भोपाल ब्यूरो
सार: मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर भोपाल में तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर समारोह की शुरुआत की और कहा कि प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दूध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है, एमएसएमई को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है और कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक है।
मध्य प्रदेश के 71वें स्थापना दिवस पर राजधानी भोपाल में राज्योत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत की। इस अवसर पर स्वस्ति वाचन किया गया और मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को स्थापना दिवस की बधाई दी। समारोह में भाग ले रहे कलाकारों का स्वागत भी किया गया। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित मुख्य समारोह विकास, संस्कृति और देशभक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर पहुंचते ही सबसे पहले राज्य की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, विकास दीर्घा, महिला उद्यमिता मंडप और स्वाद-देशज व्यंजन मेले का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना विराट है और प्रदेश इस विरासत को नमन करता है। समारोह की शुरुआत भोपाल के शौर्य स्मारक में प्रदेश का स्थापना दिवस मनाकर की गई थी, जिसके बाद मुख्य कार्यक्रम लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित हुआ।
उद्योग और रोजगार में अग्रणी बन रहा प्रदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मध्य प्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दूध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे है और आने वाले समय में इन उपलब्धियों का और विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया, जिसके माध्यम से युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार देने का कार्य हुआ। वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें कृषि क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक तरक्की का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में अब तक 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश जमीन पर उतर चुका है और निवेश का यह क्रम लगातार जारी है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई क्षेत्र को 490 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग वर्ष के दौरान युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़े हैं और अब किसान कल्याण वर्ष में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की कृषि विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक है, जो देश में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। किसानों के हित में सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों से भूमि लेने पर उन्हें चार गुना राशि मुआवजे के रूप में दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है और सिंचित रकबा बढ़ने से किसानों की आय में सुधार हो रहा है।
कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं और बाजार तक पहुंच के विस्तार से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी मेहनत से ही प्रदेश कृषि के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि गांवों में ही रोजगार के अवसर पैदा हों।
दूध उत्पादन में पहले स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को देश में तीसरे स्थान से पहले स्थान पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुपालन, चारा प्रबंधन, दुग्ध संग्रहण और विपणन की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।
दूध उत्पादन में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ती है, विशेषकर महिलाओं और छोटे पशुपालकों को नियमित आमदनी का साधन मिलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों के माध्यम से गांव-गांव तक दूध संग्रहण का तंत्र मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में दूध उत्पादन बढ़ने से डेयरी उद्योग को भी गति मिलेगी और प्रसंस्करण इकाइयों में नए रोजगार पैदा होंगे।
प्रदर्शनियों और मंडपों का अवलोकन
राज्योत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने आधुनिक कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें खेती की नई तकनीक, उन्नत यंत्र और फसल विविधीकरण से जुड़ी जानकारियां प्रस्तुत की गई हैं। विकास दीर्घा में प्रदेश की विकास यात्रा, बड़ी परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक दिखाई गई है। महिला उद्यमिता मंडप में महिला स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
स्वाद-देशज व्यंजन मेले में प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय स्वादों की झलक देखने को मिल रही है। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से आम नागरिक प्रदेश की प्रगति, संस्कृति और परंपरा को एक ही स्थान पर देख सकते हैं। मुख्यमंत्री ने इन मंडपों में पहुंचकर आयोजकों और प्रतिभागियों से संवाद भी किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
राज्योत्सव के मंच पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह के शुभारंभ अवसर पर भव्य आतिशबाजी भी की गई, जिसने आकाश को रंगों से भर दिया। मुख्यमंत्री ने समारोह में भाग ले रहे कलाकारों का स्वागत किया और उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की।
तीन दिवसीय समारोह 3 नवंबर तक चलेगा, जिसमें मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां भी शामिल हैं। सांस्कृतिक गौरव यात्राओं और लोक कलाओं के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। राज्योत्सव का मंच प्रदेश की कला, संगीत, नृत्य और परंपरा का उत्सव बन गया है।
15 जनवरी को भोपाल में होगा सेना दिवस का आयोजन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को भोपाल सेना दिवस की आकर्षक गतिविधियों का साक्षी बनेगा। इस गरिमामय कार्यक्रम के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भोपाल आएंगे। सेना दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत भोपाल के शौर्य स्मारक से होगी।
सेना दिवस का आयोजन प्रदेश के लिए गौरव का अवसर होगा, जिसमें सशस्त्र बलों के शौर्य और पराक्रम को सम्मानित किया जाएगा। शौर्य स्मारक में इससे पहले 55 जिलों की मिट्टी से संकल्प वृक्ष रोपा जा चुका है, जो प्रदेश की एकता और शहीदों के प्रति सम्मान का प्रतीक है। सेना दिवस की तैयारियों को लेकर प्रशासन और सेना के बीच समन्वय से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
तीन दिवसीय समारोह और आगे की रूपरेखा
मध्य प्रदेश का 71वां स्थापना दिवस समारोह 1 से 3 नवंबर तक तीन दिनों तक चलेगा। समारोह के दौरान विकास प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है। राज्योत्सव का उद्देश्य प्रदेश की उपलब्धियों को जनता के सामने रखना और आने वाले समय की विकास योजनाओं की रूपरेखा साझा करना है।
आगे की रूपरेखा में निवेश की प्रक्रिया को और तेज करना, किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और दूध उत्पादन में प्रदेश को पहले स्थान पर पहुंचाना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग, रोजगार, कृषि, पर्यटन और विरासत संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति का क्रम जारी रहेगा। प्रदेश सरकार का संकल्प विकास और जनहित के कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
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