इंदौर ब्यूरो
सार: दीपावली के त्योहार पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इंदौर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर है। कार्बाइड गन और उससे जुड़ी विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल से होने वाले हादसों को रोकने के लिए पुलिस ने सभी जोन में विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत पटाखा दुकानों की सघन जांच की जा रही है। अवैध रूप से कार्बाइड गन की खरीद-फरोख्त और भंडारण करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, और इसकी सूचना देने के लिए क्राइम ब्रांच ने हेल्पलाइन नंबर 7049108283 जारी किया है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
दीपावली का त्योहार नजदीक है और इसके साथ ही बाजारों में पटाखों की रौनक बढ़ गई है। इसी बीच इंदौर पुलिस ने एक ऐसे खतरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो दिखने में मामूली लगता है, लेकिन हादसे की सूरत में बेहद गंभीर साबित हो सकता है। यह खतरा है कार्बाइड गन और उससे जुड़ी विस्फोटक सामग्री का। त्योहार के दिनों में इन चीजों का इस्तेमाल बढ़ जाता है, और हर साल इससे जुड़े हादसों की खबरें सामने आती हैं। इन्हीं हादसों को रोकने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने इस बार पहले से ही कमर कस ली है और पूरे शहर में अलर्ट घोषित कर दिया है। पुलिस का मकसद साफ है — त्योहार की खुशियां किसी परिवार के लिए हादसे में न बदलें। इसके लिए न सिर्फ कार्रवाई हो रही है, बल्कि लोगों को जागरूक करने का काम भी साथ-साथ चल रहा है।
कार्बाइड गन क्या है और क्यों है खतरनाक
कार्बाइड गन आमतौर पर पाइप, प्लास्टिक की बोतल या डिब्बे से बनाई जाती है, जिसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी की प्रतिक्रिया से बनने वाली गैस का इस्तेमाल होता है। इस गैस में आग लगने पर तेज धमाका होता है, जिसकी आवाज और झटका असली पटाखे से कम नहीं होता। यही वजह है कि यह दिखने में खिलौना लगने वाली चीज असल में एक खतरनाक विस्फोटक उपकरण बन जाती है। धमाके के समय पाइप या बोतल फट सकती है, जिससे आंख, हाथ और चेहरे पर गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। पास खड़े लोगों को भी इसकी चपेट में आने का डर रहता है। कई बार लोग इसे सस्ता और आसानी से बनने वाला विकल्प समझकर इस्तेमाल कर लेते हैं, लेकिन उन्हें इसके पीछे छिपे खतरे का अंदाजा नहीं होता। पुलिस का कहना है कि इसी भ्रम को तोड़ना इस अभियान का सबसे अहम मकसद है।
सभी जोन में सघन चेकिंग अभियान
इंदौर पुलिस दीपावली के दौरान कार्बाइड से बनने वाली गनों और अन्य विस्फोटक सामग्री के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी कर रही है। शहर के सभी जोन में पटाखा विक्रेताओं की दुकानों की सर्चिंग और चेकिंग की जा रही है। पुलिस की टीमें दुकानों पर जाकर यह देख रही हैं कि कहीं कार्बाइड गन या उससे जुड़ी सामग्री तो नहीं बेची जा रही। इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों की ओर से दुकानदारों को इस सामग्री के खतरों के बारे में समझाइश दी जा रही है। उन्हें साफ तौर पर बताया जा रहा है कि ऐसी सामग्री बेचना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि कानून के दायरे में भी आता है। दुकानदारों से अपील की जा रही है कि वे इस तरह की सामग्री न रखें और न ही बेचें, ताकि त्योहार के दिनों में कोई अप्रिय घटना न हो।

मोहल्ला मीटिंग से लोगों को किया जा रहा जागरूक
सिर्फ दुकानों की जांच ही नहीं, पुलिस आम लोगों तक भी पहुंच रही है। इसके लिए मोहल्ला मीटिंग आयोजित कर आम लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इन बैठकों में लोगों को बताया जा रहा है कि कार्बाइड गन कितनी खतरनाक हो सकती है और इसके इस्तेमाल से किस तरह के हादसे हो सकते हैं। खास तौर पर अभिभावकों से कहा जा रहा है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें इस तरह की चीजों से दूर रखें। पुलिस का मानना है कि जब तक लोग खुद इसके खतरे को नहीं समझेंगे, तब तक सिर्फ कार्रवाई से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसलिए जागरूकता को इस अभियान का उतना ही अहम हिस्सा बनाया गया है, जितना कि चेकिंग और कार्रवाई को।
