इंदौर ब्यूरो। इंदौर नगर निगम के आयुक्त क्षितिज सिंघल ने आज निगम मुख्यालय स्थित अपने कक्ष में जनसुनवाई की। इस दौरान आयुक्त ने नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को स्वयं सुना तथा संबंधित अधिकारियों को उनके नियमानुसार त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में नागरिकों द्वारा राजस्व, मार्केट, भवन अनुज्ञा, स्वास्थ्य, रिमूव्हल, सीवरेज, जनकार्य सहित विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 54 आवेदन आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए गए।

हर विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
आयुक्त क्षितिज सिंघल ने प्रत्येक आवेदन को ध्यानपूर्वक सुनते हुए जनसुनवाई में उपस्थित अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, अधीक्षण यंत्री एवं संबंधित विभाग प्रमुखों को प्रकरण तत्काल प्रेषित किए। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही कर समस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान सबसे अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित रहे, जिनमें संपत्ति कर, नामांतरण, बकाया राशि और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। इसके अलावा भवन अनुज्ञा विभाग से नक्शा स्वीकृति में देरी, मार्केट विभाग से दुकानों के आवंटन, स्वास्थ्य विभाग से सफाई व्यवस्था, रिमूव्हल विभाग से अतिक्रमण हटाने, सीवरेज विभाग से जलभराव और जनकार्य विभाग से सड़क मरम्मत से जुड़े आवेदन भी प्राप्त हुए।
‘नागरिकों को न लगाने पड़ें कार्यालयों के चक्कर’
आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर समय-सीमा में कार्रवाई की जाए तथा नागरिकों को उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित समयावधि में होना चाहिए और इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी।
आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित आवेदनों पर गंभीरता से कार्य करें और नागरिकों को संतोषजनक जवाब दें।
नियमित जनसुनवाई से बढ़ रहा भरोसा
इंदौर नगर निगम द्वारा नियमित रूप से जनसुनवाई का आयोजन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ रहा है। पहले नागरिकों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए भी कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब जनसुनवाई के माध्यम से वे सीधे आयुक्त के समक्ष अपनी बात रख सकते हैं।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाता है, ताकि किसी भी आवेदन की स्थिति को ट्रैक किया जा सके। इससे जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है और नागरिकों को उनके प्रकरण की प्रगति की जानकारी भी मिलती रहती है।
इन विभागों से आए सबसे अधिक आवेदन
आज की जनसुनवाई में राजस्व विभाग से संबंधित आवेदनों की संख्या सबसे अधिक रही। नागरिकों ने संपत्ति कर के बकाया बिलों में विसंगति, नामांतरण में देरी और राजस्व अभिलेखों में त्रुटि की शिकायतें दर्ज कराईं। भवन अनुज्ञा विभाग से नक्शा पास करने में हो रही देरी को लेकर भी कई नागरिकों ने अपनी बात रखी।
स्वास्थ्य विभाग से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें आईं, जबकि सीवरेज विभाग से बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या को लेकर आवेदन दिए गए। जनकार्य विभाग से टूटी सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट की शिकायतें भी जनसुनवाई में उठीं।
आयुक्त ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करें और इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन प्रकरणों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उन्हें जनसुनवाई के दौरान ही निपटाने का प्रयास किया जाए।
