बुर्रिपालेम (तेनाली, आंध्र प्रदेश) ब्यूरो। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आंध्र प्रदेश को बड़ा तोहफ़ा मिला है। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को तेनाली क्षेत्र के बुर्रिपालेम गांव में राज्य को 3 लाख मकानों के निर्माण की आधारशिला रखी और ₹3,600 करोड़ की पहली किश्त सौंपी। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद रहे।
केंद्र ने शुरू में राज्य को नियमित कोटे के तहत लगभग 75,000 मकान ही आवंटित किए थे, लेकिन राज्य सरकार के विशेष अनुरोध पर यह संख्या बढ़ाकर 3 लाख कर दी गई। चौहान ने कहा कि केंद्र आंध्र प्रदेश के विकास में पूरा सहयोग देगा और मौजूदा निर्माण पूरा होते ही 3 लाख और, फिर अगले वर्ष 3 लाख अतिरिक्त मकान आवंटित किए जाएंगे — इस तरह कुल आवंटन 9 लाख मकानों तक पहुंचेगा। नायडू ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य 2029 तक आवास योजना में शत-प्रतिशत कवरेज हासिल करना है।

देश का पहला 3D-प्रिंटेड हाउसिंग पायलट
इसी कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने देश के पहले सरकारी 3D कंक्रीट-प्रिंटेड हाउसिंग पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की। PIB विज्ञप्ति के अनुसार, बुर्रिपालेम और ओबुलनायुडुपालेम में 3D प्रिंटिंग तकनीक से 177 मकान बनाए जाएंगे, जिन पर करीब ₹14 करोड़ की लागत आएगी और निर्माण 6 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय, सीएसआईआर-सीबीआरआई रुड़की और आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से चलाई जा रही है।
नायडू ने बताया कि 3D तकनीक से बने मकानों में अंदर का तापमान बाहर से करीब 8 डिग्री सेल्सियस कम रहने की उम्मीद है। अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा, तो इसी तकनीक से 5,000 मकान और बनाए जाएंगे और आंध्र प्रदेश 3D तकनीक आधारित आवास का मॉडल राज्य बनेगा।
ग्रामीण आवास को नई रफ़्तार
पीएम आवास योजना-ग्रामीण 2.0 के तहत केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकानों का लक्ष्य लेकर चल रही है। आंध्र प्रदेश को मिली इस बड़ी सौगात से राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों के पक्की छत के सपने को पंख लगेंगे।
स्रोत: PIB (प्रेस विज्ञप्ति, 5 अक्टूबर 2026)। कार्यक्रम रविवार, 4 अक्टूबर को तेनाली (गुंटूर) में आयोजित हुआ — द हिंदू के अनुसार।
