दिल्ली ब्यूरो। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि 2029 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भारी बहुमत के साथ जीत हासिल करेगा, जबकि कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का सामना करना पड़ेगा।
राहुल गांधी को सीधी चुनौती
शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लेते हुए कहा, “राहुल गांधी और उनके साथियों को 2029 में करारी हार के लिए तैयार रहना चाहिए।” गृह मंत्री ने दावा किया कि देश की जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है और आने वाले चुनाव में भी यही रुझान जारी रहेगा।
गुजरात की जीत का जिक्र
अमित शाह मीडिया से बातचीत के दौरान गुजरात के तीन स्थानीय निकायों में भारतीय जनता पार्टी की जीत का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों से लेकर लोकसभा तक, हर स्तर पर भाजपा को जनता का आशीर्वाद मिल रहा है। शाह के अनुसार, यही रुझान 2029 के आम चुनाव में भी दिखेगा और एनडीए पहले से भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगा।
SIR और वोटर लिस्ट पर निशाना
गृह मंत्री ने राहुल गांधी पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि कांग्रेस उन राज्यों में भी चुनाव नहीं जीत पा रही है, जहां वह कभी मजबूत थी। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि कांग्रेस त्रिपुरा में पिछले 33 वर्षों से, पश्चिम बंगाल में 54 वर्षों से और गुजरात में 41 वर्षों से सत्ता से बाहर है।
शाह का तर्क था कि जो पार्टी दशकों से कई राज्यों में जीत नहीं पा रही, वह राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं है।
कांग्रेस का पलटवार
शाह के इस दावे पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने गृह मंत्री के बयान को “खोखली धमकी और दिखावा” करार देते हुए कहा कि शाह के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं।
जयराम रमेश ने कथित “वोट चोरी” के मुद्दे पर भी शाह पर निशाना साधा और कहा कि भाजपा चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने के बजाय बड़े-बड़े दावे कर रही है।
पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा नीत एनडीए ने लगातार तीसरी बार केंद्र में सरकार बनाई थी, जबकि कांग्रेस नीत विपक्षी गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस 2014, 2019 और 2024 — तीनों आम चुनावों में भाजपा से हारी है।
वहीं, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी इस मुद्दे को लेकर कई राज्यों में अभियान चला रहे हैं, जबकि भाजपा इसे एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रही है।
2029 के लोकसभा चुनाव में अभी ढाई साल से अधिक का समय बाकी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग अभी से तेज हो गई है।
फोटो: सौजन्य विकिमीडिया कॉमन्स (PIB/गृह मंत्रालय)
