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भोपाल में कल राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा: अटल पथ से रोशनपुरा तक कदमताल, सुबह 10 बजे से ट्रैफिक व्यवस्था

सांकेतिक चित्र: पदयात्रा के लिए सड़क पर चलता जनसमूह सांकेतिक चित्र

भोपाल ब्यूरो

सार: 4 नवंबर को भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ‘ पदयात्रा निकलेगी, जिसका नेतृत्व केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे। सुबह 10 बजे अटल पथ, टीटी नगर से शुरू होने वाली इस पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल होंगे। प्रशासन ने सुबह 8 बजे से ही कई मार्गों पर यातायात व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है, वहीं कांग्रेस ने धनतेरस की खरीदारी से ठीक पहले पदयात्रा का रूट बदलने या इसे स्थगित करने की मांग की है।

कल क्या होगा: समय, स्थान और नेतृत्व

भोपाल में 4 नवंबर को सुबह 10 बजे अटल पथ, टीटी नगर से भाजपा की पदयात्रा शुरू होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे और मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजनाथ सिंह की भागीदारी की पुष्टि करते हुए कहा है कि रक्षा मंत्री कल भोपाल आ रहे हैं और प्रदेश की ओर से उनका स्वागत किया जाता है।

पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे। आयोजकों के अनुसार, पदयात्रा से पहले सभा भी होगी, जिसे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल संबोधित करेंगे। भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने कार्यकर्ताओं के साथ तैयारी बैठक की है और हर बूथ से भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है।

यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश में इस अभियान का तीसरा बड़ा चरण है। इससे पहले इंदौर में 30 अक्टूबर और जबलपुर में 2 नवंबर को इसी अभियान के तहत पदयात्राएं आयोजित की गई थीं। भोपाल का कार्यक्रम इस कड़ी की अगली और राजधानी स्तर की बड़ी प्रस्तुति के रूप में देखा जा रहा है।

अभियान की पृष्ठभूमि: यह पदयात्रा क्यों निकाली जा रही है

भाजपा का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलाया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर की जा रही आलोचना का जवाब देने के लिए शुरू किया गया है। भाजपा का कहना है कि वह इस अभियान के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता के मुद्दे पर अपना पक्ष जनता के सामने रख रही है।

दूसरी ओर, कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठाती रही है और उसने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर भ्रम फैला रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि वह मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर अपनी चिंताएं उठा रही है। इस टकराव ने ही इस अभियान को राजनीतिक बहस का केंद्र बना दिया है।

मध्यप्रदेश में अभियान की शुरुआत इंदौर से हुई, जहां 30 अक्टूबर को पदयात्रा निकली और सभा के साथ इसका समापन हुआ। इसके बाद 2 नवंबर को जबलपुर में कार्यक्रम हुआ। भोपाल का कार्यक्रम अब इस अभियान के समापन से ठीक पहले राजधानी में आयोजित हो रहा है, इसलिए इसे पार्टी की ओर से विशेष महत्व दिया जा रहा है।

सांकेतिक चित्र

रूट और ट्रैफिक व्यवस्था: कहां से कहां तक जाएगी पदयात्रा

रिपोर्टों के अनुसार, भोपाल की पदयात्रा अटल पथ से रोशनपुरा चौराहे तक निकाली जाएगी। यातायात व्यवस्था की योजना में इस कार्यक्रम को अटल पथ से एपेक्स बैंक चौराहे तक फैली बड़ी रैली के रूप में भी दर्ज किया गया है। यानी मुख्य मार्ग अटल पथ, टीटी नगर क्षेत्र और उससे जुड़े रोशनपुरा-एपेक्स बैंक क्षेत्र के आसपास रहेगा।

पुलिस की यातायात योजना के अनुसार, सुबह 8 बजे से ही कई मार्गों पर भीड़ और धीमी गति की स्थिति बन सकती है। जिन मार्गों पर विशेष ध्यान रखने को कहा गया है, उनमें भदभदा चौराहे और भारत माता चौराहे से जवाहर चौक की ओर जाने वाला मार्ग, एमएएनआईटी से माता मंदिर होते हुए रोशनपुरा की ओर जाने वाला मार्ग, 1250 से लिंक रोड नंबर 1 होते हुए एपेक्स बैंक और रोशनपुरा की ओर जाने वाला मार्ग, कंट्रोल रूम से रोशनपुरा की ओर जाने वाला मार्ग और पॉलिटेक्निक चौराहे से बाणगंगा होते हुए रोशनपुरा की ओर जाने वाला मार्ग शामिल हैं।

बसों और वाहनों के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। यातायात योजना के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 40 से 50 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है, जो करीब 1,200 बसों और 2,000 चार पहिया वाहनों से आएंगे। विदिशा और रायसेन की ओर से आने वाली बसों को पटेल नगर, खजूरी कलां गांव चौराहा, पिपलानी रोड, महात्मा गांधी चौराहा, चेतक ब्रिज, बोर्ड ऑफिस, लिंक रोड नंबर 1, एपेक्स बैंक और टीटी क्रॉस होते हुए ले जाया जाएगा। टीटी नगर स्टेडियम के पास प्रतिभागियों को उतारने के बाद इन बसों को विधायक विश्राम गृह परिसर में खड़ा किया जाएगा।

