दिल्ली ब्यूरो। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर शक्ति का एक सुभाषित साझा किया और मां अंबिका को नमन किया। प्रधानमंत्री का यह संदेश नवरात्रि के पावन अवसर पर देशवासियों के बीच तेजी से साझा हो रहा है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने लिखा, “जिस परम शक्ति से पूरा संसार संचालित होता है, उन मां का नमन करते हैं।” उन्होंने मां अंबिका के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए देशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं भी दीं।

नवरात्रि के दूसरे दिन का विशेष संदेश
शारदीय नवरात्रि इस वर्ष 11 से 19 अक्टूबर तक मनाई जा रही है। नवरात्रि का दूसरा दिन देवी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग और संयम की प्रतीक हैं, और इस दिन उनकी आराधना से भक्तों को धैर्य व आत्मबल की प्राप्ति होती है।
प्रधानमंत्री मोदी नवरात्रि के प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों को नमन करते हुए संदेश साझा करने की परंपरा निभाते रहे हैं। उनके ये संदेश हर वर्ष नवरात्रि के दौरान भक्तों के बीच विशेष उत्साह पैदा करते हैं।
क्या होता है सुभाषित
सुभाषित संस्कृत साहित्य की वह विधा है, जिसमें जीवन, धर्म, नीति और अध्यात्म से जुड़े गूढ़ अर्थों को संक्षिप्त और सारगर्भित श्लोकों में व्यक्त किया जाता है। शक्ति को समर्पित सुभाषितों में देवी की सर्वव्यापी ऊर्जा और सृजन-शक्ति का वर्णन मिलता है। प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषित भी उसी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें संपूर्ण संसार को संचालित करने वाली परम शक्ति को नमन किया गया है।
मां अंबिका की महिमा
मां अंबिका को शक्ति के सौम्य और करुणामयी स्वरूप के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि मां अंबिका अपने भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और संकट के समय रक्षा करती हैं। देशभर के शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा-अर्चना, घटस्थापना और भजन-कीर्तन का आयोजन हो रहा है।
प्रधानमंत्री के इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं ने मां अंबिका के जयकारों के साथ नवरात्रि की शुभकामनाएं साझा कीं। नवरात्रि के शेष दिनों में भी प्रधानमंत्री के ऐसे आध्यात्मिक संदेशों की परंपरा जारी रहने की उम्मीद है।
