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हेल्थ टिप: दिवाली की सफाई में धूल से बचें — मास्क, हवा और सही तरीका अपनाएं, एलर्जी को दूर रखें

दिवाली की सफाई में धूल से बचाव हेल्थ टिप

डेस्क रिपोर्ट

सार: दिवाली की सफाई में धूल से बचाव अभी से करें — घर की महीनों पुरानी धूल, बंद अलमारी और स्टोर रूम की सफाई में उड़ते कण छींक, खांसी और एलर्जी बढ़ा सकते हैं, पर मास्क, हवा और सही तरीका अपनाकर सफाई सुरक्षित रखी जा सकती है।

दिवाली से पहले घर की सफाई का मौसम शुरू हो गया है — अलमारियां खाली हो रही हैं, स्टोर रूम खुल रहा है और महीनों से बंद पड़े कोने साफ हो रहे हैं। इसी के साथ धूल की समस्या भी शुरू हो जाती है — पुरानी धूल, माइट और फफूंद के कण हवा में घुलकर नाक, गले और फेफड़ों को परेशान कर सकते हैं। जिन्हें पहले से एलर्जी, अस्थमा या साइनस की शिकायत है, उनके लिए यह समय खास सावधानी का है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान आदतों से सफाई भी हो जाएगी और सेहत भी बची रहेगी। आज का राशिफल भी देखें। आज का पंचांग भी देखें।

मौसमी फल और सब्जियां (सांकेतिक चित्र)

दिवाली की सफाई में धूल से बचाव के लिए मास्क और हवा

सफाई शुरू करने से पहले कमरे की खिड़कियां खोल दें, ताकि धूल बाहर निकल सके और ताजी हवा आती रहे। झाड़ू की जगह गीले कपड़े से पोंछा लगाना बेहतर है — सूखी झाड़ू धूल को और उड़ा देती है। भारी धूल वाले काम, जैसे पंखे, अलमारी की ऊपरी सतह या स्टोर रूम की सफाई के समय साधारण कपड़े का मास्क या उपलब्ध हो तो एन95 मास्क पहनें। काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा ब्रेक लें और बाहर ताजी हवा में सांस लें।

पुराना सामान और केमिकल क्लीनर से सावधानी

महीनों बंद पड़े बक्से, किताबें और कपड़े बाहर धूप में रखकर झाड़ें, कमरे के अंदर नहीं। पुराने गद्दे, तकिए और पर्दे धोकर या धूप दिखाकर ही वापस लगाएं। तेज गंध वाले क्लीनर और ब्लीच का इस्तेमाल करते समय दस्ताने पहनें और कमरा हवादार रखें। दो अलग-अलग केमिकल क्लीनर कभी एक साथ न मिलाएं — इससे हानिकारक धुआं बन सकता है। सफाई के बाद हाथ-मुंह अच्छी तरह धोएं और कपड़े बदल लें, ताकि धूल बिस्तर तक न पहुंचे।

छींक, खांसी बढ़े तो क्या करें

सफाई के दौरान लगातार छींक, नाक बहना, आंखों में खुजली या खांसी बढ़े तो काम रोककर ताजी हवा में बैठें और गुनगुना पानी पिएं। धूल से बनी हल्की परेशानी आमतौर पर कुछ देर में ठीक हो जाती है, पर सांस फूलना, सीने में जकड़न या दम घुटने जैसा लगे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। अस्थमा के मरीज अपनी दवा और इनहेलर सफाई के समय पास रखें और अपना रूटीन डॉक्टर की सलाह से ही बदलें। मौसमी फल और सेहत पर जानकारी भी देखें। स्वास्थ्य से जुड़ी पिछली टिप भी पढ़ें।

डिस्क्लेमर: यह सामान्य स्वास्थ्य जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं। किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श लें।

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