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MP मौसम: खंडवा-खरगोन समेत 5 जिलों में आज येलो अलर्ट, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश संभव; भोपाल में साफ रहेगा मौसम

खंडवा-खरगोन समेत 5 जिलों में येलो अलर्ट, बारिश की संभावना (सांकेतिक तस्वीर) सांकेतिक तस्वीर

भोपाल ब्यूरो

मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह नहीं बदला है। अक्टूबर के आखिरी पखवाड़े में प्रदेश के कई हिस्सों में कभी तेज धूप खिल रही है तो कहीं बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर बना हुआ है। इसी कड़ी में भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को प्रदेश के पांच जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रभावित जिलों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

किन पांच जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के अनुसार आज खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। ये सभी जिले प्रदेश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से यानी निमाड़ अंचल में आते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राहत की बात यह है कि आज तेज हवा चलने का अलर्ट नहीं है, इसलिए आंधी-तूफान जैसी स्थिति की आशंका नहीं जताई गई है।

येलो अलर्ट का मतलब होता है कि मौसम को लेकर सतर्क रहें और ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखें। मौसम विभाग की रंग-कोड वाली चेतावनी व्यवस्था में येलो सबसे शुरुआती स्तर का अलर्ट होता है, जिसका उद्देश्य लोगों को संभावित मौसमी बदलाव के प्रति जागरूक करना है। विभाग ने साफ किया है कि इन पांच जिलों को छोड़कर शेष पूरे प्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा और बारिश के कोई आसार नहीं हैं।

भोपाल समेत शेष प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम

राजधानी भोपाल में आज मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। आंधी-बारिश की कोई संभावना नहीं बन रही है। पिछले दो दिनों से भी राजधानी में कुछ ऐसा ही मौसम देखने को मिला है। दिन के समय तापमान में बढ़ोतरी से हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन शाम होते ही तापमान में गिरावट आ जाती है, जिससे गर्मी से राहत मिलती है और गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी और अगले कुछ दिनों में दिन के समय भी ठंडक महसूस होने लगेगी। मौसम विभाग ने महीने की शुरुआत में ही अनुमान जताया था कि अक्टूबर में गर्मी, ठंड और बरसात तीनों का मिला-जुला ट्रेंड बना रहेगा, और अब वही स्थिति देखने को मिल रही है।

मानसून के करीब 100 दिन: इस साल कैसी रही बारिश

इस साल मध्यप्रदेश में मानसून लगभग 100 दिनों तक सक्रिय रहा। मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते कुछ जिलों में बरसात का दौर अब भी बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल कई जिलों में वर्षा का कोटा पूरा हुआ, तो अधिकतर जनपदों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई। यानी प्रदेश में इस बार बारिश का वितरण एकसमान नहीं रहा — कहीं सामान्य से अधिक पानी बरसा तो कहीं किसान बादलों की ओर देखते रह गए।

मानसून की विदाई के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर और मध्य भारत के मौसम पर पड़ता है। इसी के चलते अक्टूबर के आखिरी दिनों में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह शरद ऋतु की शुरुआत का सामान्य मौसमी बदलाव है, जिसमें दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ता जाता है।

तापमान का हाल: नर्मदापुरम सबसे गर्म, कटनी सबसे ठंडा

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस कटनी जिले के करौंदी में रिकॉर्ड हुआ। दिन और रात के तापमान में करीब 20 डिग्री से अधिक का अंतर इस बात का संकेत है कि प्रदेश में शरद ऋतु धीरे-धीरे अपने पैर पसार रही है।

इससे पहले 21 अक्टूबर को भी मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी-बिजली की चेतावनी जारी की थी और किसानों के लिए विशेष सलाह दी थी। उस दिन की मौसम चेतावनी और किसान सलाह यहां पढ़ें। लगातार जारी हो रहे इन अलर्ट से साफ है कि अक्टूबर का आखिरी सप्ताह मौसमी उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है।

अलर्ट वाले जिलों के किसानों के लिए सलाह

खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर में इस समय रबी फसलों की बुआई की तैयारियां चल रही हैं, वहीं कई जगह खरीफ की कटी फसल अभी खेतों या खलिहानों में है। ऐसे में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर ढककर रखना और खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाना समझदारी होगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में इस समय सोयाबीन भावांतर योजना की प्रक्रिया भी चल रही है, जिसके लिए पंजीयन की अंतिम तिथि नजदीक है। किसान भाई मौसम की ताजा जानकारी के लिए भारतीय मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय मौसम केंद्रों के अपडेट पर नजर बनाए रखें। बिजली कड़कने के दौरान खेतों में काम करने से बचें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

दिवाली से पहले कैसा रहेगा मौसम का मिजाज

दिवाली अब कुछ ही दिनों की दूरी पर है और ऐसे में हर किसी के मन में सवाल है कि त्योहार के दिनों में मौसम कैसा रहेगा। मौसम विभाग के मौजूदा अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में लगातार गिरावट आएगी। यानी दिवाली के आसपास प्रदेश में साफ और सुहावना मौसम रहने की उम्मीद है, साथ ही सुबह-शाम गुलाबी ठंड का एहसास बढ़ेगा।

हालांकि मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अक्टूबर में गर्मी, ठंड और बरसात का मिला-जुला ट्रेंड बना रहेगा, इसलिए त्योहार की तैयारियों के साथ-साथ मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना बुद्धिमानी होगी। खासकर निमाड़ अंचल के लोग आज के येलो अलर्ट को गंभीरता से लें और गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

बदलते मौसम में सेहत का रखें खास ध्यान

मौसम में उतार-चढ़ाव के इस दौर में सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम, बुखार और एलर्जी जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं। अपने दैनिक आहार में मौसमी फल, ताजी हरी सब्जियां और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। निश्चित नींद का समय तय करें और पर्याप्त आराम करें ताकि शरीर बदलते मिजाज के साथ आसानी से ढल सके।

दोपहर के समय बाहर निकलते समय चश्मा, टोपी या छाते का उपयोग करें और सनस्क्रीन लगाएं। दिन में हल्के, हवादार और आरामदायक सूती कपड़े पहनें, लेकिन सुबह-शाम की हल्की ठंड के लिए अपने पास एक हल्की चादर या जैकेट जरूर रखें। मानसून के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ता है, इसलिए खासकर सुबह और शाम के समय मच्छर भगाने वाली क्रीम या मच्छरदानी का उपयोग करें। दिल की बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को ठंड के मौसम में अपनी सेहत पर खास ध्यान देना चाहिए — नियमित रूप से ब्लड प्रेशर जांचते रहें और हृदय के लिए स्वस्थ आहार के साथ योग-व्यायाम जारी रखें।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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