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उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद समझौते से निराकरण, तीन फीट हिस्सा और दुकान हटाने पर सहमति

उच्च न्यायालय भवन का सांकेतिक चित्र

उज्जैन ब्यूरो। शाही मस्जिद निर्माण विवाद मामले में इंदौर स्थित उच्च न्यायालय ने सोमवार को सुनवाई के बाद मामले का निराकरण आपसी समझौते से कर दिया। दोनों पक्षों के बीच सहमति के आधार पर अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया। समझौते के मुताबिक विवादित निर्माण के लगभग तीन फीट हिस्से और एक दुकान को हटाया जाएगा। संबंधित पक्ष ने खुद इस हिस्से को हटाने की जिम्मेदारी ली है। नगर निगम ने भी अपना पक्ष रखते हुए कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

बताया गया है कि इस मामले में दो याचिकाएं लंबित थीं। एक याचिकाकर्ता ने प्रशासन के साथ बातचीत पूरी होने का हवाला देते हुए अपनी याचिका वापस ले ली, जबकि दूसरी याचिका पर समझौता दर्ज कर न्यायालय ने अपील का निपटारा कर दिया। प्रभावित पक्ष ने फर/टीडीआर मुआवजा समय पर देने की भी मांग रखी है। यह पूरा विवाद प्रस्तावित 15 मीटर चौड़ी सड़क (उज्जैन विकास योजना 2035) के बीच में आ रहे मस्जिद के हिस्से को लेकर था। प्रशासन के मुताबिक सिंहस्थ 2028 से जुड़े विकास कार्य चल रहे हैं और सभी समाज स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं।

सुबह और दोपहर: पथराव और आंसू गैस के दो दौर

इसी बीच सोमवार को दिन में दो बार हालात तनावपूर्ण हुए। सुबह प्रशासन और समाज के प्रमुख लोगों के बीच बातचीत के बाद समुदाय के लोग खुद बाधक हिस्सा हटाने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी और फिर पथराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। नमाज़ के दौरान कार्रवाई रोक दी गई, जिसके बाद दोपहर करीब 12 बजे फिर पथराव हुआ। दूसरी बार पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस से भीड़ को खदेड़ा। दोपहर बाद तक हालात नियंत्रण में आ गए।

न्यायालय का सांकेतिक चित्र — तराजू और हथौड़ा
सांकेतिक तस्वीर (AI से निर्मित)

10 लोगों पर FIR, अफवाह फैलाने वालों पर भी कार्रवाई

पथराव की घटनाओं को लेकर पुलिस ने अब तक 10 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। आरोप है कि इनमें से पांच सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर लोगों को भड़काने का काम कर रहे थे। इसके अलावा बाहर से आए पांच लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मौके पर भीड़ न जुटाने की अपील की है। नगर के प्रमुख धार्मिक पदाधिकारी ने भी कहा है कि समझौता रविवार रात को ही हो गया था और सभी को अफवाहों से दूर रहना चाहिए।

पृष्ठभूमि: अगस्त से चल रहा था विवाद

यह विवाद अगस्त के महीने से चला आ रहा था। नगर निगम ने चौड़ी सड़क परियोजना में बाधा बन रहे हिस्से को लेकर कई बार नोटिस जारी किए थे, जिसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा। रविवार रात को प्रशासन और समाज के पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत में ही समझौते का आधार तैयार हो गया था। सोमवार सुबह से ही मस्जिद कमेटी के लोग खुद बाधक हिस्सा हटाने के काम में जुट गए थे। उच्च न्यायालय के फैसले के बाद अब इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

स्रोत: अमर उजाला, नईदुनिया, वेबदुनिया, लल्लूराम, फ्री प्रेस जर्नल, द डेली जागरण

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