इंदौर ब्यूरो
मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मिली है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में सेमीकंडक्टर और तकनीक क्षेत्र में करीब ₹5,800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इन प्रस्तावों से 10,000 से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। यह समिट जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले आयोजित की गई थी, इसलिए इसे राज्य की निवेश तैयारियों की बड़ी झलक के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इंदौर में आयोजित इस समिट में ₹5,800 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 10 हजार से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। समिट में 1,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन सहित कई देशों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी शामिल थे। चिप डिजाइन, उन्नत पैकेजिंग, परीक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।
किन कंपनियों ने दिए कितने प्रस्ताव
समिट के दौरान मुख्यमंत्री के साथ एक-से-एक बैठकों में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, आईटी बुनियादी ढांचा, एवीजीसी-एक्सआर और हेल्थ-टेक क्षेत्र की 12 से अधिक कंपनियों और संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपने प्रस्ताव रखे। इनमें सबसे बड़ा प्रस्ताव उना इकोसिस्टम्स का है, जिसने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण सुविधा के लिए ₹2,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे करीब 2,000 रोजगार मिलने की उम्मीद है।
स्पिंट्रॉनिक्स एआई सेमीकंडक्टर्स ने दो चरणों में ₹1,800 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा है, जबकि लालवाला इंडस्ट्रीज ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण और चिप डिजाइन के लिए ₹1,200 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा धनुष हेल्थकेयर सिस्टम्स ने ₹400 करोड़ (500 रोजगार), बियॉन्ड स्टूडियोज ने ₹110 करोड़ (360 रोजगार), इंडुसिलिका सेमीकंडक्टर्स ने ₹100 करोड़ (150 रोजगार), नैनोड्राइट्स टेक्नोलॉजी ने ₹65 करोड़ (140 रोजगार) और ट्रूचिप सॉल्यूशंस ने ₹10 करोड़ (50 रोजगार) के प्रस्ताव दिए हैं। इन सभी प्रस्तावों को मिलाकर कुल राशि करीब ₹5,800 करोड़ बताई गई है।
पांच कंपनियों को जमीन आवंटन के LOI: ₹9,625 करोड़ के प्रस्ताव
निवेश प्रस्तावों के अलावा राज्य सरकार ने पांच कंपनियों को जमीन आवंटन के लिए आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) भी जारी किए हैं। इन परियोजनाओं में कुल ₹9,625 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है और इनसे 4,450 से अधिक सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है। ये परियोजनाएं भोपाल, इंदौर और ग्वालियर से जुड़ी हैं।
इनमें सबसे बड़ी परियोजना साइटेक आरई की है, जो ग्वालियर के गंगा-मालनपुर में 50 मेगावाट के हाइपरस्केल डेटा सेंटर के लिए ₹6,415 करोड़ का निवेश करेगी। औरिगा आईटी सॉल्यूशंस ने इंदौर में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए ₹500 करोड़ का प्रस्ताव दिया है, जिससे करीब 3,500 रोजगार मिलने की उम्मीद है। मीना सर्किट्स ने इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और विनिर्माण इकाई के लिए ₹400 करोड़ और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स ने भोपाल के बड़वाई आईटी पार्क में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण इकाई के लिए ₹310 करोड़ का प्रस्ताव दिया है, जिससे करीब 950 रोजगार मिलने की उम्मीद है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के ऐलान: सेमीकंडक्टर, फोटोनिक्स और क्वांटम तकनीक
समिट में मुख्यमंत्री ने राज्य में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स व क्वांटम टेक्नोलॉजीज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की घोषणा भी की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख किया और कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान चिप की कमी ने इस क्षेत्र के महत्व को सबके सामने ला दिया था।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को मजबूत सरकारी साझेदारी का आश्वासन दिया और मध्यप्रदेश के कुशल कार्यबल तथा अनुकूल नीतिगत माहौल का उल्लेख किया। रिपोर्टों के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 25 से अधिक नई नीतियां तैयार की गई हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी सेमीकंडक्टर और तकनीक केंद्र बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
पहले दिन से समिट तक: उद्घाटन, वन-टू-वन बैठकें और पैनल चर्चाएं
इस समिट का शुभारंभ 23 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने किया था। पहले दिन मुख्यमंत्री के साथ उद्योगपतियों की वन-टू-वन बैठकें हुईं, जिनमें लालवाला और उना इकोसिस्टम्स जैसे बड़े प्रस्ताव सामने आए। समिट के दौरान उन्नत पैकेजिंग, फैबलेस विनिर्माण, एआई बुनियादी ढांचा और शिक्षा-उद्योग सहयोग जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएं और राउंड टेबल बैठकें भी हुईं। इस तरह यह समिट सिर्फ निवेश प्रस्तावों तक सीमित नहीं रही, बल्कि तकनीक, कौशल और उद्योग के बीच सेतु बनाने का मंच भी बनी।
जनवरी 2027 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से जुड़ाव
इस समिट को जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार पिछले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में करीब ₹34 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से 30 प्रतिशत से अधिक पहले ही लागू किए जा चुके हैं। ऐसे में सेमीकंडक्टर समिट में मिले प्रस्तावों को राज्य की तकनीक-आधारित निवेश रणनीति की अगली कड़ी माना जा रहा है। समिट में शामिल कंपनियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आने का निमंत्रण भी दिया गया है।
आगे क्या होगा
अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि ये निवेश प्रस्ताव कितनी जल्दी धरातल पर उतरते हैं। जमीन आवंटन के आशय पत्र जारी हो चुके हैं, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा हो चुकी है और कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित हो गया है। अगले चरण में परियोजनाओं की विस्तृत रूपरेखा, जमीन आवंटन की औपचारिक प्रक्रिया और रोजगार सृजन की गति पर ध्यान रहेगा। इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में तकनीक आधारित उद्योगों के विस्तार से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए उच्च कौशल वाले रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद की जा रही है।
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