भोपाल ब्यूरो। शासकीय योजनाओं और सेवाओं का लाभ पाने के लिए अब नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मध्यप्रदेश में ‘सेवा सेतु अभियान–सरकार आपके द्वार’ के तहत आज रविवार को नगरीय क्षेत्रों में मेगा सेवा सेतु शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का मकसद गांव और वार्ड स्तर पर ही नागरिकों को शासकीय सेवाएं सहज, पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
एक ही छत के नीचे 15 से ज़्यादा सेवाएं
मेगा सेवा सेतु शिविरों में केंद्र और राज्य शासन की दर्जनों योजनाओं के लिए अलग-अलग काउंटर लगाए गए हैं। इनमें पीएम स्वनिधि, संबल योजना, सामाजिक न्याय पेंशन, जन्म-मृत्यु-विवाह पंजीयन, समग्र ई-केवाईसी, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा नवीन नल कनेक्शन और जलकर, भवन अनुज्ञा, फायर एनओसी, नामांतरण और कर निर्धारण तथा ट्रेड लाइसेंस जैसे नगरीय सेवाओं के काम भी मौके पर ही निपटाए जा रहे हैं।
कटनी में 6 स्थानों पर शिविर, सुबह 10 से शाम 6 बजे तक
कटनी शहर में आज कुल 6 स्थानों पर मेगा सेवा सेतु शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविरों का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित है। हितग्राहियों के पंजीयन और आवेदन संबंधी कार्यवाही के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि पात्र नागरिक मौके पर ही योजनाओं का लाभ ले सकें। नगर निगम ने शिविरों के सफल संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

मंदसौर में 3 अक्टूबर को लगे थे 5 शिविर
इससे एक दिन पहले, 3 अक्टूबर को मंदसौर जिले के पांच स्थानों पर भी मेगा सेवा सेतु शिविर आयोजित किए गए थे। वहां सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक शिविर चले, जिनमें मौके पर ही जनसमस्याओं और शिकायतों का निराकरण किया गया। शिविरों में स्वामित्व योजना, फार्मर आईडी, नामांतरण, आय प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत, पीएम विश्वकर्मा, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और लाडली बहना जैसी योजनाओं के लाभ मौके पर दिए गए।
क्यों खास है यह अभियान
सेवा सेतु अभियान जनविश्वास एवं सेवा संकल्प अभियान का महत्वपूर्ण घटक है। प्रशासन का दावा है कि इन शिविरों से नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और अधिक से अधिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। शनिवार से रविवार तक प्रदेश के कई जिलों में शिविरों की श्रृंखला चल रही है — जो नागरिक आज अपने शहर के शिविर में नहीं पहुंच पाए, वे आगामी शिविरों की सूचना नगर निगम या जिला प्रशासन से ले सकते हैं।
