिक विषयों पर व्यापक चर्चा अपेक्षित

बैठक में शताब्दी वर्ष के सभी कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ-साथ वर्तमान समय के महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा अपेक्षित है। विज्ञप्ति में जिन विषयों का उल्लेख है, उनमें नए माध्यमों की सामग्री (कंटेंट), नशीली दवाओं की समस्या, बाहरी शक्तियों का हस्तक्षेप और वैश्विक परिदृश्य शामिल हैं।

नए माध्यमों यानी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सामग्री की गुणवत्ता और दिशा को लेकर संघ पहले भी चिंता जता चुका है। नशीली दवाओं की समस्या युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है, जिस पर समाज के सभी वर्गों का ध्यान गया है। बाहरी शक्तियों के हस्तक्षेप का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता से जुड़ा है। वैश्विक परिदृश्य पर चर्चा में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का देश पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार होता है। इन सभी विषयों पर बैठक में क्या निष्कर्ष निकलते हैं, इस पर सबकी नजर रहेगी।

शताब्दी वर्ष की पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और 2025-26 का वर्ष संघ के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया गया। पूरे वर्ष देश भर में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला चली, जिसका समापन इस वर्ष की विजयादशमी पर हुआ। ऐसे में इंदौर में होने वाली कार्यकारी मण्डल बैठक को शताब्दी वर्ष के बाद की दिशा तय करने वाली बैठक के रूप में भी देखा जा रहा है।

इंदौर-मालवा के लिए गौरव का क्षण

संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल बैठक हर वर्ष देश के अलग-अलग हिस्सों में होती है, और इस बार इसका चयन मालवा प्रांत के इंदौर के लिए हुआ है। दिवाली से ठीक पहले इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन का इंदौर में होना शहर के लिए गौरव की बात है। तीन दिनों तक देश भर से आने वाले प्रतिनिधियों की मौजूदगी से शहर में भी खास हलचल रहेगी।

संघ के कार्यक्रम में जुटे स्वयंसेवक (फोटो: फ़ाइल)
संघ के कार्यक्रम में जुटे स्वयंसेवक (फोटो: फ़ाइल)

आगे क्या

बैठक 2 नवंबर को शुरू होकर 4 नवंबर को संपन्न होगी। बैठक में लिए गए निर्णयों और चर्चा के मुद्दों पर संघ की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी। तब तक इंदौर इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी की तैयारियों की ओर देख रहा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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