डेस्क रिपोर्ट।
देश में नशे की तस्करी के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अपनी कार्रवाई और तेज कर दी है। खुफिया सूचना पर आधारित तीन अलग-अलग कार्रवाइयों में DRI ने करीब 7.1 किलोग्राम एम्फेटामाइन और करीब 3.1 किलोग्राम कोकीन जब्त की है। ये बरामदगियां बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नागपुर के बाहरी इलाके और नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर हुईं। तीनों मामलों में एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाइयां दर्शाती हैं कि तस्कर अब हवाई मार्ग के साथ-साथ सड़क मार्ग से भी नशीले पदार्थों की खेप एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं — और जांच एजेंसियां दोनों ही मोर्चों पर सतर्क हैं।
पहली कार्रवाई: बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 5.166 किलो एम्फेटामाइन
पहली कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 को हुई। विशेष खुफिया सूचना के आधार पर DRI अधिकारियों ने दिल्ली से बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे एक यात्री को रोका। उसके सामान की जांच में 5.166 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद हुआ।
बरामद पदार्थ को स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ (NDPS) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।
दूसरी कार्रवाई: नागपुर के पास बस यात्री के बैग से 1.97 किलो बरामद
दो दिन बाद, एक अन्य खुफिया कार्रवाई में DRI अधिकारियों ने दिल्ली से हैदराबाद जा रही बस में सवार एक भारतीय नागरिक को नागपुर के बाहरी क्षेत्र सावनेर के पास खापा फाटा के निकट रोका।
उसके बैगपैक की जांच में एक नए लेडीज सूट के अंदर छिपाया गया सफेद क्रिस्टल जैसा पदार्थ मिला। बैग असामान्य रूप से भारी लगने पर अधिकारियों ने उसकी अंदरूनी परत (लाइनिंग) की जांच की, तो वहां एक और पैकेट छिपा मिला, जिसमें भी वैसा ही पदार्थ था। मौके पर किए गए फील्ड परीक्षण में पदार्थ के एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई। कुल 1.97 किलोग्राम एम्फेटामाइन बरामद कर NDPS अधिनियम के तहत जब्त किया गया और यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया।
यह मामला दिखाता है कि तस्कर रोजमर्रा के सामान और कपड़ों के भीतर छिपाकर नशे की खेप अंतरराज्यीय बसों से भेजने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं।
तीसरी कार्रवाई: दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर घाना से आए यात्री के पास 3.134 किलो कोकीन
तीसरी कार्रवाई 15/16 अक्टूबर को नई दिल्ली के IGI हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर हुई। खुफिया सूचना पर DRI अधिकारियों ने घाना से आए एक भारतीय यात्री को रोका। उसके सामान की व्यवस्थित जांच में छह पारदर्शी पैकेटों में भरा सफेद पाउडर मिला, जिसका कुल वजन 3.134 किलोग्राम था। फील्ड परीक्षण में इसके कोकीन होने की पुष्टि हुई।
पदार्थ को NDPS अधिनियम, 1985 के तहत जब्त कर यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया। इस बरामदगी से अंतरराष्ट्रीय मार्गों से भारत में कोकीन लाने के प्रयास का भी संकेत मिलता है, जिसकी जांच एजेंसियां आगे पड़ताल कर रही हैं।
NDPS एक्ट के तहत आगे की जांच जारी
तीनों ही मामलों में जब्ती NDPS अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत की गई है। यह कानून नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है — बड़ी मात्रा में बरामदगी के मामलों में दोषियों को लंबी कैद और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। गिरफ्तार व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर एजेंसियां यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि इन खेपों के पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है और इनका अंतिम गंतव्य क्या था।
DRI क्या है और क्यों अहम हैं ये कार्रवाइयां
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) भारत की शीर्ष तस्करी-रोधी खुफिया एजेंसी है, जो वित्त मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है। सोने और विदेशी मुद्रा की तस्करी से लेकर नशीले पदार्थों तक — सीमा शुल्क से जुड़े अपराधों की खुफिया जानकारी जुटाना और उन पर कार्रवाई करना इसका मुख्य कार्य है।
एम्फेटामाइन और कोकीन जैसे सिंथेटिक व महंगे नशीले पदार्थ बड़े शहरों की पार्टी संस्कृति और युवा वर्ग में तेजी से फैल रहे हैं, इसलिए इन्हें देश के भीतर पहुंचने से पहले ही रोकना एजेंसियों की प्राथमिकता है। एक ही सप्ताह में तीन अलग-अलग शहरों और तीन अलग-अलग मार्गों — घरेलू उड़ान, अंतरराज्यीय बस और अंतरराष्ट्रीय उड़ान — पर हुई ये बरामदगियां बताती हैं कि तस्कर हर रास्ता आजमा रहे हैं और DRI की खुफिया निगरानी भी उतनी ही व्यापक है।
फोटो: IGI हवाई अड्डा, नई दिल्ली (सांकेतिक चित्र)
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