Headlines

दीपावली की खुशियों में साइबर ठगों से रहें सावधान: इंदौर पुलिस का संदेश, अनजान लिंक और APK से बचें, OTP किसी को न दें

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट।

इंदौर ब्यूरो

सार: दीपावली की रौनक और खरीदारी के बीच साइबर अपराधियों से सतर्क रहने का संदेश इंदौर पुलिस ने दिया है। ऑनलाइन शॉपिंग, आकर्षक डिस्काउंट, फर्जी गिफ्ट ऑफर और APK फाइल के जरिए ठग मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बना सकते हैं। अनजान लिंक पर क्लिक न करें, OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें, और धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस का संदेश: खुशियों में सतर्कता भी जरूरी

दीपावली का त्योहार खुशियों, रोशनी और खरीदारी का त्योहार है। घरों में दीप जलते हैं, बाजार सजते हैं और लोग अपनों के लिए उपहार खरीदते हैं। इसी रौनक के बीच साइबर अपराधी भी सक्रिय हो जाते हैं। इंदौर पुलिस ने दीपावली पर लोगों को संदेश देकर सतर्क किया है कि त्योहार की खुशियों में थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। एक गलत क्लिक या एक गलत फाइल डाउनलोड करना बैंक खाते तक ठगों की पहुंच बना सकता है।

संदेश में साफ कहा गया है कि त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग बढ़ जाती है और लोग छूट व ऑफर की तलाश में रहते हैं। इसी मौके का फायदा उठाकर साइबर अपराधी आकर्षक डिस्काउंट, फर्जी गिफ्ट ऑफर और APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए दीपावली की खरीदारी में जितना उत्साह हो, उतनी ही सावधानी भी जरूरी है।

त्योहार में ठग कैसे फंसाते हैं

साइबर ठगों का तरीका अक्सर एक जैसा होता है। पहले वे लुभावना ऑफर दिखाते हैं — भारी छूट, कैशबैक, मुफ्त गिफ्ट या लॉटरी जीतने का दावा। फिर उस ऑफर के साथ एक लिंक या फाइल भेजते हैं। जो व्यक्ति उस लिंक पर क्लिक कर देता है या वह फाइल अपने मोबाइल में डाल लेता है, उसका मोबाइल ठगों के नियंत्रण में आ सकता है। इसके बाद बैंक खाते से पैसा निकालना उनके लिए आसान हो जाता है।

त्योहार के समय लोग जल्दी में होते हैं और ऑफर की सच्चाई जांचे बिना क्लिक कर देते हैं। कई बार ठग जाने-माने ब्रांड या दुकान के नाम पर फर्जी पेज भी बना लेते हैं, जो देखने में असली लगता है। इसलिए कोई भी ऑफर अगर सामान्य से बहुत ज्यादा अच्छा लगे, तो उसे पहले संदेह की नजर से देखना ही समझदारी है।

सांकेतिक चित्र: दीपावली पर साइबर ठगी से सावधानी।
सांकेतिक चित्र: दीपावली पर साइबर ठगी से सावधानी।

अनजान लिंक और APK: सबसे बड़ा खतरा

पुलिस के संदेश में सबसे पहली चेतावनी अनजान लिंक और APK फाइल को लेकर है। किसी अनजान नंबर से आए मैसेज, ईमेल या सोशल मीडिया पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें। इसी तरह कोई अनजान APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। APK फाइलें आधिकारिक ऐप स्टोर के बाहर से मिलने वाली एप्लिकेशन फाइलें होती हैं, जिनमें खतरनाक प्रोग्राम छिपा हो सकता है।

एक बार ऐसी फाइल मोबाइल में आ जाए, तो वह मैसेज, संपर्क, फोटो और बैंकिंग जानकारी तक पहुंच बना सकती है। कई बार ऐसी फाइलें मोबाइल में छिपकर काम करती हैं और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। इसलिए ऐप हमेशा आधिकारिक स्टोर से ही लें और किसी के कहने पर कोई फाइल इंस्टॉल न करें, चाहे वह कितना भी जरूरी काम बताकर भेजी गई हो।

