छतरपुर से रिक्की सिंह की रिपोर्ट
छतरपुर ब्यूरो। लोगों के विचारों में बदलाव लाने का सबसे प्रभावी माध्यम संवाद है। आपसी बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह संदेश बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी पांच दिवसीय रथयात्रा के दौरान दिया। तीसरे दिन यात्रा सागर पहुंची, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने बागेश्वर महाराज का भव्य स्वागत किया।

सुबह 8 बजे गौरीशंकर मंदिर से शुरू हुई यात्रा
तीसरे दिन गौरीशंकर मंदिर पहुंचकर बागेश्वर महाराज ने पूजा-अर्चना की और सुबह 8 बजे राष्ट्रगान व हनुमान चालीसा के साथ यात्रा शुरू की। आलम यह था कि सुबह 4 बजे तक भी सनातन धर्मावलंबियों की आंखें रथयात्रा की राह निहारती रहीं। महाराज के दर्शन और उनके विचार सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात तक प्रतीक्षा करते रहे।
महाराज हटा में रात्रि 2:30 बजे नगर के अंदर पहुंचे। गौरीशंकर मैदान परिसर में महाराज ने अपने साथ चल रहे अनुयायियों को संबोधित करते हुए यात्रा के उद्देश्य के बारे में बताया और लगभग 1 घंटे का दिव्य दरबार भी लगाया।

‘संवाद से होगा सामाजिक परिवर्तन’
महाराज ने कहा कि सनातन हिंदू एकता के लिए उन्होंने दो पदयात्राएं की हैं, अब तीसरी रथयात्रा के माध्यम से लोगों से जुड़ने का प्रयास किया जा रहा है। बागेश्वर धाम के अनुयायी हर गांव-गली में बैठकर संवाद स्थापित करेंगे, जिससे लोग एकजुट होंगे। संवाद सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण माध्यम है और इससे विचारों में सकारात्मक बदल