अन्य दिशाओं से आने वाली बसों को अटल पथ के पास प्रतिभागियों को उतारने के बाद तुलसी नगर के अंबेडकर पार्क के पास खड़ा किया जाएगा और वापसी में वहीं से लिया जाएगा। टीटी नगर स्टेडियम के पास उतारने वाली कुछ बसों को लाल परेड ग्राउंड, रवींद्र भवन या खटलापुरा रोड पर खड़ा करने की व्यवस्था भी योजना में दर्ज है। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम रहे और पदयात्रा के दौरान आवाजाही नियंत्रित रह सके।

कांग्रेस की आपत्ति: धनतेरस से पहले रूट बदलने या स्थगित करने की मांग

इस पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस नेता अभिनव बरोलिया माली ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष को पत्र लिखकर पदयात्रा का रूट बदलने या इसे स्थगित करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि धनतेरस और दीपावली से ठीक पहले न्यू मार्केट, जवाहर चौक, रोशनपुरा और भोपाल के मध्यवर्ती व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचेंगे। ऐसे में पदयात्रा के कारण यातायात बाधित होने और जाम लगने की आशंका है।

पत्र में यह भी कहा गया है कि धनतेरस और दीपावली व्यापारियों के लिए साल के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी अवसरों में शामिल हैं। इस दौरान बाजारों तक पहुंच बाधित होने से व्यापार प्रभावित हो सकता है। कांग्रेस नेता ने भाजपा नेतृत्व से राजनीतिक आयोजन के बजाय आम लोगों की सुविधा और व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है। पत्र में यह तर्क भी दिया गया है कि दिल्ली में कांग्रेस के प्रदर्शनों के दौरान भाजपा और व्यापारी संगठनों की ओर से बाजारों में जाम और कारोबार प्रभावित होने की आपत्तियां उठाई गई थीं, इसलिए उसी तर्क के आधार पर भोपाल में भी पदयात्रा के मार्ग पर पुनर्विचार होना चाहिए।

इस पत्र पर भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में दर्ज नहीं है। यानी कांग्रेस की आपत्ति सार्वजनिक है, लेकिन उस पर भाजपा का जवाब अभी सामने नहीं आया है। इस खबर में किसी भी पक्ष की ओर से कोई ऐसा बयान नहीं जोड़ा गया है, जो उपलब्ध रिपोर्टों में दर्ज न हो।

भीड़ के आंकड़ों में अंतर: आयोजकों का लक्ष्य और ट्रैफिक अनुमान अलग-अलग

इस कार्यक्रम को लेकर भीड़ के आंकड़ों में भी अंतर दिखाई देता है। शुरुआती योजना से जुड़ी रिपोर्टों में भाजपा की ओर से एक लाख समर्थकों को जुटाने के लक्ष्य का उल्लेख किया गया था। वहीं, यातायात व्यवस्था की योजना में 40 से 50 हजार प्रतिभागियों के पहुंचने का अनुमान दर्ज है।

ये दोनों आंकड़े अलग-अलग स्रोतों और अलग-अलग समय की योजनाओं से जुड़े हैं। एक लाख का आंकड़ा आयोजकों के लक्ष्य के रूप में सामने आया था, जबकि 40 से 50 हजार का आंकड़ा यातायात और पार्किंग व्यवस्था के लिए बनाए गए अनुमान के रूप में दर्ज है। वास्तविक उपस्थिति का आंकड़ा कार्यक्रम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। इसलिए इस खबर में किसी भी आंकड़े को अंतिम उपस्थिति के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, बल्कि दोनों को उनके स्रोत और संदर्भ के साथ रखा गया है।

आम लोगों के लिए सलाह: कल भोपाल में आवाजाही कैसे रखें

कल भोपाल में आवाजाही करने वाले लोगों के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा। सुबह 8 बजे से ही अटल पथ, टीटी नगर, रोशनपुरा, एपेक्स बैंक, जवाहर चौक और न्यू मार्केट क्षेत्र के आसपास यातायात धीमा रह सकता है। जो लोग इन क्षेत्रों से गुजरने की योजना बना रहे हैं, उन्हें समय में अतिरिक्त अंतर रखना चाहिए और पुलिस की ओर से बताए गए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना चाहिए।

धनतेरस की खरीदारी के लिए बाजार जाने वाले लोगों को भी सुबह के समय भीड़ का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए खरीदारी का समय और मार्ग पहले से तय करना बेहतर रहेगा। बसों और चार पहिया वाहनों के लिए तय पार्किंग स्थलों का पालन करने से भी मुख्य मार्गों पर दबाव कम होगा। पुलिस की ओर से की गई व्यवस्था का उद्देश्य पदयात्रा के साथ-साथ आम आवाजाही को भी नियंत्रित रखना है।

आगे क्या: कार्यक्रम के बाद क्या देखने को मिलेगा

कल की पदयात्रा के बाद इस अभियान का अगला चरण भी ध्यान में रहेगा। अभियान 5 नवंबर तक चलना है, इसलिए भोपाल के कार्यक्रम के बाद पार्टी की ओर से इस अभियान के समापन से जुड़ी गतिविधियां भी सामने आ सकती हैं। साथ ही, कांग्रेस की आपत्ति पर भाजपा की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह भी आगे की खबरों में स्पष्ट होगा।

भोपाल की पदयात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजधानी में हो रही है और इसमें केंद्रीय रक्षा मंत्री की मौजूदगी है। इससे पहले इंदौर और जबलपुर में हुए कार्यक्रमों के बाद भोपाल का कार्यक्रम इस अभियान की प्रदेश स्तरीय प्रस्तुति को पूरा करेगा। कार्यक्रम के बाद नेताओं के संबोधन और उसमें उठाए गए मुद्दों पर भी नजर रहेगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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