OTP, UPI PIN और बैंक जानकारी: किसी से साझा न करें

संदेश की दूसरी बड़ी चेतावनी OTP, UPI PIN और बैंक से जुड़ी जानकारी को लेकर है। यह जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। बैंक, पुलिस या कोई भी सरकारी संस्था फोन पर OTP या PIN नहीं मांगती। अगर कोई फोन करके खुद को बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या कस्टमर केयर बताकर OTP या PIN मांगे, तो समझ जाएं कि वह ठग है।

ठग अक्सर डर दिखाकर जानकारी निकलवाते हैं — खाता बंद होने, कार्ड ब्लॉक होने या पैसे फंसने की बात कहकर। ऐसे में घबराकर जानकारी दे देना सबसे बड़ी गलती है। फोन तुरंत काटें और संबंधित बैंक या संस्था के आधिकारिक नंबर पर खुद संपर्क करके सच्चाई जांचें।

फर्जी गिफ्ट और कैशबैक के झांसे से बचें

दीपावली पर गिफ्ट और कैशबैक के ऑफर की भरमार रहती है। पुलिस ने चेताया है कि फर्जी गिफ्ट, कैशबैक और लुभावने ऑफर के झांसे में न आएं। अगर कोई मैसेज कहे कि आपने बड़ा इनाम जीता है और उसे पाने के लिए छोटी सी फीस या जानकारी देनी है, तो वह लगभग तय रूप से ठगी है। असली इनाम कभी फीस या OTP मांगकर नहीं दिया जाता।

ऑनलाइन खरीदारी करते समय भी दुकान और वेबसाइट की पहचान जांचें। सिर्फ विज्ञापन देखकर भुगतान न करें। भरोसेमंद और जानी-पहचानी वेबसाइट या ऐप से ही खरीदारी करें, और भुगतान से पहले विक्रेता की जानकारी जरूर देख लें।

ऑनलाइन भुगतान से पहले QR और पेमेंट रिक्वेस्ट की जांच

ऑनलाइन भुगतान से पहले QR कोड और पेमेंट रिक्वेस्ट की जांच जरूर करें। भुगतान करते समय यह देखें कि पैसा किसके खाते में जा रहा है, रकम कितनी है और वह व्यक्ति या दुकान वही है या नहीं, जिससे आप लेन-देन करना चाहते हैं। जल्दबाजी में गलत QR स्कैन करना या गलत रिक्वेस्ट स्वीकार करना पैसे के नुकसान का कारण बन सकता है।

किसी अनजान व्यक्ति की भेजी पेमेंट रिक्वेस्ट को बिना जांचे स्वीकार न करें। अगर कोई खरीदारी के नाम पर पहले पैसे भेजने को कहे और सामान बाद में देने का वादा करे, तो उससे सतर्क रहें। त्योहार की खरीदारी में भी भुगतान की यह जांच हर बार करें, चाहे रकम छोटी ही क्यों न हो।

धोखाधड़ी हो जाए तो क्या करें: 1930 और cybercrime.gov.in

अगर फिर भी साइबर धोखाधड़ी हो जाए, तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत कार्रवाई करें। पुलिस के संदेश में कहा गया है कि साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी ही ज्यादा संभावना है कि ठगा गया पैसा रोका जा सके।

शिकायत करते समय ठग का नंबर, मैसेज, लिंक, ट्रांजैक्शन की जानकारी और समय संभालकर रखें। ये जानकारी जांच में काम आती है। साथ ही अपने बैंक को भी तुरंत सूचित करें ताकि खाते को सुरक्षित किया जा सके। दीपावली की खुशियां तभी पूरी हैं, जब आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे — इसलिए सतर्क रहें, सावधान रहें और दूसरों को भी सतर्क करें।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

दैनिक संपूर्ण प्रदेश — आपका अपना अख़बार