डेस्क रिपोर्ट
सार: Jio IPO का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को फाइनल हो चुका है और आज, 28 अक्टूबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग हो रही है। जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, उनके डीमैट खाते में शेयर 27 अक्टूबर को आ गए हैं, और जिनको नहीं मिले, उनका पैसा अनब्लॉक हो गया है। अगर आपने अभी तक अपना स्टेटस नहीं चेक किया है, तो केफिन टेक्नोलॉजीज, बीएसई और एनएसई — तीनों जगह से अभी भी चेक कर सकते हैं।
देश के सबसे बड़े आईपीओ को लेकर निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है — शेयर मिले या नहीं? जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ में करीब 1.39 करोड़ आवेदन आए थे, और इश्यू कुल 22.19 गुना भरा था। इतनी मांग में हर आवेदक को शेयर मिलना संभव नहीं था, इसलिए अलॉटमेंट लॉटरी के आधार पर हुआ है। अच्छी बात यह है कि स्टेटस चेक करने का मौका अभी भी है, और आज लिस्टिंग के दिन यह जानना और भी जरूरी हो गया है।
अलॉटमेंट कब हुआ, अब तक क्या-क्या हो चुका है
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को खुला और 23 अक्टूबर को बंद हुआ था। प्राइस बैंड 1,065-1,119 रुपये था और अंतिम इश्यू प्राइस 1,119 रुपये तय हुआ। अलॉटमेंट का आधार 26 अक्टूबर, सोमवार को फाइनल हुआ। इसके बाद 27 अक्टूबर को जिनको शेयर नहीं मिले, उनका पैसा अनब्लॉक कर दिया गया, और जिनको शेयर मिले, उनके डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट हो गए।
आज, 28 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शेयर बीएसई और एनएसई पर ट्रेड होने लगेंगे। यानी आज का दिन लिस्टिंग का है, अलॉटमेंट का नहीं — अलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगर किसी के पास अभी भी “अलॉटमेंट आज होगा” वाली खबर पहुंच रही है, तो वह पुरानी खबर है।
शेयर मिले या नहीं: कैसे पता चलेगा
अलॉटमेंट होने पर निवेशकों को उनके ब्रोकर और रजिस्ट्रार की ओर से एसएमएस और ईमेल से जानकारी मिलती है। साथ ही, डीमैट खाते में शेयर दिखने लगते हैं। लेकिन सबसे पक्का तरीका आधिकारिक वेबसाइटों पर स्टेटस चेक करना है — नीचे तीनों तरीके दिए गए हैं। इसके लिए आपको अपना पैन नंबर, आवेदन नंबर या डीमैट खाते का विवरण चाहिए होगा।
तरीका 1: केफिन टेक्नोलॉजीज से स्टेटस चेक करें
केफिन टेक्नोलॉजीज इस आईपीओ की रजिस्ट्रार है, इसलिए इसका पोर्टल सबसे सीधा तरीका है। केफिन की आईपीओ अलॉटमेंट पेज पर जाएं, सूची से जियो प्लेटफॉर्म्स चुनें, फिर अपना पैन नंबर, आवेदन नंबर या डीपी/क्लाइंट आईडी डालें और सबमिट करें। स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपको कितने शेयर अलॉट हुए हैं, या कोई अलॉटमेंट नहीं हुआ है।
तरीका 2: बीएसई की वेबसाइट से स्टेटस चेक करें
बीएसई की निवेशक सेवा पेज (https://www.bseindia.com/investors/appli_check) पर जाएं। इश्यू टाइप में इक्विटी चुनें, ड्रॉपडाउन से जियो प्लेटफॉर्म्स चुनें, अपना आवेदन नंबर या पैन नंबर डालें, कैप्चा पूरा करें और सर्च करें। आपका अलॉटमेंट स्टेटस दिख जाएगा।
तरीका 3: एनएसई की वेबसाइट से स्टेटस चेक करें
एनएसई की आईपीओ बिड वेरिफिकेशन पेज (https://www.nseindia.com/invest/check-trades-bids-verify-ipo-bids) पर जाएं। इक्विटी चुनें, सूची से जियो प्लेटफॉर्म्स चुनें, अपना पैन नंबर डालें और स्टेटस देखें।
अलॉटमेंट नहीं मिला तो क्या होगा
अगर आपको शेयर नहीं मिले हैं, तो घबराने की बात नहीं है — आपका पैसा वापस आ जाता है। आईपीओ में आवेदन के समय पैसा ब्लॉक होता है, कटता नहीं है। अलॉटमेंट नहीं होने पर 27 अक्टूबर को यह पैसा अनब्लॉक कर दिया गया है, यानी वह आपके बैंक खाते में फिर से उपलब्ध है। अगर किसी कारण से पैसा अब तक अनब्लॉक नहीं हुआ है, तो अपने बैंक या ब्रोकर से संपर्क करें।
अलॉटमेंट नहीं मिलने का मतलब यह नहीं है कि मौका खत्म हो गया। आज लिस्टिंग के बाद शेयर खुले बाजार से खरीदे जा सकते हैं — लेकिन लिस्टिंग के दिन भाव में तेज उतार-चढ़ाव होता है, इसलिए जल्दबाजी में खरीदारी करने से पहले भाव और अपनी जोखिम क्षमता को जरूर देखें।
अलॉटमेंट मिला तो आज क्या करें
जिन निवेशकों को शेयर मिले हैं, उनके डीमैट खाते में शेयर पहले ही आ चुके हैं और आज सुबह 10 बजे से वे शेयर बाजार में बेचे जा सकेंगे। ग्रे मार्केट के अनुसार लिस्टिंग के समय करीब 22-23 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत था, यानी 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस पर करीब 1,362-1,376 रुपये के आसपास लिस्टिंग का अनुमान लगाया जा रहा था। लेकिन यह सिर्फ अनौपचारिक संकेत है — असली लिस्टिंग भाव बाजार के खुलने पर ही पता चलेगा।
लिस्टिंग के दिन शेयर बेचना है या रखना है, यह फैसला हर निवेशक को अपनी जरूरत, लक्ष्य और जोखिम क्षमता के हिसाब से करना चाहिए। एक दिन की बढ़त देखकर जल्दबाजी में फैसला करना सही नहीं होता, और न ही बिना सोचे-समझे लंबे समय तक रखना। जरूरत हो तो प्रमाणित विशेषज्ञों से सलाह लें।
आज की लिस्टिंग से जुड़ी अहम बातें
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ करीब 30,213 करोड़ रुपये का था — देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ। इसे कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें योग्य संस्थागत खरीदारों का हिस्सा 70.55 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों का 14 गुना और खुदरा निवेशकों का 2.72 गुना भरा। इश्यू प्राइस पर कंपनी का बाजार मूल्यांकन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये बनता है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के आधार पर अनुमान है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन सकती है — लेकिन यह लिस्टिंग भाव पर निर्भर करेगा।
डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, प्रदेश 24 न्यूज़ के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
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