भोपाल ब्यूरो
सार: मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेशवासियों को बधाई दी। मोदी का मोहन यादव को पत्र प्रदेश से उनके आत्मीय जुड़ाव, गौरवशाली विरासत और किसान कल्याण सहित विकास कार्यों की सराहना से भरा है। मुख्यमंत्री ने रविवार को यह संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक पत्र लिखा। इस पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री ने प्रदेश के सभी नागरिकों को स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। पत्र में मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास यात्रा का उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को यह संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रदेश के प्रति प्रधानमंत्री के आत्मीय भाव सभी प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। स्थापना दिवस के मौके पर भोपाल में राज्योत्सव का आयोजन भी चल रहा है, जिसमें प्रदेश की विकास यात्रा और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जा रहा है।
पत्र में क्या लिखा है
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा कि मध्य प्रदेश की धरती प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक चेतना, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और परिश्रमी लोगों की कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा है। पत्र में यह विश्वास भी व्यक्त किया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार विकास भी, विरासत भी के मूलमंत्र पर चलते हुए विकसित भारत के सपने को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में मध्य प्रदेश की अहम भूमिका का भी उल्लेख किया। पत्र का लहजा पूरी तरह शुभकामना और सराहना का है, जिसमें प्रदेश की उपलब्धियों को रेखांकित किया गया है।
मध्य प्रदेश से आत्मीय जुड़ाव का जिक्र
प्रधानमंत्री ने पत्र में मध्य प्रदेश से अपने आत्मीय जुड़ाव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने लिखा कि संगठन के दिनों में उन्हें प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में जाने और कार्यकर्ताओं तथा नागरिकों के बीच समय बिताने का अवसर मिला। इस जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश से उनका रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। प्रधानमंत्री ने उन नेताओं और जनसेवकों का भी स्मरण किया, जिनके समर्पण और परिश्रम से उन्हें देश सेवा की प्रेरणा मिली। इस हिस्से में कुशाभाऊ ठाकरे के संगठन के प्रति समर्पण, अटल बिहारी वाजपेयी के विजन, राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जनसेवा, सुंदरलाल पटवा के परिश्रम और कैलाश जोशी की सादगी का उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इन विभूतियों का योगदान आज भी उन्हें प्रेरित करता है।

गौरवशाली विरासत और महान विभूतियों का स्मरण
पत्र में मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को भी याद किया गया है। प्रधानमंत्री ने राजा भोज, देवी अहिल्याबाई होलकर, रानी दुर्गावती और टंट्या मामा जैसे महापुरुषों का उल्लेख किया। इन नामों के माध्यम से पत्र में प्रदेश के शौर्य, न्याय, जनकल्याण और संघर्ष की परंपरा को रेखांकित किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश विश्व प्रसिद्ध धरोहर स्थलों के कारण भी अपनी अलग पहचान रखता है। विरासत और विकास को एक साथ लेकर चलने का संदेश पत्र का एक प्रमुख भाव है। इसी भाव को राज्य सरकार के मूलमंत्र विकास भी, विरासत भी में भी देखा जा सकता है। स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में भी विरासत और विकास की यही जोड़ी दिखाई देती है।
किसान कल्याण वर्ष की सराहना
प्रधानमंत्री ने पत्र में इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि मध्य प्रदेश सरकार इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। उन्होंने किसान कल्याण को प्रदेश की विकास यात्रा का एक प्रमुख संकल्प बताया। पत्र के अनुसार, गरीब कल्याण, किसान की समृद्धि, सिंचाई, अधोसंरचना, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार प्रदेश की विकास यात्रा के प्रमुख संकल्प हैं। किसान कल्याण वर्ष के तहत किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
किसान योजनाओं के आंकड़े
पत्र में किसान योजनाओं से जुड़े आंकड़ों का भी उल्लेख किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत प्रदेश के एक करोड़ से अधिक किसानों को 35 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दिए जाने का उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये की सहायता का भी जिक्र है। सोयाबीन किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत सात लाख से अधिक किसानों को 1,400 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दिए जाने की बात भी पत्र में कही गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि किसान हित की योजनाएं प्रदेश में बड़े पैमाने पर लागू की जा रही हैं। समर्थन मूल्य, भावांतर भुगतान और सीधी सहायता के माध्यम से किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से राहत देने की कोशिश की जा रही है। कृषि को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए पत्र में किसानों के परिश्रम की भी सराहना की गई है।
केन-बेतवा और बुनियादी ढांचे का जिक्र
प्रधानमंत्री ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का विशेष उल्लेख किया। पत्र के अनुसार, 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना से 10 जिलों में करीब 11 लाख हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी और 45 लाख लोगों को स्वच्छ पेयजल मिलने वाला है। इस परियोजना को बुंदेलखंड के लिए नई संभावनाएं लाने वाली परियोजना बताया गया है। इसके साथ ही भोपाल और इंदौर मेट्रो के नए कॉरिडोर, राजमार्गों के विस्तार और ग्रामीण सड़कों के जरिए कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के प्रयासों की भी सराहना की गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, आयुष्मान भारत योजना, धार जिले के प्रधानमंत्री मित्रा पार्क और चीता प्रोजेक्ट का भी पत्र में उल्लेख किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में काम आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री का आभार और जवाब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को प्रधानमंत्री का यह संदेश साझा करके उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य की गौरवशाली विरासत, समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं, जनसामान्य के परिश्रम और विकास यात्रा के प्रति प्रधानमंत्री के आत्मीय भाव सभी प्रदेशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस जवाब में गरीब कल्याण, किसान समृद्धि, सिंचाई, अधोसंरचना, जनजातीय उत्थान, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के रोजगार के संकल्पों को दोहराया गया है।
स्थापना दिवस समारोह से जुड़ा संदर्भ
मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस 1 नवंबर को मनाया जाता है। इस वर्ष प्रदेश अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 1 से 3 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और देशज व्यंजन मेले जैसे आकर्षण शामिल हैं। स्थापना दिवस के कार्यक्रमों में मेधावी विद्यार्थियों और किसान प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करने की भी परंपरा रही है। प्रधानमंत्री के पत्र को इसी स्थापना दिवस समारोह की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। पत्र में प्रदेश की विकास यात्रा की सराहना और भविष्य की उम्मीद, दोनों का समावेश है। आने वाले दिनों में राज्योत्सव के कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की उपलब्धियों को और विस्तार से जनता के सामने रखा जाएगा। पत्र का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध संदेश के आधार पर सामने आया है।
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