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8 अक्टूबर को ’57वीं GST बैठक’! टैक्स में ‘गिरफ्तारी’ खत्म, ‘₹5 करोड़’ तक मुकदमा नहीं — ईमानदारों को राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो: पीआईबी, भारत सरकार)

नई दिल्ली ब्यूरो।

सुधार: जीएसटी परिषद सचिवालय के 5 अक्टूबर 2026 के आदेश के अनुसार 57वीं जीएसटी परिषद बैठक 7 नहीं, 8 अक्टूबर 2026 (गुरुवार), सुबह 11 बजे, भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगी।

8 अक्टूबर को होने वाली GST परिषद की 57वीं बैठक से पहले करदाताओं के लिए बड़ी राहत के संकेत मिले हैं। ANI से बातचीत में वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि परिषद इस बैठक में GST अनुपालन से जुड़े बड़े सुधारों पर विचार कर सकती है — जिनमें कर कानून के तहत गिरफ्तारी के प्रावधान को हटाना, मुकदमे की सीमा बढ़ाना और रिफंड की प्रक्रिया तेज करना शामिल है।

‘गिरफ्तारी’ हटेगी, विवाद वसूली से सुलझेंगे

अधिकारी के मुताबिक, प्रस्ताव है कि GST कानून से गिरफ्तारी के प्रावधान को हटा दिया जाए। इसके बजाय कर विवादों का निपटारा कर, ब्याज और जुर्माने की वसूली के जरिए किया जाएगा। मुकदमा चलाने की सीमा (प्रॉसिक्यूशन थ्रेशोल्ड) को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने का भी प्रस्ताव है। नौ अपराधों को पूरी तरह और एक अपराध को आंशिक रूप से अपराध की श्रेणी से बाहर (डिक्रिमिनलाइज) किया जा सकता है। 24 अपराधों के जुर्माने में राहत और 11 में मौजूदा प्रावधान बनाए रखने पर भी विचार होगा। न्यूनतम जेल की सजा को हटाकर सभी मामलों में जुर्माने का विकल्प देने का प्रस्ताव है।

ईमानदार खरीदारों को ‘सुरक्षा कवच’

फाइल फोटो: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)
फाइल फोटो: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स)

प्रस्ताव के मुताबिक, वैध बिल रखने वाला और आपूर्तिकर्ता को भुगतान कर चुका ईमानदार खरीदार अपना इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बरकरार रख सकेगा — भले ही आपूर्ति श्रृंखला में उससे ऊपर का आपूर्तिकर्ता चूक करे। वसूली की कार्रवाई चूक करने वाले आपूर्तिकर्ता के खिलाफ होगी। हालांकि, धोखाधड़ी में जानबूझकर शामिल पाए गए खरीदारों पर कार्रवाई जारी रहेगी।

क्यों संभव हुआ यह बदलाव?

अधिकारी ने बताया कि 2017 में कानून बनाते समय जो सुरक्षा प्रावधान रखे गए थे, उन्हें अब ढीला किया जा सकता है, क्योंकि व्यवस्था अनियमितताओं को बेहतर तरीके से पकड़ने में सक्षम हो गई है। इनवॉइस-मैचिंग प्रणाली विक्रेताओं के आंकड़ों को खरीदारों के ITC दावों से जोड़ती है, और इनपुट-आउटपुट लेजर की मैपिंग से पूरी श्रृंखला का हिसाब स्पष्ट हो जाता है। अधिकारी के शब्दों में, “नकली क्रेडिट अब वहीं पकड़ा जा सकता है, जहां से वह शुरू होता है।”

सोने-चांदी पर भी बड़ा प्रस्ताव

बैठक में सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात पर बैंकों और नामित एजेंसियों को मिली IGST छूट (3%) वापस लेने का प्रस्ताव भी विचार में आ सकता है। यह छूट 2017 से दी जा रही है। छूट हटने पर बुलियन एक्सचेंज और ये एजेंसियां कर के मामले में एक समान स्तर पर आ जाएंगी। सोने-चांदी का आयात विदेशी मुद्रा भंडार के लिहाज से सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है; भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता है। मई 2026 में सोने-चांदी पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% किया गया था।

पृष्ठभूमि: ‘GST 2.0’ का एजेंडा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पहले ही कह चुकी हैं कि 8 अक्टूबर की बैठक केवल प्रक्रिया सुधारों पर केंद्रित होगी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 करने, छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए पंजीकरण आसान बनाने और कारण बताओ नोटिस की न्यूनतम सीमा तय करने जैसे प्रस्ताव भी एजेंडे में हैं। सितंबर 2025 में परिषद ने चार स्लैब वाली दर व्यवस्था को दो स्तरीय संरचना में बदल दिया था, और इस बार दरों में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

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