अवैध खरीद-फरोख्त पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्बाइड गन या संबंधित सामग्री का अवैध क्रय-विक्रय, भंडारण, संग्रहण और उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इसका मतलब साफ है कि चाहे कोई इसे बेच रहा हो, खरीद रहा हो, अपने पास रख रहा हो या इस्तेमाल कर रहा हो — हर स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की टीमें इस पर लगातार नजर रख रही हैं और सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही हैं। त्योहार के दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज कर दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति इस खतरनाक सामग्री का धंधा न कर सके। पुलिस ने दुकानदारों और आम लोगों दोनों को चेतावनी दी है कि इस मामले में किसी तरह की ढील नहीं बरती जाएगी।
हेल्पलाइन नंबर जारी, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय
इस अभियान को और असरदार बनाने के लिए क्राइम ब्रांच ने हेल्पलाइन नंबर 7049108283 जारी किया है। अगर किसी को अपने आसपास कार्बाइड गन की अवैध खरीद-फरोख्त, भंडारण या इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो वह इस नंबर पर सूचना दे सकता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसका मकसद यह है कि लोग बिना किसी डर के आगे आकर जानकारी दे सकें। पुलिस का कहना है कि आम लोगों की सतर्कता ही इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत है, क्योंकि हर गली-मोहल्ले तक पुलिस की नजर एक साथ नहीं पहुंच सकती। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे इस हेल्पलाइन का इस्तेमाल करें और अपने शहर को सुरक्षित बनाने में मदद करें।
एडिशनल डीसीपी ने दी अभियान की जानकारी
इस अभियान की जानकारी एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने दी है। उन्होंने बताया कि दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है और कार्बाइड गन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दिनों में सुरक्षा से जुड़ा कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी जोन के थानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में नियमित चेकिंग करें और किसी भी तरह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई करें। पुलिस का यह भी कहना है कि लोगों का सहयोग मिलने पर इस खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पहले भी लग चुकी है रोक
कार्बाइड गन के खिलाफ यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले प्रदेशव्यापी रोक के तहत भी इस पर सख्ती की गई थी, और भोपाल में प्रतिबंध के तहत दो महीने की रोक भी लगाई गई थी। इन फैसलों के पीछे भी यही वजह थी कि त्योहारों के दौरान इस सामग्री से होने वाले हादसों को रोका जा सके। इंदौर में चल रहा यह अभियान उसी कड़ी का अगला कदम है, जिसमें अब जमीन पर उतरकर दुकानों की जांच और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि लगातार निगरानी और सख्ती से ही इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
सुरक्षित दीपावली के लिए लोगों से अपील
दीपावली खुशियों का त्योहार है, और पुलिस चाहती है कि हर परिवार इसे सुरक्षित तरीके से मनाए। इसके लिए लोगों से अपील की गई है कि वे सिर्फ लाइसेंसी दुकानों से ही पटाखे खरीदें, कार्बाइड गन जैसी खतरनाक सामग्री से पूरी तरह दूर रहें और बच्चों को इस तरह की चीजों के पास न जाने दें। अगर कहीं भी इस तरह की सामग्री बिकती या इस्तेमाल होती दिखे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 7049108283 पर सूचना दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। त्योहार की रौनक तभी सच्ची होगी, जब हर घर सुरक्षित रहेगा।
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