सीधी ब्यूरो। सीधी जिले की छुहिया घाटी में ओडिशा पुलिस की अभिरक्षा से एनडीपीएस के आरोपी को छुड़ाकर ले जाने की सनसनीखेज वारदात की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिला है। जांच में पता चला है कि वारदात से पहले आरोपी एक गुप्त ऐप ‘जंगी ऐप’ के जरिए आपस में जुड़े थे और इसी माध्यम से कॉल और मैसेज पर बातचीत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को प्रयागराज से गिरफ्तार किया है।

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29 सितंबर को हुआ था हमला
गौरतलब है कि बीती 29 सितंबर को ओडिशा पुलिस की टीम एनडीपीएस मामले में आरोपी आदित्य मिश्रा को ओडिशा से रीवा न्यायालय में पेशी के लिए लेकर आ रही थी। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में छुहिया घाटी के पास कई वाहनों में आए लोगों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर हमला किया और आरोपी को अभिरक्षा से छुड़ाकर फरार हो गए। घटना के समय ओडिशा पुलिस के आठ जवान मौजूद थे।
प्रयागराज से हुई पहली गिरफ्तारी
सीधी एसपी ने शनिवार को बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जिले के करीब 37 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई थी और अलग-अलग स्थानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी। इसी कार्रवाई के दौरान रीवा जिले के रहने वाले कुंवर प्रताप सिंह उर्फ शिवम सिंह को प्रयागराज स्थित उसके पुराने घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक घटना की रात करीब 12 बजे जंगी ऐप के जरिए उससे संपर्क किया गया था। पूछताछ में उसने कई अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है। आईजी की ओर से फरार आरोपियों के बारे में जानकारी देने वालों को 30-30 हजार रुपये इनाम की घोषणा भी की गई है।
हथियारों से लैस टीम और फायरिंग की सूचना
पुलिस के मुताबिक वारदात के समय ओडिशा पुलिस के जवानों के पास एके-47 सहित अन्य हथियार थे और हमले के दौरान फायरिंग व मारपीट की भी सूचना मिली थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना की योजना की जानकारी उसे शहडोल में मिली थी; पुलिस का कहना है कि केवल आरोपी के बयान के आधार पर किसी की संलिप्तता अंतिम नहीं मानी जा रही है और पूछताछ में सामने आए अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है।
