इंदौर ब्यूरो। नगर निगम इंदौर ने किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 101 दुकानदारों के आवंटन एवं अनुबंध निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर 28 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को की गई, जिसकी घोषणा शुक्रवार को अपर आयुक्त (राजस्व) आकाश सिंह ने की।
जानकारी के अनुसार निगम के 412 डिफॉल्टर किराया खाते वर्ष 2017-18 से ही लॉक हैं। इनमें पालिका प्लाजा, हरसिद्धि, प्रिंस यशवंत रोड, मालवा मिल, शिवाजी नगर और सरदार पटेल ब्रिज स्थित बाजारों की दुकानें शामिल हैं। निगम प्रशासन का कहना है कि वर्ष 2017 से इन दुकानदारों को बार-बार नोटिस भेजे गए, लेकिन बकाया किराया नहीं चुकाया गया।

मई 2026 में कुर्की, फिर भी नहीं चुकाया बकाया
निगम अधिकारियों के अनुसार मई 2026 में डिफॉल्टरों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी है। इसके बाद 7 सितंबर 2026 को सात दिन का सुनवाई नोटिस जारी किया गया, जिसमें दुकानदारों को बकाया जमा करने या सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
लेकिन 101 दुकानदारों ने न तो बकाया किराया जमा किया और न ही निर्धारित समय में सुनवाई के लिए उपस्थित हुए। ऐसे में निगम प्रशासन ने इन सभी के आवंटन और अनुबंध निरस्त करने का निर्णय लिया। अपर आयुक्त (राजस्व) के अनुसार निरस्तीकरण की यह प्रक्रिया नियमों के तहत पूरी की गई है।
122 दुकानों का ब्योरा: 8 के आवंटन पहले ही निरस्त
इसी दौरान एक अन्य जानकारी के अनुसार किराया-मुक्त रखी जा रही कुल 122 दुकानों में से 8 दुकानदारों के आवंटन पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 80 अन्य दुकानों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। निगम का कहना है कि बाजारों में बिना किराया चुकाए दुकानें रखने वालों पर चरणबद्ध कार्रवाई जारी रहेगी।
निगम प्रशासन ने बकायादार दुकानदारों से अपील की है कि वे समय पर किराया जमा करें, ताकि ऐसी सख्त कार्रवाई से बचा जा सके। निगम का कहना है कि बकाया राशि शहर के विकास कार्यों में लगाई जाती है, इसलिए इसकी वसूली निगम की प्राथमिकता है।
