आज रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को विक्रम संवत् 2083 में आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। सूर्योदय के समय तिथि नवमी है और चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे। आज पुनर्वसु नक्षत्र दिनभर रहेगा और परिघ योग दोपहर तक, उसके बाद शिव योग लगेगा। धार्मिक दृष्टि से आज नवमी श्राद्ध (मातृ नवमी) का दिन है और जीवित्पुत्रिका व्रत का पारण भी आज सुबह हो रहा है।
ज्योतिषीय गणना के अनुसार आज अभिजीत मुहूर्त सुबह लगभग 11:51 से दोपहर 12:38 बजे तक रहेगा — नए कार्य, खरीदारी या महत्वपूर्ण निर्णय के लिए यह समय शुभ माना जाता है। विजय मुहूर्त दोपहर बाद करीब 2:26 से 3:14 बजे तक है। राहुकाल शाम लगभग 4:41 से 6:11 बजे तक रहेगा, इस दौरान नए काम शुरू करने से बचें। सूर्योदय सुबह लगभग 6:18 बजे और सूर्यास्त शाम लगभग 6:10 बजे होगा।
करण की बात करें तो दिन में तैतिल करण रहेगा और शाम के बाद गर करण लगेगा। चंद्रमा शाम के बाद मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ब्रह्म मुहूर्त प्रातः करीब 4:43 से 5:41 बजे के बीच है — ध्यान-पूजन के लिए उत्तम समय माना जाता है।
आज पितृपक्ष की नवमी है, जिसे मातृ नवमी भी कहते हैं — इस दिन दिवंगत माताओं, बहनों और सुहागिन महिलाओं के निमित्त श्राद्ध-तर्पण का विशेष महत्व माना जाता है। साथ ही, 3 अक्टूबर को रखा गया जीवित्पुत्रिका (जितिया) व्रत आज सुबह पारण के साथ पूर्ण हो रहा है — पारण का समय सुबह लगभग 6:15 बजे के बाद माना गया है। व्रती महिलाएं पारण से पहले दान-पुण्य का भी पालन करती हैं।
