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किसानों को केंद्र की बड़ी सौगात: शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया अपग्रेडेड ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’, अब मोबाइल पर मिलेंगी सभी कृषि योजनाएं

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो: PIB)

डेस्क रिपोर्ट।

देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी डिजिटल सुविधा शुरू की है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपग्रेडेड ‘एग्री वेलफेयर पोर्टल’ का औपचारिक शुभारंभ किया है। इस पोर्टल के जरिए किसान अब अपने मोबाइल फोन पर ही सरकारी योजनाओं, आर्थिक सहायता और खेती-किसानी की विश्वसनीय जानकारी सीधे प्राप्त कर सकेंगे — न दफ्तरों के चक्कर, न बिचौलियों की भूमिका।

प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के अनुसार, यह लॉन्च प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के विजन और किसान कल्याण के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में उठाया गया कदम है। लॉन्च कार्यक्रम 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित हुआ।

एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च (फोटो: PIB)
एग्री वेलफेयर पोर्टल लॉन्च कार्यक्रम (फोटो: PIB)

शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा

लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट विजन है कि सरकार नागरिकों और किसानों के लिए हर समय उनके मोबाइल फोन के जरिए उपलब्ध रहे। उन्होंने कहा कि तकनीक अपना असली उद्देश्य तभी पूरा कर सकती है, जब वह खेतों और ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे और किसानों का जीवन आसान बनाए।

चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर जानकारी सटीक और नियमित रूप से अपडेट रहे, क्योंकि पुरानी या अधूरी जानकारी से व्यवस्था पर जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि पोर्टल की भाषा और प्रक्रियाएं इतनी सरल हों कि छोटे और सीमांत किसान, जिनकी औपचारिक शिक्षा सीमित है, भी इसे आसानी से समझकर इस्तेमाल कर सकें।

क्या है एग्री वेलफेयर पोर्टल

अपग्रेडेड एग्री वेलफेयर पोर्टल कृषि मंत्रालय की सभी सेवाओं के लिए सिंगल-विंडो गेटवे के रूप में काम करेगा। इसके जरिए किसान PM-KISAN, AgriStack और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) जैसी प्रमुख सरकारी पहलों की जानकारी और सेवाएं एक ही इंटरफेस पर प्राप्त कर सकेंगे।

अब किसानों को योजनाओं की जानकारी लेने या आवेदन करने के लिए अलग-अलग सरकारी दफ्तरों या अलग-अलग वेबसाइटों पर भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह मंच किसान उत्पादक संगठनों (FPO), प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS), कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को भी एक साझा डिजिटल मंच पर लाएगा, जिससे पूरा कृषि परितंत्र एक जगह जुड़ सकेगा।

किसानों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे

PIB के अनुसार पोर्टल के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:

  • सभी सेवाएं एक ही जगह: मंत्रालय की योजनाओं, सब्सिडी, नियमों और डिजिटल सेवाओं की जानकारी एक ही पोर्टल पर मिलेगी, जिससे किसानों का समय और मेहनत बचेगी।
  • पारदर्शिता और बिचौलियों से मुक्ति: ऑनलाइन पात्रता जांच, सीधे आवेदन की सुविधा और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए आर्थिक सहायता मिलने से प्रक्रिया पारदर्शी होगी और बिचौलियों की भूमिका घटेगी।
  • ग्रामीण कनेक्टिविटी के अनुकूल: पोर्टल हल्का और उपयोग में आसान बनाया गया है, ताकि यह बेसिक स्मार्टफोन और कमजोर इंटरनेट वाले इलाकों में भी सुचारू रूप से चल सके।
  • समय पर विश्वसनीय जानकारी: किसान मौसम की स्थिति, वैज्ञानिक खेती के तरीकों, बीज व उर्वरक की उपलब्धता और फसलों के प्रचलित बाजार भावों की प्रामाणिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
  • दिव्यांगजनों के लिए सुलभ: आधुनिक सरकारी सुलभता मानकों के अनुरूप बनाया गया यह पोर्टल स्क्रीन रीडर और सरल नेविगेशन का समर्थन करता है, जिससे दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग उपयोगकर्ता भी इसकी सेवाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे।

KVK के जरिए चलेगा प्रशिक्षण अभियान

किसानों को इस पोर्टल और अन्य डिजिटल साधनों का प्रभावी उपयोग सिखाने के लिए देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जाएगा। चौहान ने अपग्रेडेड पोर्टल को निर्धारित समय में तैयार करने के लिए पूरी तकनीकी टीम की सराहना भी की।

तकनीकी मानकों पर खरा उतरता पोर्टल

यह पोर्टल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल 3.0 और भारतीय सरकारी वेबसाइटों के दिशानिर्देश (GIGW) 3.0 के अनुरूप विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य सुरक्षित, मोबाइल-अनुकूल और सुलभ डिजिटल अनुभव प्रदान करना है।

लॉन्च कार्यक्रम में कृषि एवं किसान कल्याण सचिव अतिश चंद्रा, अतिरिक्त सचिव प्रमोद मेहेरदा, डिजिटल कृषि प्रभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा मंत्रालय और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के अधिकारी उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश के किसानों के लिए क्या मायने

मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है और यहां के लाखों किसान PM-KISAN, फसल बीमा और अन्य केंद्रीय योजनाओं से जुड़े हैं। शिवराज सिंह चौहान स्वयं मध्यप्रदेश से आते हैं और लंबे समय तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। ऐसे में इस पोर्टल से प्रदेश के किसानों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन की स्थिति और बाजार भावों तक पहुंच पहले से कहीं आसान होने की उम्मीद है। किसानों को सलाह है कि वे किसी भी योजना के लिए आवेदन या जानकारी हेतु केवल आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें और किसी बिचौलिए के झांसे में न आएं।

फोटो: PIB

स्रोत: PIB (प्रेस विज्ञप्ति, 19 अक्टूबर 2026)

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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