इंदौर ब्यूरो। पूर्व भारतीय फुटबॉल कप्तान बाइचुंग भूटिया की फुटबॉल अकादमी अब इंदौर में खुल गई है। बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल (बीबीएफएस) ने इंदौर में अपना नया सेंटर शुरू किया है, जो मध्य प्रदेश में इस अकादमी का पहला केंद्र है। इस सेंटर के जरिए इंदौर और आसपास के युवा खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास फुटबॉल प्रशिक्षण मिलेगा।
मध्य प्रदेश का पहला सेंटर
मध्य प्रदेश में बीबीएफएस का यह पहला सेंटर है, जहां स्थानीय प्रतिभाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण देने का लक्ष्य है। अकादमी का उद्देश्य भारतीय फुटबॉल की उन चुनौतियों को दूर करना है, जिनमें युवाओं को सही मंच न मिलना और फुटबॉल संस्कृति का विकास न होना शामिल है। इंदौर सेंटर में प्रशिक्षण के साथ खेल के प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।

क्या है बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल
बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल की स्थापना 2010 में भूटिया ने दो आईआईटी पूर्व छात्रों के साथ मिलकर की थी। आज यह देश के सबसे बड़े ग्रासरूट फुटबॉल कार्यक्रमों में से एक है, जिसके देशभर के कई शहरों में केंद्र चल रहे हैं। अकादमी में प्रशिक्षित खिलाड़ियों को आयु-उपयुक्त प्रशिक्षण, योग्य कोच और संरचित विकास कार्यक्रम का लाभ मिलता है।
कौन हैं बाइचुंग भूटिया
सिक्किम के बाइचुंग भूटिया भारतीय फुटबॉल के सबसे बड़े नामों में गिने जाते हैं। वे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और स्ट्राइकर रहे हैं, जिन्हें निशानेबाजी कौशल के कारण ‘सिक्किमीज स्नाइपर’ भी कहा जाता है। भूटिया 1998 में अर्जुन पुरस्कार और 2008 में पद्म श्री से सम्मानित हो चुके हैं। 1999 में इंग्लैंड के क्लब बरी से जुड़कर वे यूरोपीय क्लब के साथ अनुबंध करने वाले पहले भारतीय फुटबॉलर बने थे। 2011 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया था।
फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 4.0, Arkarjun1)
