नई दिल्ली ब्यूरो। राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने पूरे भारत में कूरियर नेटवर्क के जरिए सोने की तस्करी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। ‘ऑपरेशन बॉर्डर बुलियन बस्ट’ नाम से चलाई गई इस कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इस नेटवर्क का एक कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
6.61 किलो सोना जब्त, कीमत 10.36 करोड़
जांच के दौरान 6.61 किलोग्राम विदेशी सोने की छड़ें बरामद की गईं, जिनकी कीमत करीब 10.36 करोड़ रुपये आंकी गई है। सोना सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया है।
नौ महीने में 475 करोड़ का सोना भेजा
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कूरियर नेटवर्क के जरिए काम करता था और पिछले नौ महीनों में कूरियर के माध्यम से करीब 475 करोड़ रुपये मूल्य का 318 किलोग्राम तस्करी का सोना भेज चुका था।
भारत-बांग्लादेश सीमा से कूरियर तक
मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम बंगाल और असम में भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए विदेश से सोने की नियमित तस्करी और फिर कूरियर के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में भेजे जाने की पुख्ता सूचना मिलने के बाद DRI ने 23 और 24 सितंबर को कई शहरों में एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और गुवाहाटी में एक साथ जांच और तलाशी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गुवाहाटी और कोलकाता से मुंबई, दिल्ली और अहमदाबाद भेजने के लिए बुक की गई कूरियर की खेप में तस्करी का सोना मिला, जिसे जब्त कर लिया गया।

सात लेने वाले, तीन भेजने वाले और मास्टरमाइंड
मंत्रालय के अनुसार, इन खेपों को लेने पहुंचे सात लोगों को पकड़ा गया, जबकि कोलकाता में खेप भेजने वालों के ठिकानों पर एक साथ की गई तलाशी में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद की कार्रवाई में मुंबई से इस नेटवर्क के समन्वय और संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाला कथित मास्टरमाइंड भी गिरफ्तार किया गया। जांच में पता चला कि सोने को छोटी-छोटी खेपों में बांटकर कूरियर के जरिए भेजा जाता था, और भेजने व लेने वाले कागजी इकाइयां या ऐसे लोग थे जिनका सोने का कोई वैध कारोबार नहीं था। DRI अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रही है।
